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उमस भरी गर्मी से हर शख्स बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो /हापुड़
Updated Mon, 27 Jun 2016 12:03 AM IST
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गर्मी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी ने रविवार को कहर बरपा दिया। इससे समूचा जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। तापमान अधिकतम 39 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। हाल यह रहा कि छुट्टी का दिन होने से लोगों को न घर में चैन मिल रहा था और ना बाहर सुकून। बाजार व प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा-सा पसरा रहा। भीषण गर्मी से बेहाल लोग यही दुआ करते दिखे कि जल्द बारिश हो और गर्मी से निजात मिले।
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रविवार को सुबह होते ही सूर्य ने आंखें तरेरी। दिन में 10-11 बजते-बजते ऐसा लगने लगा, जैसे आसमान से आग बरस रही हो। चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी से हर शख्स परेशान-सा नजर आया। धूप के तेवर देख लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए। दोपहर में प्रमुख बाजार व सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। मजबूरी में घर से निकलने वाले युवक-युवतियां रुमाल या तौलिया से चेहरा ढककर ही सड़कों पर आए। मेहनत मजदूरी कर रोज कमाने खाने वाले पेड़ों के नीचे या पार्कों में छांव में सुस्साते मिले।
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मालूम हो कि सप्ताह भर पहले कुछ देर हुई बरसात से लोगों को राहत मिली थी। उस समय उम्मीद जागी थी कि जल्द ही झमाझम बरसात होगी, लेकिन इस बीच कई बार बादल उमड़ घुमड़ कर आए, पर बिन बरसे ही लौट गए। मौसम की बेरहमी ने कम होने का नाम ही नहीं लिया। रविवार को चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी ने तो कहर ही ढा दिया। देहात से शहर आए लोग पेड़ की छांव और ठंडे पानी की तलाश करते दिखे। बसों के इंतजार में चौराहों और तिराहों पर खड़े यात्री गर्मी से बेहाल रहे। हर कोई यहीं प्रार्थना कर रहा कि जल्द इंद्र देवता पानी बरसाएं और गर्मी से राहत मिले।
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उधर, गढ़ सीएचसी अधीक्षक डॉ.रविंद्र कुमार का कहना है कि गर्मी के मौसम में एहतियात बरतना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि जरा सी लापरवाही होने पर उमस भरी गर्मी और तेज धूप जानलेवा बन जाती है। तेज गर्मी में होने वाली इस बीमारी से शरीर में पानी की कमी होने पर ब्लड प्रेशर घटने से नब्ज ढीली पड़ जाती है और फिर जुबान सूखने से समय पर इलाज न मिलने पर हार्ट अटैक होने पर जान जा सकती है।
दिन में दस लीटर पानी जरूर पिए
गढ़मुक्तेश्वर। डॉ. रविंद्र कुमार का कहना है कि गर्मी के मौसम में दिनभर में कम से कम 10 लीटर पानी पिएं और साथ में हर समय पानी की बोतल रखें। तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, नारियल पानी समेत हल्की और पानी की मात्रा वाली चीजों का अधिक इस्तेमाल करें। आंखों पर काला चश्मा लगाएं, सिर पर टोपा अथवा रुमाल बांधकर रखें। धूप से निकलने वाली अल्ट्रा वाइलेट किरणों से बचाव के लिए बांहों को भी ढककर रखें।
गर्मी से बुजुर्ग ने दम तोड़ा
गढ़मुक्तेश्वर। बुलंदशहर से गांव बक्सर लौट रहे बुजुर्ग रोजेदार की चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी में हीट स्ट्रोक का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
सिंभावली के गांव बक्सर निवासी नसरुद्दीन रविवार की सुबह किसी काम से बुलंदशहर जिले के कस्बा बुगारसी गए थे। दोपहर को लौटते समय बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव डेहरा कुटी में बस से उतरने के बाद वह गांव को आने के लिए टेंपो में सवार हुए। टेंपो चलते ही उनकी तबियत बिगड़ने लगी। टेंपो चालक उन्हें पास के चिकित्सक के पास ले गया। चिकित्सक के यहां पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। उधर, इस बाबत डॉ. कपिल का कहना है कि गर्मी की वजह से हार्ट अटैक से मौत हुई है।