{"_id":"5d39fdaf8ebc3e6cca5d90b8","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd1810431172","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल एसोसिएशन ने नई स्कूल परिवहन सेवा को लेकर खड़े किए हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल एसोसिएशन ने नई स्कूल परिवहन सेवा को लेकर खड़े किए हाथ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूल एसोसिएशन ने नई स्कूल परिवहन सेवा को लेकर खड़े किए हाथ
हापुड़। हापुड़ इंडीपेडेंस स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन की बृहस्पतिवार को रॉयल पैलेस में बैठक हुई। बैठक में नई स्कूल परिवहन नियमावली को लेकर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने नई व्यवस्था से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ना बताया। उन्होंने महंगी परिवहन सेवा देने में असमर्थता भी जताई।
हापुड़ इंडीपेडेंस स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि स्कूल परिवहन सेवा को लेकर प्रशासन ने नई गाइड लाइन जारी की है। इससे स्कूल संचालक, अभिभावक पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इससे बसों में सीट बेल्ट, महिलाकर्मी, शिक्षक, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने नई व्यवस्था को के क्रियान्वयन पर प्रश्नचिन्ह भी लगाए। इस पर सभी प्रबंधक, निर्देशक व प्रधानाचार्यों ने भी सहमति व्यक्त की। कहा की इससे अभिभावकों पर करीब चार हजार रुपये तक खर्चा आएगा। जो कि स्कूल फीस से भी ज्यादा होगा। यह वर्तमान में एक अप्रैल से शुरू हुए सत्र में संभव नहीं है। इसका प्रभाव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी पड़ेगा। प्रबंधकों ने एक सुर में कहा कि अगर स्कूलों पर नियमों का हवाला देते हुए कार्रवाई की जाती है तो स्कूलों को वाहन सुविधा बंद करने पर विवश होना पड़ेगा।
इस दौरान राजेंद्र चौधरी, सुभाष खुराना, अभिषेक त्यागी, नदीश गुप्ता, सुनील शर्मा, अतर सिंह, छाया अग्रवाल, सुमन जैन रहे।
विज्ञापन
हापुड़। हापुड़ इंडीपेडेंस स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन की बृहस्पतिवार को रॉयल पैलेस में बैठक हुई। बैठक में नई स्कूल परिवहन नियमावली को लेकर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने नई व्यवस्था से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ना बताया। उन्होंने महंगी परिवहन सेवा देने में असमर्थता भी जताई।
हापुड़ इंडीपेडेंस स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि स्कूल परिवहन सेवा को लेकर प्रशासन ने नई गाइड लाइन जारी की है। इससे स्कूल संचालक, अभिभावक पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इससे बसों में सीट बेल्ट, महिलाकर्मी, शिक्षक, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने नई व्यवस्था को के क्रियान्वयन पर प्रश्नचिन्ह भी लगाए। इस पर सभी प्रबंधक, निर्देशक व प्रधानाचार्यों ने भी सहमति व्यक्त की। कहा की इससे अभिभावकों पर करीब चार हजार रुपये तक खर्चा आएगा। जो कि स्कूल फीस से भी ज्यादा होगा। यह वर्तमान में एक अप्रैल से शुरू हुए सत्र में संभव नहीं है। इसका प्रभाव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी पड़ेगा। प्रबंधकों ने एक सुर में कहा कि अगर स्कूलों पर नियमों का हवाला देते हुए कार्रवाई की जाती है तो स्कूलों को वाहन सुविधा बंद करने पर विवश होना पड़ेगा।
विज्ञापन
इस दौरान राजेंद्र चौधरी, सुभाष खुराना, अभिषेक त्यागी, नदीश गुप्ता, सुनील शर्मा, अतर सिंह, छाया अग्रवाल, सुमन जैन रहे।