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योगी जी! परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का हो रहा बंटाधार

Fri, 21 Apr 2017 09:58 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Fri, 21 Apr 2017 09:58 PM IST
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Education in Council Schools.
शिक्षा का हो रहा बंटाधार - फोटो : अमर उजाला

सत्ता परिवर्तन के बाद परिषदीय स्कूलों के हालात कुछ सुधरने की आस जगी थी, लेकिन जिले के स्कूलों में तो शिक्षा का बंटाधार हो रहा है। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम जब इन स्कूलों के हालात देखने निकली तो कहीं शिक्षक नदारद मिले तो कहीं ताले लटके मिले। एक स्कूल में तो रसोइया बच्चों को पढ़ाती नजर आयी।

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कलक्टर गंज स्थित कस्तूरबा प्राइमरी पाठशाला का शिक्षक स्कूल से नदारद था। बच्चे पढ़ने की बजाय शोर मचाते हुए खेल रहे थे। स्कूल में एक युवती बच्चों को शांत करा रही थी,
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जब उसके बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि वह तो ऐसे ही स्कूल में आ गई है। बच्चों का कहना था कि शिक्षक तो कभी कभार ही आते हैं। वह तो रोजाना इसी तरह स्कूल आते हैं और बिना पढ़े वापस चले जाते हैं।
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खारी कुआं स्थित मुखर्जी पाठशाला में ताला लगा हुआ था। वहां न तो शिक्षक दिखाई दे रहे थे और न ही बच्चे। आसपास के लोग भी स्कूल खुलने और बंद होने के विषय में कोई जानकारी नहीं दे सके। बीएसए कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर स्थित इस स्कूल में शिक्षा का हाल देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां के अफसर कितने सतर्क हैं।

पीर बाउद्दीन स्थित अंबेडकर प्राइमरी पाठशाला में सिर्फ एक शिक्षिका ही बच्चों को पढ़ा रही थी। जबकि वहां तैनात शिक्षक, बेसिक शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के निर्देश पर कुछ कार्य के लिए गया था। सूत्रों की मानें तो इन दिनों निजी स्कूलों को जो फर्जी नोटिस दिए जा रहे हैं, बहुत से शिक्षक इन नोटिसों को स्कूलों तक पहुंचाने के कार्य में जुटे हुए हैं।

कस्तूरबा प्राइमरी पाठशाला की छात्रा रिंकी ने बताया कि शिक्षक स्कूल में कम ही आते हैं, वह घर से आती हैं और इसी तरह खेलकूद कर चली जाती हैं। अगर कभी कभार गुरु जी आते भी हैं तो जल्दी ही चले जाते हैं।

छात्रा शबुनी का कहना था कि स्कूल में पढ़ाई नहीं होती है, शिक्षक अक्सर एक शिक्षिका को पढ़ाई की जिम्मेदारी सौंपकर चले जाते हैं। जबकि उक्त शिक्षिका का पढ़ाई से कोई संबंध ही नहीं है।


जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। वह शनिवार को स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। लापरवाही मिलने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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