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मेरठ जिला और एचपीडीए के बीच फंसा धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र

Wed, 25 Jan 2017 12:19 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/हापुड़ Updated Wed, 25 Jan 2017 12:19 AM IST
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Dhirkedha industrial zone lag between Meerut district and hpda
हापुड़ - फोटो : अमर उजाला

जिला मेरठ और हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के बीच में फंसा धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। प्राधिकरण को टैक्स देने के बावजूद क्षेत्र में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। क्षेत्र में सड़क, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और सुरक्षा की व्यवस्था राम भरोसे है।

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इलाके की बदहाली से तंग उद्यमी क्षेत्र को हापुड़ जिले में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। मेरठ रोड पर हापुड़ जिला मुख्यालय से सिर्फ पांच किमी की दूरी पर स्थित धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र का जिला मेरठ है, लेकिन यहां के अधिकांश उद्यमी हापुड़ के हैं।
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55 साल पहले वर्ष 1962 में धीरखेेेेेड़ा गांव की बंजर भूमि पर कुछ उद्योगों की स्थापना की गई थी। आज यहां सैकड़ों की संख्या में छोटे-बड़े उद्योग हैं। इन उद्योगों से सरकार को सलाना करोड़ों रुपये की आय होती है, लेकिन जन सुविधाओं के नाम पर यहां सिफ बदहाली है।
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यहां के उद्यमियों का संगठन आईआईए धीरखेेड़ा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ही समय-समय पर रास्तों का भराव खड़ंजा आदि की व्यवस्था करता रहता है। दूषित पानी की निकासी के लिए लाखों रुपये खर्च कर आधा अधूरा नाला बना है, जिसका पानी असौड़ा गांव से आगे चलकर जसरूपनगर क्षेत्र में फैल जाता है। 

प्राधिकरण, वाणिज्यकर, बिजली निगम, मंडी और केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभाग हापुड़ के लगते हैं, इस क्षेत्र को हापुड़ जिले में शामिल किया जाना चाहिए। तभी यहां का विकास संभव है। खास बात यह है कि क्षेत्र ईएसआई की डिस्पेंसरी तक नहीं है। - अशोक छारिया, संस्थापक आईआईए धीरखेड़ा-हापुड़ चैप्टर

औद्योगिक क्षेत्र हजारों महिला व पुरुषों को रोजगार देता है। अधिकारी सिर्फ टैक्स वसूलने पर जोर देते हैं, सुविधाओं की ओर किसी का ध्यान नहीं रहता है। क्षेत्र को हापुड़ में शामिल किया जाना चाहिए। इससे जिले का राजस्व बढ़ेगा तथा शहर का भी विकास होगा।  - अतुल गोयल, चेयरमैन आईआईए धीरखेड़ा-हापुड़ चैप्टर 

 एचपीडीए के संपत्ति अधिकारी एसके नागर ने बताया कि धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र एचपीडीए के अधीन है। वहां के मानचित्र भी अब प्राधिकरण से स्वीकृत होते हैं। प्राधिकरण ने इस औद्योगिक क्षेत्र में एक पार्क का निर्माण कराया गया है।


चुनाव बाद पानी निकासी के लिए असौड़ा गांव के सामने मेरठ रोड से खड़ौली नाले तक चार करोड़ रुपये की लागत से एक नाला बनाया जाएगा। वहीं, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश राय ने बताया कि क्षेत्र को हापुड़ में शामिल किए जाने को शासन को पत्र भेजा जाएगा।

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