‘गो कैशलेस, गो डिजीटल’ की अपील
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नोटों की किल्लत से जूझते लोगों को राहत देने के लिए भारत सरकार के नेशनल ई-गर्वनेंस प्रोजेक्ट (कॉमन सर्विस सेंटर) द्वारा गो कैशलेस गो डिजीटल का प्रसार प्रचारर करने पर बल दिया गया। इसके लिए ग्रुप भी गठित किए गए हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में ई-गर्वनेंस प्रोजेक्ट के क्षेत्रीय प्रबंधक मधुर गुप्ता ने कहा कि लोगों को अब कैशलेस की आवश्यकताओं को समझना होगा। दुनिया के अधिकतर विकसित देश कैशलेस हैं।
जहां नाम मात्र ही कैश में लेनदेन होता है। हमारे देश में यह स्थिति बिल्कुल उल्टी है। हमारा देश तेजी से विकास कर रहा है ऐसे हमें भी विकसित देशों की तरह कैशलेस होने पर बल देना होगा।
अरुण राणा ने कहा कि कैशलेस होने से देश से भ्रष्टाचार और कालाधन पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा और हर वर्ग को इसका लाभ मिलेगा। इस दौरान कैशलेस होने के लिए यूपीआई, ई-वैलेट, यूएसएसडी, कार्ड पीओएस, एईपीएस आदि व्यवस्थाओं के बारे में बताया गया।
लोगों को जागरूक करने और गो कैशलेस गो डिजीटल अभियान को सफल बनाने के लिए ग्रुप गठित किए गए जो लोगों के बीच जाकर उन्हें इसकी विशेषताओं की जानकारी देंगे। बैठक में कॉमन सर्विस सेंटर के वीएलई नौशाद अली, राहुल कंसल, अंकित यादव, रिजवान अहमद, महताब आलम, दीपचंद, राम करने, सुमित कुमार, दिलशाद मलिक उपस्थित थे।