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गंगा में आस्था की डुबकी लगाई
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Sun, 05 Jun 2016 09:42 PM IST
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वट अमावस्या पर 8 लाख से अधिक ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई
- फोटो : अमर उजाला
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सावित्री वट अमावस्या पर विभिन्न राज्यों से आए 8 लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं ने ब्रजघाट गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्यार्जित किया। पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था भी नेशनल हाईवे को जाम से मुक्त नहीं रख पाई।
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दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत वैस्ट यूपी के दूरस्थ जनपदोें के श्रद्धालुओं का आगमन शनिवार की दोपहर को ही प्रारंभ हो गया था, जिसके चलते दिन ढलते ही तीर्थनगरी की सैकड़ों धर्मशाला, मंदिर और आश्रम भीड़ से फुल हो गए थे।
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बाद में आने वालों को पक्के बांध, मुख्य बाजार, स्टेशन रोड, शिवचौक समेत खुले स्थानों पर लेटकर रात बितानी पड़ी। अर्द्धरात्रि होते ही भक्तों की विशाल भीड़ गंगा किनारे एकत्र हो गई थी।
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जहां ब्रह्मकाल का शुभ मुहूर्त प्रारंभ होते ही हर-हर गंगे के जयकारों के बीच मोक्ष दायिनी में डुबकी लगाने का क्रम प्रारंभ हो गया था, जो रविवार की देर शाम में सूर्यास्त होने तक निरंतर चलता रहा।
अधिकांश श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाने के बाद किनारे पर बैठे पंडितों से भगवान सत्यनारायण और विवाहिताओं ने सावित्री की कथा सुन उन्हें दक्षिणा दी। लोगों ने तीर्थनगरी के प्रसिद्ध धर्मस्थलों वेदांत मंदिर, अवंतिका देवी सिद्धपीठ,
हनुमान मंदिर, गंगा मंदिर, श्रीकृष्ण, शीतल आश्रम में पहुंचकर अपने ईष्ट देवों की पूजा अर्चना भी की। नेशनल हाइवे पर करीब पांच घंटों तक जाम लगने से गंगा भक्तों समेत इधर उधर जा रहे यात्रियों को पसीना बहाने के साथ ही कई मील लंबी पदयात्रा करने को मजबूर होना पड़ा,
क्योंकि जाम लगने से उन्हें स्याना चौपला के आसपास वाहन खड़े कर ब्रजघाट तक पैदल ही आना जाना पड़ा।
गंगा में डुबकी लगाने के बाद विवाहिताओं ने वट वृक्ष के पत्तों की पूजा अर्चना कर अपने जीवन साथियों की दीर्घायु और खुद के सदां सुहागिन रहने की कामना कीं। इसके अलावा विवाहिताओं ने अपने घरों समेत निकटवर्ती मंदिरों में भी पहुंचकर वट वृक्ष की पूजा अर्चना कर अखंड सौभाग्यवती होने की मन्नतें मांगीं।
दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा समेत विभिन्न महानगरों से आए धनाढ्यों ने ब्रजघाट गंगानगरी में प्याऊ लगाकर लोगों को शर्बत और शीतल पानी पिलाया। इसके अलावा गरीब-निराश्रितों को भोजन-वस्त्र का दान भी किया।
सावित्री वट अमावस्या के उपलक्ष्य में उमड़ी गंगा भक्तों की विशाल भीड़ के बीच उठाईगीरे, जेब तराश और झपटमारों ने भी जमकर हाथ दिखाए। नोएडा के गांव बाजरपुर से आए झगड़ू सिंह के बाहर रखे कपड़े उठाईगीरे ले गए,
जिनमें 13 सौ की नगदी और मोबाइल समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी रखे हुए थे। मेरठ के संजू कुमार की गंगा घाट को जाते समय भीड़ में जेब कट गई, जिसमें 3 हजार की रकम रखी हुए थी। बुलंदशहर के जहांगीराबाद कस्बे से बेटे पुष्पेन्द्र के साथ आई वीरबाला के गले से स्नानघाट के पास झपटमार सोने के चैन तोड़ ले गए।