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पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ गबन के आरोप में बैठी जांच
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पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ गबन के आरोप में बैठी जांच
गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र के गांव वैठ के पूर्व प्रधान और पंचायत सचिवों पर विकास कार्यों में अनियमितता के मामले में डीएम ने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जांच सौपी है।
निवासी रईस अहमद, इसरार अहमद और आदिल ने डीएम अनुज सिंह को शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने पूर्व ग्राम प्रधान समेत पंचायत सचिवों पर गंभीर आरोप लगाए थे। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2016 से 2021 तक गांव में प्राइमरी स्कूल नंबर 2 और कन्या पाठशाला की चहारदीवारी व गेट निर्माण कार्य में अनियमितता बरती गई। वहीं नाडा से बिना अनुमति गांव में सोलर लाइटों का भुगतान कर दिया गया। इसके अलावा भी निर्माण कार्यों, मरम्मत कार्यों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। पूर्व प्रधान व ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा 13वें वित्त, 14वां वित्त, चतुर्थ राज्य वित्त, केंद्रीय वित्त आयोग से प्राप्त करीब तीन करोड़ रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया गया। ग्रामीणों ने डीएम से विकास कार्याें की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी। डीएम अनुज सिंह ने आरोपों की जांच के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जांच अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया है। डीएम ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जल्द से जल्द जांच पूरी कर आख्या जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र के गांव वैठ के पूर्व प्रधान और पंचायत सचिवों पर विकास कार्यों में अनियमितता के मामले में डीएम ने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जांच सौपी है।
निवासी रईस अहमद, इसरार अहमद और आदिल ने डीएम अनुज सिंह को शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने पूर्व ग्राम प्रधान समेत पंचायत सचिवों पर गंभीर आरोप लगाए थे। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2016 से 2021 तक गांव में प्राइमरी स्कूल नंबर 2 और कन्या पाठशाला की चहारदीवारी व गेट निर्माण कार्य में अनियमितता बरती गई। वहीं नाडा से बिना अनुमति गांव में सोलर लाइटों का भुगतान कर दिया गया। इसके अलावा भी निर्माण कार्यों, मरम्मत कार्यों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। पूर्व प्रधान व ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा 13वें वित्त, 14वां वित्त, चतुर्थ राज्य वित्त, केंद्रीय वित्त आयोग से प्राप्त करीब तीन करोड़ रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया गया। ग्रामीणों ने डीएम से विकास कार्याें की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी। डीएम अनुज सिंह ने आरोपों की जांच के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जांच अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया है। डीएम ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जल्द से जल्द जांच पूरी कर आख्या जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। संवाद
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