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गंगा में डूब रहे परिवार के चार लोगों को बचाया
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ब्रजघाट गंगा में डूब रहे महिला बच्चों को बचाते गोताखोर।
- फोटो : GARH
गंगा में डूब रहे परिवार के चार लोगों को बचाया
गढ़मुक्तेश्वर। ब्रजघाट में रविवार को गंगा स्नान के दौरान डूब रहे दिल्ली निवासी एक ही परिवार के चार लोगों को गोताखोरों ने सकुशल बचा लिया। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उन्हें दिल्ली ले गए।
दिल्ली रोहिणी निवासी अरुण रविवार को अपने परिजन सविता, आयुष और रोहिणी के साथ ब्रजघाट में गंगा स्नान करने के लिए आया था। स्नान करने के लिए ये लोग नाव से गंगा पार अस्थाई घाट की तरफ चले गए और पुल के नीचे एक पिलर के पास स्नान करने लगे। इस दौरान अचानक गहरे जल में जाने के चलते परिवार के चारों सदस्य डूबने लगे। जिन्हें डूबता देखकर अन्य श्रद्धालुओं व पुरोहितों ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर तट पर गोताखोर मोटरबोट के जरिए मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने करीब 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद चारों को गंगा से सकुशल बाहर निकाल लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने चारों को स्थानीय चिकित्सक के यहां प्राथमिक उपचार दिलाया।
अस्थाई घाट पर हादसे का रहता है खतरा
श्री गंगा सेवा समिति अध्यक्ष विनय मिश्रा, गंगा सभा आरती संचालक कपिल नागर, नामित पालिका सभासद ओमप्रकाश पहलवान का कहना है कि गंगा के दूसरी तरफ जनपद अमरोहा का क्षेत्र है, जहां जलस्तर कम होने पर कुछ लोग अस्थाई घाट बना लेते हैं। भीड़ कम होने के चलते बाहरी श्रद्धालु दूसरी तरफ बने अस्थाई घाटों पर पहुंच जाते हैं, लेकिन वहां पर सुरक्षा के बैरिकेडिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते श्रद्धालु गहरे जल में पहुंच जाते है, इससे हर समय हादसों की संभावना बनी रहती है।
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कोट -
सीओ पवन कुमार का कहना है कि अस्थाई घाट जनपद अमरोहा क्षेत्र में हैं, इसके बावजूद भी कई बार अभियान चलाकर घाट हटवाए गए हैं। जल्द ही एक बार फिर टापू पर बनाए गए अस्थाई घाटों को हटवाया जाएगा। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। ब्रजघाट में रविवार को गंगा स्नान के दौरान डूब रहे दिल्ली निवासी एक ही परिवार के चार लोगों को गोताखोरों ने सकुशल बचा लिया। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उन्हें दिल्ली ले गए।
दिल्ली रोहिणी निवासी अरुण रविवार को अपने परिजन सविता, आयुष और रोहिणी के साथ ब्रजघाट में गंगा स्नान करने के लिए आया था। स्नान करने के लिए ये लोग नाव से गंगा पार अस्थाई घाट की तरफ चले गए और पुल के नीचे एक पिलर के पास स्नान करने लगे। इस दौरान अचानक गहरे जल में जाने के चलते परिवार के चारों सदस्य डूबने लगे। जिन्हें डूबता देखकर अन्य श्रद्धालुओं व पुरोहितों ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर तट पर गोताखोर मोटरबोट के जरिए मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने करीब 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद चारों को गंगा से सकुशल बाहर निकाल लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने चारों को स्थानीय चिकित्सक के यहां प्राथमिक उपचार दिलाया।
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अस्थाई घाट पर हादसे का रहता है खतरा
श्री गंगा सेवा समिति अध्यक्ष विनय मिश्रा, गंगा सभा आरती संचालक कपिल नागर, नामित पालिका सभासद ओमप्रकाश पहलवान का कहना है कि गंगा के दूसरी तरफ जनपद अमरोहा का क्षेत्र है, जहां जलस्तर कम होने पर कुछ लोग अस्थाई घाट बना लेते हैं। भीड़ कम होने के चलते बाहरी श्रद्धालु दूसरी तरफ बने अस्थाई घाटों पर पहुंच जाते हैं, लेकिन वहां पर सुरक्षा के बैरिकेडिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते श्रद्धालु गहरे जल में पहुंच जाते है, इससे हर समय हादसों की संभावना बनी रहती है।
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सीओ पवन कुमार का कहना है कि अस्थाई घाट जनपद अमरोहा क्षेत्र में हैं, इसके बावजूद भी कई बार अभियान चलाकर घाट हटवाए गए हैं। जल्द ही एक बार फिर टापू पर बनाए गए अस्थाई घाटों को हटवाया जाएगा। संवाद