{"_id":"6694025dd9417970340dea96","slug":"ganga-water-level-decreases-hapur-news-c-306-1-gha1001-108136-2024-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर हुआ कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर हुआ कम
Sun, 14 Jul 2024 10:22 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sun, 14 Jul 2024 10:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्रजघाट। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही गिरावट से बाढ़ की संभावना कम होने लगी है। रविवार को भी जलस्तर पांच सेंटीमीटर कम हुआ है। लेकिन खादर क्षेत्र के ग्रामीण अभी भी बाढ़ की आशंका से परेशान हैं।
पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश और बिजनौर बैराज से हजारों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से ब्रजघाट गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ोतरी हो रही थी, शुक्रवार को भी जल स्तर में 20 सेंटीमीटरर बढ़कर 197.90 मीटर तक पहुंच गया। लेकिन बारिश का सिलसिला कम होने के बाद बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज में भी कमी आई है। जिसके चलते शनिवार और रविवार को जलस्तर काफी कम हुआ है। मेरठ बाढ़ कंट्रोल रूम के अनुसार रविवार को ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 197.73 मीटर(समुंद्र तल से) दर्ज किया गया है, जो शनिवार के जलस्तर 197.78 से पांच सेंटीमीटर कम है।
वहीं खादर क्षेत्र गांव लठीरा के प्रधान निरंजन सिह का कहना है कि अभी बारिश का मौसम काफी बाकी है। मानसूनी बारिश के दौरान जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि हर साल जलस्तर बढऩे पर खादर क्षेत्र के कुदैनी की मढैय़ा, गडावली, रामपुर न्यामतपुर, भगवंतपुर, नयागांव इनायतपुर, रेतों वाली मढैय़ा समेत अन्य गांवों में आबादी तक गंगा का पानी पहुंचने से बाढ़ जैसे हालात बनते हैं। जिसके चलते लगभग हर साल ही ग्रामीणों को कुछ समय के लिए विस्थापितों जैसा जीवन बिताने के लिए बाढ़ राहत शिविरों की शरण लेनी पड़ती है। लेकिन बाढ़ को रोकने के लिए शासन और प्रशासनिक स्तर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
विज्ञापन
एसडीएम साक्षी शर्मा का कहना है कि जलस्तर कम होने के चलते फिलहाल बाढ़ की संभावना नहीं है। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। वहीं बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
विज्ञापन
पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश और बिजनौर बैराज से हजारों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से ब्रजघाट गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ोतरी हो रही थी, शुक्रवार को भी जल स्तर में 20 सेंटीमीटरर बढ़कर 197.90 मीटर तक पहुंच गया। लेकिन बारिश का सिलसिला कम होने के बाद बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज में भी कमी आई है। जिसके चलते शनिवार और रविवार को जलस्तर काफी कम हुआ है। मेरठ बाढ़ कंट्रोल रूम के अनुसार रविवार को ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 197.73 मीटर(समुंद्र तल से) दर्ज किया गया है, जो शनिवार के जलस्तर 197.78 से पांच सेंटीमीटर कम है।
विज्ञापन
वहीं खादर क्षेत्र गांव लठीरा के प्रधान निरंजन सिह का कहना है कि अभी बारिश का मौसम काफी बाकी है। मानसूनी बारिश के दौरान जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि हर साल जलस्तर बढऩे पर खादर क्षेत्र के कुदैनी की मढैय़ा, गडावली, रामपुर न्यामतपुर, भगवंतपुर, नयागांव इनायतपुर, रेतों वाली मढैय़ा समेत अन्य गांवों में आबादी तक गंगा का पानी पहुंचने से बाढ़ जैसे हालात बनते हैं। जिसके चलते लगभग हर साल ही ग्रामीणों को कुछ समय के लिए विस्थापितों जैसा जीवन बिताने के लिए बाढ़ राहत शिविरों की शरण लेनी पड़ती है। लेकिन बाढ़ को रोकने के लिए शासन और प्रशासनिक स्तर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
विज्ञापन
एसडीएम साक्षी शर्मा का कहना है कि जलस्तर कम होने के चलते फिलहाल बाढ़ की संभावना नहीं है। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। वहीं बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।