{"_id":"62488610cb28a611885166fe","slug":"hapur-news-garh-news-gbd236283814","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्व निरीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर से विरासत दर्ज कराने का प्रयास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्व निरीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर से विरासत दर्ज कराने का प्रयास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्व निरीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर से विरासत दर्ज कराने का प्रयास
गढ़मुक्तेश्वर। गांव पूठ में गोशाला की भूमि पर अवैध कब्जा करने को लेकर फर्जी तरीके से विरासत दर्ज कराने का मामला सामने आया है, मामले का खुलासा होने पर राजस्व कर्मियों ने आरोपी को हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया।
गढ़ तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) लीलू सिंह ने कोतवाली में तहरीर दी है, जिसमें बताया कि गांव पूठ के माजरे सालाहबाद में करीब 129 बीघा भूमि गणपति गंगा गोशाला ब्रजघाट के नाम पर दर्ज है, जिसके प्रबंधक स्वामी विजयानंद शिष्य फलहारी बाबा हैं। राजस्व निरीक्षक का आरोप है कि ऑनलाइन प्रक्रिया के अंतर्गत उक्त भूमि पर विरासत दर्ज कराने के लिए आवेदन प्राप्त हुआ था। जिसके बाद लेखपाल की आख्या प्राप्त हुई, लेकिन विरासत के अनुसार नाम का मिलान न होने के कारण आवेदन को निरस्त कर दिया गया। इसके बावजूद भी तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में लेखपाल के निजी सहायक ने एक रिपोर्ट तैयार कर राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर कर दिए और फर्जी विरासत दर्ज कराने के आदेश बनाकर खतौनी में दर्ज कराने के लिए तहसील में ही मौजूद राजपाल सिंह को दे दिए। लेकिन इस मामले को राजस्व कर्मियों ने गंभीरता से लिया, तो आदेश पर हो रहे हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। जिसके बाद आरोपी को राजस्व कर्मियों ने पकड़ लिया और कोतवाली पुलिस को सौंप दिया।
राजस्व निरीक्षक का कहना है कि इस संबंध में जब रिपोर्ट लगाने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुआ था, उसको तभी निरस्त कर दिया गया था, जिसके बाद लेखपाल के निजी सहायक ने फर्जी तरीके से हस्ताक्षर व आदेश तैयार करा दिए और विरासत में नाम दर्ज कराने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन
कोट-
तहसीलदार विवेक भदौरिया का कहना है कि आरोपी को पकड़ कर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले की विभागीय स्तर से भी जांच कराई जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि इस संबंध में आरोपी से पूछताछ की जा रही है, वहीं तहसील प्रशासन से भी आवश्यकता पड़ने पर मदद ली जाएगी। संवाद
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर। गांव पूठ में गोशाला की भूमि पर अवैध कब्जा करने को लेकर फर्जी तरीके से विरासत दर्ज कराने का मामला सामने आया है, मामले का खुलासा होने पर राजस्व कर्मियों ने आरोपी को हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया।
गढ़ तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) लीलू सिंह ने कोतवाली में तहरीर दी है, जिसमें बताया कि गांव पूठ के माजरे सालाहबाद में करीब 129 बीघा भूमि गणपति गंगा गोशाला ब्रजघाट के नाम पर दर्ज है, जिसके प्रबंधक स्वामी विजयानंद शिष्य फलहारी बाबा हैं। राजस्व निरीक्षक का आरोप है कि ऑनलाइन प्रक्रिया के अंतर्गत उक्त भूमि पर विरासत दर्ज कराने के लिए आवेदन प्राप्त हुआ था। जिसके बाद लेखपाल की आख्या प्राप्त हुई, लेकिन विरासत के अनुसार नाम का मिलान न होने के कारण आवेदन को निरस्त कर दिया गया। इसके बावजूद भी तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में लेखपाल के निजी सहायक ने एक रिपोर्ट तैयार कर राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर कर दिए और फर्जी विरासत दर्ज कराने के आदेश बनाकर खतौनी में दर्ज कराने के लिए तहसील में ही मौजूद राजपाल सिंह को दे दिए। लेकिन इस मामले को राजस्व कर्मियों ने गंभीरता से लिया, तो आदेश पर हो रहे हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। जिसके बाद आरोपी को राजस्व कर्मियों ने पकड़ लिया और कोतवाली पुलिस को सौंप दिया।
विज्ञापन
राजस्व निरीक्षक का कहना है कि इस संबंध में जब रिपोर्ट लगाने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुआ था, उसको तभी निरस्त कर दिया गया था, जिसके बाद लेखपाल के निजी सहायक ने फर्जी तरीके से हस्ताक्षर व आदेश तैयार करा दिए और विरासत में नाम दर्ज कराने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन
कोट-
तहसीलदार विवेक भदौरिया का कहना है कि आरोपी को पकड़ कर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले की विभागीय स्तर से भी जांच कराई जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि इस संबंध में आरोपी से पूछताछ की जा रही है, वहीं तहसील प्रशासन से भी आवश्यकता पड़ने पर मदद ली जाएगी। संवाद