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Hapur News: पटाखा ट्रेडिंग कंपनी पर फिर जांच करने पहुंची एसआईबी की टीम
Tue, 29 Oct 2024 09:13 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 29 Oct 2024 09:13 PM IST
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हापुड़। मेरठ रोड स्थित गोल्डन ट्रेडिंग कंपनी पर मंगलवार को गाजियाबाद की एसआईबी (विशेष अनुसंधान शाखा) की टीम फिर से जांच करने के लिए पहुंची। टीम में शामिल अधिकारियों ने भोजपुर स्थित गोदाम पर भी जांच की। इससे पहले व्यापारी ने एक करोड़ रुपये की जीएसटी जुर्माने के तौर पर जमा कर दी है। जबकि, विभागीय अधिकारियों को पांच कराेड़ की चोरी का अनुमान है। इसलिए ही व्यापारी जांच की कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे हैं।
सोमवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे एसआईबी की 25 सदस्यीय टीम ने कंपनी के मेरठ रोड स्थित कार्यालय और भोजपुर में स्थित गोदाम पर एक साथ छापा मारा। डिप्टी कमिश्नर बीके दीपांकर व वंदना सिंह ने बताया कि जिस समय कार्रवाई शुरू हुई थी, उस समय कंपनी के स्वामी अतुल चौकड़ायत माैके पर नहीं थे। उन्हें फोन करके बुलाया गया, लेकिन बार-बार बुलाने पर भी वह पूरी रात मौके पर नहीं आए। इस कारण टीम दस्तावेज की सही से जांच नहीं कर पाई। अधिकारियों ने मंगलवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे मेरठ रोड स्थित कार्यालय और गाजियाबाद के भोजपुर में स्थित पटाखा गोदाम पर सील लगा दी। इस गोदाम में करीब 40 लाख रुपये के पटाखे भी सील किए गए। गोल्डन फायर वर्क्स के नाम से यह गोदाम है, जिसके स्वामी वीरेंद्र सिंहल हैं। इस गोदाम का कार्यालय भी मेरठ रोड पर ही है।
मंगलवार को जमा कराए एक करोड़
बीके दीपांकर ने बताया कि अतुल चौकड़ायत द्वारा स्वयं अभी करीब एक करोड़ रुपये जुर्माने के तौर पर जमा किए हैं, लेकिन विभाग को करीब पांच करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का अंंदेशा है। व्यापारी के प्रार्थना-पत्र पर पुन: 15 सदस्यीय टीम जांच करने आई है। सील खोलते हुए जांच शुरू कर दी गई है।
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रिटर्न और ई-वे बिल में बड़ा अंतर
कंपनी द्वारा जो रिटर्न दाखिल की जा रही थीं, उसमें और ई-वे बिल में बड़ा अंतर मिला है। रिटर्न के मुकाबले जारी हुए ई-वे बिल बहुत कम के हैं। यहां तक कि कैश के फ्लो में भी बड़ा अंतर मिला है।
छापे को लेकर दूसरे दिन भी जानकारी करते रहे लोग
छापे की सूचना के बाद सोमवार को ही नगर के उद्यमी व व्यापारी कंपनी के कार्यालय पर पहुंच गए थे, लेकिन कंपनी स्वामी के वापस न आने पर सभी रात को वापस लौट आए थे। चर्चा है कि कुछ ने अधिकारियों से कार्रवाई न करने के लिए संपर्क भी साधा। मंगलवार को छापे की पुन: सूचना को लेकर लोग जानकारी करते दिखे।
गजरौला में कार्रवाई के बाद सक्रिय हुई टीम
डिप्टी कमिश्नर बीके दीपांकर ने बताया कि करीब 20 दिन पहले कंपनी स्वामी के गजरौला स्थित एक अन्य गोदाम पर मुरादाबाद क्षेत्र की टीम ने छापा मारा था। इसकी सूचना गाजियाबाद की टीम को मिली थी। इस सूचना के बाद से ही लगातार फर्म के कारोबार पर नजर रखी जा रही थी। गोदाम में आ रही माल की गाड़ियों सहित अन्य वाहनों पर लगातार विभाग के अधिकारी गुपचुप तरीके से नजर रखे हुए थे।
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सोमवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे एसआईबी की 25 सदस्यीय टीम ने कंपनी के मेरठ रोड स्थित कार्यालय और भोजपुर में स्थित गोदाम पर एक साथ छापा मारा। डिप्टी कमिश्नर बीके दीपांकर व वंदना सिंह ने बताया कि जिस समय कार्रवाई शुरू हुई थी, उस समय कंपनी के स्वामी अतुल चौकड़ायत माैके पर नहीं थे। उन्हें फोन करके बुलाया गया, लेकिन बार-बार बुलाने पर भी वह पूरी रात मौके पर नहीं आए। इस कारण टीम दस्तावेज की सही से जांच नहीं कर पाई। अधिकारियों ने मंगलवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे मेरठ रोड स्थित कार्यालय और गाजियाबाद के भोजपुर में स्थित पटाखा गोदाम पर सील लगा दी। इस गोदाम में करीब 40 लाख रुपये के पटाखे भी सील किए गए। गोल्डन फायर वर्क्स के नाम से यह गोदाम है, जिसके स्वामी वीरेंद्र सिंहल हैं। इस गोदाम का कार्यालय भी मेरठ रोड पर ही है।
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मंगलवार को जमा कराए एक करोड़
बीके दीपांकर ने बताया कि अतुल चौकड़ायत द्वारा स्वयं अभी करीब एक करोड़ रुपये जुर्माने के तौर पर जमा किए हैं, लेकिन विभाग को करीब पांच करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का अंंदेशा है। व्यापारी के प्रार्थना-पत्र पर पुन: 15 सदस्यीय टीम जांच करने आई है। सील खोलते हुए जांच शुरू कर दी गई है।
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रिटर्न और ई-वे बिल में बड़ा अंतर
कंपनी द्वारा जो रिटर्न दाखिल की जा रही थीं, उसमें और ई-वे बिल में बड़ा अंतर मिला है। रिटर्न के मुकाबले जारी हुए ई-वे बिल बहुत कम के हैं। यहां तक कि कैश के फ्लो में भी बड़ा अंतर मिला है।
छापे को लेकर दूसरे दिन भी जानकारी करते रहे लोग
छापे की सूचना के बाद सोमवार को ही नगर के उद्यमी व व्यापारी कंपनी के कार्यालय पर पहुंच गए थे, लेकिन कंपनी स्वामी के वापस न आने पर सभी रात को वापस लौट आए थे। चर्चा है कि कुछ ने अधिकारियों से कार्रवाई न करने के लिए संपर्क भी साधा। मंगलवार को छापे की पुन: सूचना को लेकर लोग जानकारी करते दिखे।
गजरौला में कार्रवाई के बाद सक्रिय हुई टीम
डिप्टी कमिश्नर बीके दीपांकर ने बताया कि करीब 20 दिन पहले कंपनी स्वामी के गजरौला स्थित एक अन्य गोदाम पर मुरादाबाद क्षेत्र की टीम ने छापा मारा था। इसकी सूचना गाजियाबाद की टीम को मिली थी। इस सूचना के बाद से ही लगातार फर्म के कारोबार पर नजर रखी जा रही थी। गोदाम में आ रही माल की गाड़ियों सहित अन्य वाहनों पर लगातार विभाग के अधिकारी गुपचुप तरीके से नजर रखे हुए थे।