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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   Sikedha van accident.

सिखेड़ा के वैन हादसे ने उजाड़े कई घर

Fri, 30 Sep 2016 09:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Fri, 30 Sep 2016 09:44 PM IST
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 Sikedha van accident.
वैन हादसे ने उजाड़े कई घर - फोटो : अमर उजाला

एनएच-24 पर सिंभावली थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिखेड़ा गांव के पास शुक्रवार सुबह वैन के मिनी ट्रक से टकराने पर हुए भीषण हादसे में शाहदरा क्षेत्र के अमर कॉलोनी के कई घर उजाड़ दिए।

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इस हादसे में जहां एक परिवार के मां व उसके दो बेटों वहीं एक अन्य परिवार के देवर और भाभी की जान चली गई। हादसे में वैन चालक सहित कुल आठ लोगों की मौत हो गई है।
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मृतकों में पृथ्वी सिंह की पत्नी बीरमती और उसके दो जवान बेटों लोकेश और मुकेश भी शामिल हैं। हादसे से इनके परिवार के लोग सदमे में हैं। दो जवान बेटों को खोने के बाद परिजनों के आंसू नहीं थम रहे थे।
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वहीं हापुड़ निवासी और बसपा के गुजरात प्रभारी मुंशीलाल जयंत के छोटे बहनोई नरेश की व उनकी भाभी कमलेश की मौत हुई है। नरेश के तीन मासूम बच्चे हैं। बड़ा बेटा रोयल अभी कक्षा 10 में पढ़ रहा है जबकि एक बेटा और बेटी रोयल से काफी छोटे हैं।

परिवार में कमाने वाला कोई और नहीं है। हादसे की सूचना मिलने के बाद उनकी बहन महेंद्री और बच्चों का बुरा हाल है। नरेश ने बताया कि इस हादसे में उनकी भाभी कमलेश की भी मौत हो गई है।

कमलेश के पति विनोद की भी कुछ वर्ष पहले मोदीनगर में एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। कमलेश की एक लड़की की शादी हो गई है, बाकी बच्चे अविवाहित हैं। इन बच्चों पर से पहले तो बाप का और अब मां का भी साया उठ गया है।

मृतक वैन चालक राहुल गौतम के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। हादसे की सूचना जैसे ही अमर कॉलोनी पहुंची तो कॉलोनी के लोग सन्न रह गए। पूरी कॉलोनी में मातम पसर गया। जिसने भी खबर सुनी वह मृतकों के घर पहुंचने लगा।

पूरी कॉलोनी में किसी भी घर में शुक्रवार को चूल्हा नहीं जला। मृतकों के घर कॉलोनी के लोगों का तांता लगा रहा। हर कोई परिवारों को सांत्वना देता दिखाई दिया। हादसे का शिकार हुए चारों परिवारों के लोग कॉलोनी में आसपास ही रहते हैं।

सभी गढ़मुक्तेश्वर में अमावस्या के स्नान के लिए गए थे। शुक्रवार सुबह जैसे ही हादसे की सूचना आई परिजनों में कोहराम मच गया। आसपास के लोगों ने बताया कि चारों परिवारों में गहरी मित्रता थी। चारों परिवार कॉलोनी में होने वाले धर्म-कर्म के कामों में काफी हिस्सा लेते थे।

दो दिन पहले उन्होंने अमावस्या स्नान के लिए गढ़ गंगा जाने की योजना बनाई और स्नान के लिए गए। पूरी कॉलोनी दुख की घड़ी में हादसे का शिकार हुए लोगों को सांत्वना देती नजर आए।    


हादसे के कारण सड़क पर करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान सैकड़ों वाहन फंसे रहे। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर करीब एक घंटे बाद यातायात को सुचारु करवाया।

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