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जच्चा-बच्चा को रिक्शे में लेकर अस्पताल की दौड़ लगा रहा बाबू

Sun, 03 Jan 2016 12:04 AM IST
अमर उजाला, हापुड़
अमर उजाला, हापुड़ Updated Sun, 03 Jan 2016 12:04 AM IST
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Rikshwala not got sp ambulance seva.
 स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही के चलते सरकारी योजनाओं का लाभ आम आदमी को नहीं मिल रहा। प्रसव पीड़ा से तड़प रही रिक्शा चालक की पत्नी को समाजवादी एंबुलेंस सेवा नहीं मिली।
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यहीं नहीं रिक्शा चालक का आरोप है कि हापुड़ सीएचसी में प्रसव के लिए भी मना कर दिया गया था। निजी अस्पताल में प्रसव के बाद अब पति रिक्शे में जच्चा-बच्चा को लेकर इलाज के लिए अस्पताल की दौड़ लगा रहा है, क्योंकि उसे समाजवादी एंबुलेंस का लाभ नहीं मिला रहा।
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सुल्तानपुर गांव का बाबू रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करता है। करीब 15 दिन पूर्व उसकी पत्नी रानी को प्रसव पीड़ा हुई। तब उसने गांव में तैनात आशा से सहायता की गुहार लगाई।
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आरोप है कि गांव में 102 नंबर एंबुलेंस नहीं आने से उसे अपनी पत्नी को रिक्शा में डालकर ही गढ़ रोड स्थित सीएचसी ले जाना पड़ा। वहां चिकित्सकों ने पत्नी का बड़ा ऑपरेशन होने की बात कहकर निजी अस्पताल जाने की हिदायत दे डाली।


तब बाबू ने पत्नी को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां रानी ने ऑपरेशन के बाद बेटे को जन्म दिया। सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिलने के कारण अभी भी रिक्शा चालक को आर्थिक तंगी के कारण पत्नी को चिकित्सकों को दिखाने के लिए रिक्शा का ही सहारा लेना पड़ा रहा है।

 बाबू का कहना है कि सरकारी अस्पताल में कोई राहत नहीं मिली और न ही सरकार की एंबुलेंस सुविधा का लाभ मिल सका है।
 

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