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Hapur News: तीन माह से अटके चार हजार ड्राइविंग लाइसेंस
Wed, 15 Jan 2025 10:13 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 15 Jan 2025 10:13 PM IST
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हापुड़। आवेदन प्रक्रिया और टेस्ट पास करने के बाद भी करीब चार हजार लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस उपसंभागीय कार्यालय में अटके हुए हैं। पिछले करीब तीन माह से लोगों को डीएल नहीं मिल रहे हैं। इस कारण लोग कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं हो रहा है।
उपसंभागीय कार्यालय में हर दिन करीब 40 से 50 अस्थाई, स्थाई और नवीनीकरण संबंधी डीएल का कार्य होता है। आवेदनकर्ता को टेस्ट आदि के लिए भी ऑनलाइन पोर्टल से तारीख लेनी होती है। स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट पास करने के बाद ही उसे डीएल मिलता है, लेकिन पूरी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद भी लोग डीएल के लिए परेशान हो रहे हैं। डीएल न मिल पाने के कारण लोग वाहन का संचालन भी नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि बिना डीएल के वाहन चलाते मिलने पर पुलिस चालान काट रही है। वहीं, कार्यालय के चक्कर काट रहे लोगों को संतोषजनक जवाब भी नहीं मिल पा रहा है।
लखनऊ से बनकर पते पर पहुंचते हैं डीएल
वर्ष 2019 में डीएल की प्रक्रिया में परिवर्तन हुआ था। तभी से ही जिला स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन और टेस्ट की प्रक्रिया ही कराई जाती है। जबकि, ड्राइविंग लाइसेंस की छपाई, चिप लगाना व बनाई का कार्य लखनऊ स्तर से होता है। वहीं, से ही स्मार्ट कार्ड डीएल बनकर सीधा डाक के माध्यम से आवेदक के निवास स्थान पर पहुंचते हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ में जिस स्थान पर डीएल की छपाई का कार्य होता है। वहां पर छपाई के कार्य में कुछ परेशानियां आ रही हैं। जबकि, प्रक्रिया आदि पूरी होने के 15 दिन के अंदर लाइसेंस बनकर घर पहुंचाना होता है।
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बिना डीएल के वाहन नहीं चला सकता हूं। ऐसा करने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है। अस्थाई डीएल का समय छह माह बाद समाप्त हो चुका है। स्थाई डीएल के लिए तीन बार चक्कर काट चुका हूं, लेकिन कोई सही उत्तर तक नहीं मिल रहा है। - मोहित
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मैंने करीब ढाई माह पहले टेस्ट पास किया था, इसके बाद भी डीएल नहीं मिला है। स्थाई डीएल के आवेदन में एक दिन की भी देरी होती है तो दोबारा से पूरी फीस जमा करनी पड़ती है। देरी के लिए संबंधित पर भी जुर्माना लगाना चाहिए। - शारिक कुरैशी
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जिला स्तर पर बनाने की हो सकती है शुरुआत
छपाई के कार्य में मुख्यालय स्तर से ही देरी है। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर ही पुरानी छपाई व बनाई की व्यवस्था शुरू हो सकती है, लेकिन वह सभी डीएल डाक के माध्यम से ही पहुंचेंगे। किसी को भी कार्यालय से सीधे तौर पर डीएल नहीं दिया जाएगा।
- छवि चौहान, एआरटीओ प्रशासन
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उपसंभागीय कार्यालय में हर दिन करीब 40 से 50 अस्थाई, स्थाई और नवीनीकरण संबंधी डीएल का कार्य होता है। आवेदनकर्ता को टेस्ट आदि के लिए भी ऑनलाइन पोर्टल से तारीख लेनी होती है। स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट पास करने के बाद ही उसे डीएल मिलता है, लेकिन पूरी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद भी लोग डीएल के लिए परेशान हो रहे हैं। डीएल न मिल पाने के कारण लोग वाहन का संचालन भी नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि बिना डीएल के वाहन चलाते मिलने पर पुलिस चालान काट रही है। वहीं, कार्यालय के चक्कर काट रहे लोगों को संतोषजनक जवाब भी नहीं मिल पा रहा है।
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लखनऊ से बनकर पते पर पहुंचते हैं डीएल
वर्ष 2019 में डीएल की प्रक्रिया में परिवर्तन हुआ था। तभी से ही जिला स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन और टेस्ट की प्रक्रिया ही कराई जाती है। जबकि, ड्राइविंग लाइसेंस की छपाई, चिप लगाना व बनाई का कार्य लखनऊ स्तर से होता है। वहीं, से ही स्मार्ट कार्ड डीएल बनकर सीधा डाक के माध्यम से आवेदक के निवास स्थान पर पहुंचते हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ में जिस स्थान पर डीएल की छपाई का कार्य होता है। वहां पर छपाई के कार्य में कुछ परेशानियां आ रही हैं। जबकि, प्रक्रिया आदि पूरी होने के 15 दिन के अंदर लाइसेंस बनकर घर पहुंचाना होता है।
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बिना डीएल के वाहन नहीं चला सकता हूं। ऐसा करने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है। अस्थाई डीएल का समय छह माह बाद समाप्त हो चुका है। स्थाई डीएल के लिए तीन बार चक्कर काट चुका हूं, लेकिन कोई सही उत्तर तक नहीं मिल रहा है। - मोहित
मैंने करीब ढाई माह पहले टेस्ट पास किया था, इसके बाद भी डीएल नहीं मिला है। स्थाई डीएल के आवेदन में एक दिन की भी देरी होती है तो दोबारा से पूरी फीस जमा करनी पड़ती है। देरी के लिए संबंधित पर भी जुर्माना लगाना चाहिए। - शारिक कुरैशी
जिला स्तर पर बनाने की हो सकती है शुरुआत
छपाई के कार्य में मुख्यालय स्तर से ही देरी है। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर ही पुरानी छपाई व बनाई की व्यवस्था शुरू हो सकती है, लेकिन वह सभी डीएल डाक के माध्यम से ही पहुंचेंगे। किसी को भी कार्यालय से सीधे तौर पर डीएल नहीं दिया जाएगा।
- छवि चौहान, एआरटीओ प्रशासन