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22 मई तक बढ़ाई ई-केवाईसी की तारीख, किसानों को मिली राहत
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22 मई तक बढ़ाई ई-केवाईसी की तारीख, किसानों को मिली राहत
गढ़मुक्तेश्वर। पीएम किसान सम्मान निधि की अग्रिम किस्त के लिए ई-केवाईसी की तारीखी बढ़ाने से किसानों को राहत मिली है। लेकिन अपात्रों से वसूली को लेकर सरकार सख्त हो गई है। अपात्रों को चिन्हित कर अभी तक दी गई किस्तों की वसूली की जाएगी।
कृषि विभाग के वरिष्ठ प्राविधिक सहायक सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त के लिए ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च थी, जिसे बढ़ाकर शासन द्वारा 22 मई तक कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुरानी साइट क्रैश करके नई साइट बनाई गई है, जिसमें प्रत्येक किसान अपना अंगूठे अथव फिंगर प्रिंट के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं। जो किसान ई-केवाईसी करा चुके हैं, उन्हें दोबारा कराने की आवश्यकता नहीं है। सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि जनपद हापुड़ में 118571 किसानों की ई-केवाईसी होनी है, लेकिन 5 अप्रैल तक केवल 9701 किसान ही ई-केवाईसी करा सके हैं। वहीं उन्होंने बताया कि किसान सम्मान निधि के मामले में प्रदेश सरकार का सख्त निर्देश है कि अपात्रों को किसी भी सूरत में इस योजना का लाभ न दिया जाए। यदि पति-पत्नी दोनों ही योजना का लाभ ले रहे हैं, तो उनके राशन कार्डों की जांच कराकर सत्यपान किया जाएगा। ऐसे भी कई मामले हैं, जिनमें किसान की मृत्यु हो चुकी है लेकिन परिवार के लोग अभी भी मृतक किसान के खाते से योजना का लाभ ले रहे हैं। वहीं अधिक कृषि भूमि वाले किसान भी योजना में नामांकन करा चुके हैं। इस तरह के लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। जिसके बाद योजना का लाभ ले रहे अपात्रों के खातों में पहुंच चुकी किस्तों की वसूली की जाएगी।
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गढ़मुक्तेश्वर। पीएम किसान सम्मान निधि की अग्रिम किस्त के लिए ई-केवाईसी की तारीखी बढ़ाने से किसानों को राहत मिली है। लेकिन अपात्रों से वसूली को लेकर सरकार सख्त हो गई है। अपात्रों को चिन्हित कर अभी तक दी गई किस्तों की वसूली की जाएगी।
कृषि विभाग के वरिष्ठ प्राविधिक सहायक सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त के लिए ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च थी, जिसे बढ़ाकर शासन द्वारा 22 मई तक कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुरानी साइट क्रैश करके नई साइट बनाई गई है, जिसमें प्रत्येक किसान अपना अंगूठे अथव फिंगर प्रिंट के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं। जो किसान ई-केवाईसी करा चुके हैं, उन्हें दोबारा कराने की आवश्यकता नहीं है। सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि जनपद हापुड़ में 118571 किसानों की ई-केवाईसी होनी है, लेकिन 5 अप्रैल तक केवल 9701 किसान ही ई-केवाईसी करा सके हैं। वहीं उन्होंने बताया कि किसान सम्मान निधि के मामले में प्रदेश सरकार का सख्त निर्देश है कि अपात्रों को किसी भी सूरत में इस योजना का लाभ न दिया जाए। यदि पति-पत्नी दोनों ही योजना का लाभ ले रहे हैं, तो उनके राशन कार्डों की जांच कराकर सत्यपान किया जाएगा। ऐसे भी कई मामले हैं, जिनमें किसान की मृत्यु हो चुकी है लेकिन परिवार के लोग अभी भी मृतक किसान के खाते से योजना का लाभ ले रहे हैं। वहीं अधिक कृषि भूमि वाले किसान भी योजना में नामांकन करा चुके हैं। इस तरह के लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। जिसके बाद योजना का लाभ ले रहे अपात्रों के खातों में पहुंच चुकी किस्तों की वसूली की जाएगी।
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