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Hapur News: हरिपुर के बाद गंगा धाम योजना को विकसित करेगा प्राधिकरण
Sat, 05 Jul 2025 11:17 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 05 Jul 2025 11:17 PM IST
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हापुड़। गढ़ के गांव बांगर में पिछले 15 साल से अधर में अटकी आवासीय कॉलोनी गंगा धाम को प्राधिकरण द्वारा जल्द विकसित किया जाएगा। हरिपुर के बाद प्राधिकरण की नजर इस योजना पर है। इसके लिए प्राधिकरण के अधिकारियों ने अधिकतर किसानों को मना लिया गया है। जल्द ही बाकी बची भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
गंगा धाम योजना को विकसित करने की कवायद प्राधिकरण ने वर्ष 2010 में शुरू की थी। योजना के तहत 198 किसानों की कुल 34.153 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना था। योजना में कुल 23 खसरे हैं। उस दौरान किसानों को आठ सौ प्रति मीटर के हिसाब से 5.55 हेक्टेयर भूमि का मुआवजा किसानों को दे दिया गया था। जबकि 4.5 हेक्टेयर भूमि के किसानों ने मुआवजा नहीं उठाया था। इसी दौरान 14.21 हेक्टेयर भूमि पर काबिज किसान मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट चले गए थे। कुल मिलाकर करीब 10 हेक्टेयर जमीन वाले किसान ऐसे थे जो न तो हाईकोर्ट गए और न ही प्राधिकरण उनसे करार कर पाया। अब प्राधिकरण की ओर से किसानों को साधा जा रहा है। इसमें अधिकतर से वार्ता के बाद सहमति प्राप्त हो चुकी है। ऐसे में जल्द ही इस योजना के विकसित होने की उम्मीद जगी है।
विशेषज्ञों की टीम बनाएगा प्राधिकरण
कालोनियों को आधुनिक तरीके से विकसित करने और अन्य कार्य पूरे करने के लिए प्राधिकरण द्वारा एक विशेषज्ञों की टीम को भी तैनात किया जाएगा। इनमें इंजीनियर, आर्किटेक्ट, प्लानिंग व फाइनेंस के विशेषज्ञ शामिल किए जाएंगे।
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दरअसल, वर्तमान में प्राधिकरण में स्टाफ की बड़ी कमी है। अवर अभियंता, सहायक अभियंता, ओएसडी, तहसीलदार, सचिव और राजस्व विभाग में भी कई पद खाली हैं। ऐसे में प्राधिकरण स्तर से कई कार्यों में देरी हो रही है। अब बड़ी योजनाओं को सही और आधुनिक तरीके से लागू करने के लिए यह योजना लागू की गई है।
इस संबंध में प्राधिकरण ने टेंडर निकाला है। इसके जरिए निजी कंपनियों को आमंत्रित किया गया है, जिनके पास विभिन्न प्रकार के विशेषज्ञ मौजूद रहते हैं। वर्तमान में प्राधिकरण की बाबूगढ़ में हरिपुर आवासीय योजना विकसित हो रही है। योजना के तहत अभी जमीन की खरीद चल रही है। जुलाई तक जमीन के सभी बैनामे कराने के लिए अधिकारी प्रयासरत हैं। जिससे कि अगस्त या सितंबर से प्लॉट की बिक्री शुरू हो सके। इसके बाद गंगाधाम योजना पर काम होगा।
कोट -
मामले में अधिकतर किसानों से वार्ता हो चुकी है। हरिपुर के साथ-साथ गंगाधाम को कॉलोनी को भी विकसित किया जाएगा। योजनाओं को सही तरीके से विकसित किया जाए, इसके लिए निजी विशेषज्ञों की तैनाती भी की जा रही है। - डॉ. नितिन गौड़, उपाध्यक्ष, प्राधिकरण।
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गंगा धाम योजना को विकसित करने की कवायद प्राधिकरण ने वर्ष 2010 में शुरू की थी। योजना के तहत 198 किसानों की कुल 34.153 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना था। योजना में कुल 23 खसरे हैं। उस दौरान किसानों को आठ सौ प्रति मीटर के हिसाब से 5.55 हेक्टेयर भूमि का मुआवजा किसानों को दे दिया गया था। जबकि 4.5 हेक्टेयर भूमि के किसानों ने मुआवजा नहीं उठाया था। इसी दौरान 14.21 हेक्टेयर भूमि पर काबिज किसान मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट चले गए थे। कुल मिलाकर करीब 10 हेक्टेयर जमीन वाले किसान ऐसे थे जो न तो हाईकोर्ट गए और न ही प्राधिकरण उनसे करार कर पाया। अब प्राधिकरण की ओर से किसानों को साधा जा रहा है। इसमें अधिकतर से वार्ता के बाद सहमति प्राप्त हो चुकी है। ऐसे में जल्द ही इस योजना के विकसित होने की उम्मीद जगी है।
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विशेषज्ञों की टीम बनाएगा प्राधिकरण
कालोनियों को आधुनिक तरीके से विकसित करने और अन्य कार्य पूरे करने के लिए प्राधिकरण द्वारा एक विशेषज्ञों की टीम को भी तैनात किया जाएगा। इनमें इंजीनियर, आर्किटेक्ट, प्लानिंग व फाइनेंस के विशेषज्ञ शामिल किए जाएंगे।
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दरअसल, वर्तमान में प्राधिकरण में स्टाफ की बड़ी कमी है। अवर अभियंता, सहायक अभियंता, ओएसडी, तहसीलदार, सचिव और राजस्व विभाग में भी कई पद खाली हैं। ऐसे में प्राधिकरण स्तर से कई कार्यों में देरी हो रही है। अब बड़ी योजनाओं को सही और आधुनिक तरीके से लागू करने के लिए यह योजना लागू की गई है।
इस संबंध में प्राधिकरण ने टेंडर निकाला है। इसके जरिए निजी कंपनियों को आमंत्रित किया गया है, जिनके पास विभिन्न प्रकार के विशेषज्ञ मौजूद रहते हैं। वर्तमान में प्राधिकरण की बाबूगढ़ में हरिपुर आवासीय योजना विकसित हो रही है। योजना के तहत अभी जमीन की खरीद चल रही है। जुलाई तक जमीन के सभी बैनामे कराने के लिए अधिकारी प्रयासरत हैं। जिससे कि अगस्त या सितंबर से प्लॉट की बिक्री शुरू हो सके। इसके बाद गंगाधाम योजना पर काम होगा।
कोट -
मामले में अधिकतर किसानों से वार्ता हो चुकी है। हरिपुर के साथ-साथ गंगाधाम को कॉलोनी को भी विकसित किया जाएगा। योजनाओं को सही तरीके से विकसित किया जाए, इसके लिए निजी विशेषज्ञों की तैनाती भी की जा रही है। - डॉ. नितिन गौड़, उपाध्यक्ष, प्राधिकरण।