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दिल्ली जा रहे भाकियू कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका
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आंदोलन में जा रहे भाकियू कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका
गढ़मुक्तेश्वर। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे भाकियू पदाधिकारियों और किसानों को पुलिस ने रोक लिया। जिसके बाद किसानों ने शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसओ सिंभावली को राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
सिंभावली क्षेत्र के गांव वैठ से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अमानत अली और मंडल उपाध्यक्ष हबीब चौधरी के नेतृत्व में शनिवार सुबह भाकियू पदाधिकारी और किसान एकत्र हुए। जो मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा के आह्वान पर आंदोलन में शामिल होने के लिए चल दिए। सूचना मिलते ही एलआईयू और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों को दिल्ली जाने से रोक दिया। जिसके बाद गुस्साए पदाधिकारियों ने शासन-प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हबीब चौधरी ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों का शोषण किया जा रहा है। वहीं विरोध करने पर पुलिस-प्रशासन द्वारा उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। किसान नेताओं को नजरबंद कर सरकार ओछी मानसिकता का परिचय दे रही है। जिसके बाद पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक संबोधित ज्ञापन एसओ राहुल चौधरी को सौंपा, जिसमें कृषि कानूनों को वापस लेने और किसान उत्पीड़न बंद करने की मांग की गई। ज्ञापन देने के बाद किसान सड़क से हटकर वापस गांव लौट गए। लेकिन कुछ पदाधिकारी निजी वाहनों से आंदोलने के लिए कूच कर गए। इस मौके पर मुंशी अबरार, मुबारिक, तस्लीम समेत दर्जनों किसान शामिल रहे। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे भाकियू पदाधिकारियों और किसानों को पुलिस ने रोक लिया। जिसके बाद किसानों ने शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसओ सिंभावली को राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
सिंभावली क्षेत्र के गांव वैठ से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अमानत अली और मंडल उपाध्यक्ष हबीब चौधरी के नेतृत्व में शनिवार सुबह भाकियू पदाधिकारी और किसान एकत्र हुए। जो मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा के आह्वान पर आंदोलन में शामिल होने के लिए चल दिए। सूचना मिलते ही एलआईयू और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों को दिल्ली जाने से रोक दिया। जिसके बाद गुस्साए पदाधिकारियों ने शासन-प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हबीब चौधरी ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों का शोषण किया जा रहा है। वहीं विरोध करने पर पुलिस-प्रशासन द्वारा उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। किसान नेताओं को नजरबंद कर सरकार ओछी मानसिकता का परिचय दे रही है। जिसके बाद पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक संबोधित ज्ञापन एसओ राहुल चौधरी को सौंपा, जिसमें कृषि कानूनों को वापस लेने और किसान उत्पीड़न बंद करने की मांग की गई। ज्ञापन देने के बाद किसान सड़क से हटकर वापस गांव लौट गए। लेकिन कुछ पदाधिकारी निजी वाहनों से आंदोलने के लिए कूच कर गए। इस मौके पर मुंशी अबरार, मुबारिक, तस्लीम समेत दर्जनों किसान शामिल रहे। संवाद
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