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Hapur News: स्कूलों के निरीक्षण में फर्जीवाड़ा, शिक्षकों से भरवाई जा रही रिपोर्ट
Tue, 18 Jun 2024 10:48 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 18 Jun 2024 10:48 PM IST
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हापुड़। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों के निरीक्षण में फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। शिक्षकों के मोबाइल में प्रेरणा निरीक्षण एप डाउनलोड कराकर, बिना स्कूलों में जाए ही शिक्षकों से निरीक्षण आख्या भरवा रहे हैं। एक खंड शिक्षा अधिकारी का यह कृत्य उजागर हुआ है। उच्चाधिकारियों तक भी इसकी शिकायत हुई है।
दरअसल, बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता का बनाने के लिए शासन से अधिकारियों को विद्यालयवार निरीक्षण का लक्ष्य दिया जाता है। एक महीने में हर खंड शिक्षा अधिकारी को 40 स्कूलों का निरीक्षण करना होता है। लेकिन अधिकारी इसमें भी फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। एक खंड शिक्षा अधिकारी ने अपनी आईडी पर बने प्रेरणा निरीक्षण एप को एक शिक्षक के फोन में डाउनलोड करा दिया। दो स्कूलों का निरीक्षण भी करा दिया। इस मामले में अधिकारी और शिक्षक की चैटिंग भी हुई। कुल मिलाकर इस तरह निरीक्षण में फर्जीवाड़े से जहां स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं अधिकारियों की घोर लापरवाही भी सामने आ रही है। यह हाल तब है जब हापुड़ के स्कूलों में आए दिन हंगामे और अभद्रता जैसे मामले हो रहे हैं। यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पहुंच गया है।
स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बनी चिंताजनक
परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत छात्रों की संख्या बड़ी है। लेकिन उपस्थिति बेहद चिंताजनक है, जब भी सीडीओ या अन्य बड़े अधिकारियों का निरीक्षण होता है। छात्रों की कम उपस्थिति पर ही फटकार लगाई जाती है। फिर भी निरीक्षण में इस तरह की लापरवाही गंभीर मामला है।
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मामला जानकारी में नहीं
खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा किया निरीक्षण का ब्योरा उसी के फोन में डाउनलोड एप से अपलोड किया जाता है। शिक्षकों से इस तरह निरीक्षण अपलोड नहीं कराया जा सकता। इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो मामला गंभीर है। - मनोज गुप्ता, कार्यवाहक बीएसए।
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दरअसल, बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता का बनाने के लिए शासन से अधिकारियों को विद्यालयवार निरीक्षण का लक्ष्य दिया जाता है। एक महीने में हर खंड शिक्षा अधिकारी को 40 स्कूलों का निरीक्षण करना होता है। लेकिन अधिकारी इसमें भी फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। एक खंड शिक्षा अधिकारी ने अपनी आईडी पर बने प्रेरणा निरीक्षण एप को एक शिक्षक के फोन में डाउनलोड करा दिया। दो स्कूलों का निरीक्षण भी करा दिया। इस मामले में अधिकारी और शिक्षक की चैटिंग भी हुई। कुल मिलाकर इस तरह निरीक्षण में फर्जीवाड़े से जहां स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं अधिकारियों की घोर लापरवाही भी सामने आ रही है। यह हाल तब है जब हापुड़ के स्कूलों में आए दिन हंगामे और अभद्रता जैसे मामले हो रहे हैं। यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पहुंच गया है।
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स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बनी चिंताजनक
परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत छात्रों की संख्या बड़ी है। लेकिन उपस्थिति बेहद चिंताजनक है, जब भी सीडीओ या अन्य बड़े अधिकारियों का निरीक्षण होता है। छात्रों की कम उपस्थिति पर ही फटकार लगाई जाती है। फिर भी निरीक्षण में इस तरह की लापरवाही गंभीर मामला है।
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मामला जानकारी में नहीं
खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा किया निरीक्षण का ब्योरा उसी के फोन में डाउनलोड एप से अपलोड किया जाता है। शिक्षकों से इस तरह निरीक्षण अपलोड नहीं कराया जा सकता। इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो मामला गंभीर है। - मनोज गुप्ता, कार्यवाहक बीएसए।