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ईओ पर शिकंजा कसने को अब आरटीआई का सहारा
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ईओ पर शिकंजा कसने को अब आरटीआई का सहारा
गढ़मुक्तेश्वर। रिश्वत लेने के आरोप में फंसी ईओ पर शिकंजा कसने को एंटी करप्शन टीम अब आरटीआई का सहारा लेगी। उनके कार्यकाल में कितने विकास कार्य और भुगतान के अलावा किन करीबी ठेकेदारों का दबदबा रहा। इसका ब्यौरा जुटाकर टीम आगे की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
ठेकेदार गौरव मिश्रा और उसके पिता महेंद्र शर्मा द्वारा किए गए निर्माण कार्यों का 50 लाख का पेमेंट दिलाने और उन्हें ब्लैक लिस्ट न करने की आड़ में दस लाख की रिश्वत मांगने का आरोप झेल रही गढ़ पालिका ईओ की दिक्कत और भी बढ़ने जा रही हैं। उन पर शिकंजा कसने को एंटी करप्शन टीम कानूनी स्तर से जुड़े सभी हथकंडों का सहारा लेने की तैयारी कर रही है। लखनऊ से बृहस्पतिवार को पालिका कार्यालय में जांच करने आए डीएसपी संदीप वर्मा ने मेरठ के एंटी करप्शन टीम इंचार्ज केपी सिंह से कहा कि आरटीआई कानून का सहारा लेकर ईओ के कार्यकाल में कौन कौन से विकास कार्य हुए, उनमें किन ठेकेदारों का दबदबा रहा, कितना पेमेंट अदा किया गया और कितना अभी बाकी है जैसे सभी पहलुओं पर विस्तार के साथ ब्यौरा जुटाया जाए। ताकि अदालती कार्रवाई के दौरान घपलेबाजी और रिश्वतखोरी से जुड़ी सारी रिपोर्ट पेश की जा सके।
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गढ़मुक्तेश्वर। रिश्वत लेने के आरोप में फंसी ईओ पर शिकंजा कसने को एंटी करप्शन टीम अब आरटीआई का सहारा लेगी। उनके कार्यकाल में कितने विकास कार्य और भुगतान के अलावा किन करीबी ठेकेदारों का दबदबा रहा। इसका ब्यौरा जुटाकर टीम आगे की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
ठेकेदार गौरव मिश्रा और उसके पिता महेंद्र शर्मा द्वारा किए गए निर्माण कार्यों का 50 लाख का पेमेंट दिलाने और उन्हें ब्लैक लिस्ट न करने की आड़ में दस लाख की रिश्वत मांगने का आरोप झेल रही गढ़ पालिका ईओ की दिक्कत और भी बढ़ने जा रही हैं। उन पर शिकंजा कसने को एंटी करप्शन टीम कानूनी स्तर से जुड़े सभी हथकंडों का सहारा लेने की तैयारी कर रही है। लखनऊ से बृहस्पतिवार को पालिका कार्यालय में जांच करने आए डीएसपी संदीप वर्मा ने मेरठ के एंटी करप्शन टीम इंचार्ज केपी सिंह से कहा कि आरटीआई कानून का सहारा लेकर ईओ के कार्यकाल में कौन कौन से विकास कार्य हुए, उनमें किन ठेकेदारों का दबदबा रहा, कितना पेमेंट अदा किया गया और कितना अभी बाकी है जैसे सभी पहलुओं पर विस्तार के साथ ब्यौरा जुटाया जाए। ताकि अदालती कार्रवाई के दौरान घपलेबाजी और रिश्वतखोरी से जुड़ी सारी रिपोर्ट पेश की जा सके।
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