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उमस भरी गर्मी से बूंदाबांदी ने दिलायी राहत
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धान की लिए संजीवनी बनी बारिश, उमस से मिली राहत
गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़। झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप से लोगों को राहत मिली। वहीं धान की रोपाई और फसलों को पानी मिलने से किसानों के चेहरे खिल उठे। शाम को बाजारों और सड़कों पर रौनक दिखाई दी।
रविवार की सुबह होते ही तेज धूप उमस भरी गर्मी ने हर किसी की दिक्कत बढ़ा दी. लेकिन दोपहर होते ही आकाश में बादल छा गए। दोपहर करीब ढाई बजे से लेकर तीन बजे तक जमकर बारिश हुई। बारिश थमने के बाद भी आकाश में बादल छाए रहे, जिससे देर शाम तक मौसम पूरी तरह खुशगवार रहा। सबसे ज्यादा फायदा उन किसानों को हुआ है, जो मंहगा डीजल फूंककर वैकल्पिक साधनों के माध्यम से धान की रोपाई और फसलों की सिंचाई करने के काम में जुटे हुए हैं। मुखिया मदहत बदरखा, मेजर भीष्म त्यागी बिहूनी, चुन्ने खां पौपाई का कहना है कि तीन दिन बाद रविवार की दोपहर में हुई झमाझम बारिश से अगले कई दिनों तक फसलों की सिंचाई और धान की रोपाई के लिए खेतों में पानी भरने के काम से निजात मिल गई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ.नफीस चौधरी का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में बिखरा हुआ चल रहा मानसून अब एकजुट होने लगा है, जिसके चलते रविवार को हापुड़ के साथ ही आसपास के कई जिलों समेत दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में रविवार को अपेक्षित बारिश होने से सभी वर्गों को राहत मिली है।
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गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़। झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप से लोगों को राहत मिली। वहीं धान की रोपाई और फसलों को पानी मिलने से किसानों के चेहरे खिल उठे। शाम को बाजारों और सड़कों पर रौनक दिखाई दी।
रविवार की सुबह होते ही तेज धूप उमस भरी गर्मी ने हर किसी की दिक्कत बढ़ा दी. लेकिन दोपहर होते ही आकाश में बादल छा गए। दोपहर करीब ढाई बजे से लेकर तीन बजे तक जमकर बारिश हुई। बारिश थमने के बाद भी आकाश में बादल छाए रहे, जिससे देर शाम तक मौसम पूरी तरह खुशगवार रहा। सबसे ज्यादा फायदा उन किसानों को हुआ है, जो मंहगा डीजल फूंककर वैकल्पिक साधनों के माध्यम से धान की रोपाई और फसलों की सिंचाई करने के काम में जुटे हुए हैं। मुखिया मदहत बदरखा, मेजर भीष्म त्यागी बिहूनी, चुन्ने खां पौपाई का कहना है कि तीन दिन बाद रविवार की दोपहर में हुई झमाझम बारिश से अगले कई दिनों तक फसलों की सिंचाई और धान की रोपाई के लिए खेतों में पानी भरने के काम से निजात मिल गई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ.नफीस चौधरी का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में बिखरा हुआ चल रहा मानसून अब एकजुट होने लगा है, जिसके चलते रविवार को हापुड़ के साथ ही आसपास के कई जिलों समेत दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में रविवार को अपेक्षित बारिश होने से सभी वर्गों को राहत मिली है।
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