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परिषदीय स्कूलों में 44 प्रतिशत छात्र अनुपस्थित, एमडीएम भी नहीं बना
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परिषदीय स्कूलों में 44 प्रतिशत छात्र अनुपस्थित, एमडीएम भी नहीं बना
हापुड़। कोरोना महामारी के बाद खुले स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही से छात्र संख्या नहीं बढ़ रही है। बीएसए के निरीक्षण में कक्षाओं में 44 प्रतिशत छात्र अनुपस्थित मिले। इस पर शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई गई। साथ ही अभिलेखों का लेखा जोखा रखने में घोर लापरवाही मिली, एक विद्यालय में मिड डे मील तक नहीं बना था। दो प्रधानाध्यापिकाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कोरोना महामारी के कारण महीनों तक स्कूल बंद रहे। अब स्कूल खुले करीब एक महीना बीत गया है, लेकिन परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या अभी भी संतोषजनक नहंीं है। जबकि कान्वेंट स्कूलों में छात्र संख्या 90 प्रतिशत तक हो गई है।
सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अर्चना गुप्ता ने सात विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें सभी विद्यालयों के अंदर छात्र संख्या कम मिली। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराए कार्यों का भी सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान दरियापुर के कंपोजिट विद्यालय में अभिलेख अव्यवस्थित मिले, इस पर प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है।
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वहीं, रझैड़ा के उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढने आए 45 छात्रों के लिए मिड डे मील तक नहीं बनाया गया। इस पर प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है। रझैड़ा के प्राथमिक विद्यालय में 148 में 83, बंगोली के प्राथमिक विद्यालय में 78 में 52, मुरादपुर कंपोजिट विद्यालय में 370 में 214, कंपोजिट विद्यालय सैना में 288 में 109, कंपोजिट विद्यालय दरियापुर में 141 में 99, उच्च प्राथमिक विद्यालय रझैड़ा में 74 में 45, उच्च प्राथमिक विद्यालय कुराना में 21 छात्रों में 16 हर उपस्थित मिले। इस दौरान बच्चों का बौद्धिक आंकलन भी किया।
छात्र संख्या बढ़ाएं, अभिलेखों को रखें दुरुस्त
विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने, मिड डे मील में लापरवाही नहीं बरतने, अभिलेखों को दुरस्त रखने, बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आगे भी निरीक्षण जारी रहेगा, स्पष्टीकरण का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - अर्चना गुप्ता, बीएसए
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हापुड़। कोरोना महामारी के बाद खुले स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही से छात्र संख्या नहीं बढ़ रही है। बीएसए के निरीक्षण में कक्षाओं में 44 प्रतिशत छात्र अनुपस्थित मिले। इस पर शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई गई। साथ ही अभिलेखों का लेखा जोखा रखने में घोर लापरवाही मिली, एक विद्यालय में मिड डे मील तक नहीं बना था। दो प्रधानाध्यापिकाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कोरोना महामारी के कारण महीनों तक स्कूल बंद रहे। अब स्कूल खुले करीब एक महीना बीत गया है, लेकिन परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या अभी भी संतोषजनक नहंीं है। जबकि कान्वेंट स्कूलों में छात्र संख्या 90 प्रतिशत तक हो गई है।
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सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अर्चना गुप्ता ने सात विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें सभी विद्यालयों के अंदर छात्र संख्या कम मिली। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराए कार्यों का भी सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान दरियापुर के कंपोजिट विद्यालय में अभिलेख अव्यवस्थित मिले, इस पर प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है।
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वहीं, रझैड़ा के उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढने आए 45 छात्रों के लिए मिड डे मील तक नहीं बनाया गया। इस पर प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है। रझैड़ा के प्राथमिक विद्यालय में 148 में 83, बंगोली के प्राथमिक विद्यालय में 78 में 52, मुरादपुर कंपोजिट विद्यालय में 370 में 214, कंपोजिट विद्यालय सैना में 288 में 109, कंपोजिट विद्यालय दरियापुर में 141 में 99, उच्च प्राथमिक विद्यालय रझैड़ा में 74 में 45, उच्च प्राथमिक विद्यालय कुराना में 21 छात्रों में 16 हर उपस्थित मिले। इस दौरान बच्चों का बौद्धिक आंकलन भी किया।
छात्र संख्या बढ़ाएं, अभिलेखों को रखें दुरुस्त
विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने, मिड डे मील में लापरवाही नहीं बरतने, अभिलेखों को दुरस्त रखने, बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आगे भी निरीक्षण जारी रहेगा, स्पष्टीकरण का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - अर्चना गुप्ता, बीएसए