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वित्त मंत्री जी! आम बजट को कर दो खास

Sun, 28 Feb 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला, हापुड़
अमर उजाला, हापुड़ Updated Sun, 28 Feb 2016 11:21 PM IST
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Finance Minister! special budget.
वित्त मंत्री अरुण जेटली के आम बजट से लोग इस बार राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कारोबारी, नौकरीपेशा, स्कूल संचालक, बिल्डर, आईटी क्षेत्र, गृहणी और उद्योगपति सभी को सरकार से अपेक्षाएं हैं।
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बजट से कृषि-उद्योग और रोजगार-स्वास्थ्य सभी को कुछ खास मिलने की चाहत है। सभी क्षेत्रों के विशेषज्ञों का मानना है कि बजट उलझा हुआ और लुभावना होने की बजाय, सीधे लाभ पहुंचाने वाला हो।
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बजट की धनराशि का फायदा सीधे उपभोक्ताओं को मिले और योजनाएं महज बजट तक न रह जाएं। मेक इन इंडिया का असर बजट में दिखना चाहिए।

बजट में प्रदूषण नियंत्रण और शुद्ध पेयजल की योजनाओं को भी स्थान मिलना चाहिए। रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत सुविधाएं आसानी से लोगों को उपलब्ध हों। महंगाई कम हो।
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मेक इन इंडिया का नारा देने के बावजूद उद्योग मंदी की मार से परेशान हैं। चीन सहित विदेशों केउत्पाद उपभोक्ताओं को सस्ता पड़ रहे हैं, ऐसे में अपने उद्योगों पर मंदी की मार पड़ रही है।

उद्योगपति चाहते हैं कि देश केसभी प्रदेशों में एक समान टैक्स, बिजली दरें, बैंक दरें, भूमि आदि मिलनी चाहिए, जिससे उद्योगों को यहां से वहां लेकर दौड़ने की जरूरत न हो।

आईआईए के चैप्टर चेयरमैन अमन गुप्ता का कहना है कि आयकर में पांच लाख तक टैक्स में छूट मिलनी चाहिए और एक्साइज में 2.5 करोड़ तक छूट होनी चाहिए।

इससे उद्यमियों को राहत मिलेगी और उद्योगों की संख्या बढ़ेगी। बजट से उद्यमियों को काफी उम्मीदें हैं। धीरखेड़ा इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज गुप्ता का कहना है कि जो उद्योग प्रदूषण नहीं फैला रहे उन्हें एक्साइज में छूट मिलनी चाहिए।

उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। आयकर में छूट मिलनी चाहिए। हापुड़ स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंहल का कहना है कि देश भर में जीएसटी समान होना जरूरी है, बजट में एक्साइज कम किये जाने की उम्मीद जतायी है।

उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल नगराध्यक्ष मूलचंद सिंघल कहते हैं कि  एक्साइज छूट सीमा बढ़ाकर 5 करोड़ किया जाना जरूरी है। व्यापारी नेता अनिल गोयल का कहना है कि व्यापारियों पर पहले ही वैट का बोझ थोपा हुआ है, इसलिए एक्साइज छूट सीमा में इजाफा किया जाना बेहद जरूरी है।

ततारपुर निवासी किसान अरुण चौधरी का कहना है कि बजट में कृषि उत्पादन यंत्रों को सस्ता किए जाने के साथ साथ किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाया जाए। श्यामपुर निवासी किसान लल्लू सिंह का कहना है कि खेती दिनों दिन घाटे का सौदा साबित हो रही है।

गृहणी कविता शर्मा का कहना है कि खाद्य वस्तुओं के साथ-साथ तेल, दाल, सब्जी व अन्य सामानों की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाई जाए। महंगाई कम कर किचन के बजट को राहत मिलनी चाहिए। गृहणी कंचन सेठी का कहना है कि रसोई गैस के दामों में कमी करने के साथ-साथ वर्ष भर में पहले की तरह सब्सिडी के 12 सिलेंडर मिले।


शिक्षक उमेश कुमार शर्मा का कहना है कि आयकर में छूट सीमा कम से कम पांच लाख रुपये होनी चाहिए। महंगाई इतनी बढ़ गई है लेकिन आयकर में छूट उस अनुपात में नहीं बढ़ाई जा रही है। प्रिंसिपल विनोद कुमार शर्मा भी आयकर सीमा में छूट की वकालत करते हैं।
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