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डीएम साहब! मैं जिंदा हूं, जमीन दिला दो
अमर उजाला, हापुड़
Updated Sat, 13 Feb 2016 12:54 AM IST
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गढ़ तहसील के आलमनगर गांव में जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाकर जमीन दूसरे के नाम दर्ज किए जाने के मामले में डीएम ने लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर दिया है।
शिकायत के बाद डीएम ने एसडीएम गढ़ को जांच सौंपी तो मामला खुलकर सामने आ गया। शुक्रवार को प्रतिदिन सुबह 10 से बारह बजे तक होने वाली जनसुनवाई में गढ़ तहसील के आलमनगर निवासी बनारसी डीएम से मिला।
उसने डीएम को बताया कि वह जिंदा है, जबकि तहसील के कर्मचारियों ने उसे मृत दिखाकर गांव के ही सचिन के नाम उसकी जमीन दर्ज करा दी।
डीएम ने मामले की जांच एसडीएम गढ़ केबी सिंह को दी और तत्काल रिपोर्ट देने को कहा। एसडीएम ने जांच में पाया कि जमीन बनारसी के नाम ही थी और वह जिंदा है, उसे मृत दिखाया गया था।
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एसडीएम की रिपोर्ट पर डीएम अनिल ढींगरा ने लेखपाल ईशपाल और प्रभारी राजस्व निरीक्षक सुरेश चंद द्वितीय को निलंबित कर दिया।
नौ जनवरी 2015 के आदेश के जमीन दूसरे के नाम करने के आदेश को निरस्त कर दिया। डीएम की इस कार्रवाई से तहसील के कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई।
डीएम ने कहा कि इस तरह का अगर कोई मामला पुन: आता है तो तुरंत एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजा जाए।
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शिकायत के बाद डीएम ने एसडीएम गढ़ को जांच सौंपी तो मामला खुलकर सामने आ गया। शुक्रवार को प्रतिदिन सुबह 10 से बारह बजे तक होने वाली जनसुनवाई में गढ़ तहसील के आलमनगर निवासी बनारसी डीएम से मिला।
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उसने डीएम को बताया कि वह जिंदा है, जबकि तहसील के कर्मचारियों ने उसे मृत दिखाकर गांव के ही सचिन के नाम उसकी जमीन दर्ज करा दी।
डीएम ने मामले की जांच एसडीएम गढ़ केबी सिंह को दी और तत्काल रिपोर्ट देने को कहा। एसडीएम ने जांच में पाया कि जमीन बनारसी के नाम ही थी और वह जिंदा है, उसे मृत दिखाया गया था।
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एसडीएम की रिपोर्ट पर डीएम अनिल ढींगरा ने लेखपाल ईशपाल और प्रभारी राजस्व निरीक्षक सुरेश चंद द्वितीय को निलंबित कर दिया।
नौ जनवरी 2015 के आदेश के जमीन दूसरे के नाम करने के आदेश को निरस्त कर दिया। डीएम की इस कार्रवाई से तहसील के कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई।
डीएम ने कहा कि इस तरह का अगर कोई मामला पुन: आता है तो तुरंत एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजा जाए।