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साइबर कैफे संचालकों ने ले रखा था लाइक का ठेका

Thu, 02 Feb 2017 10:10 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Thu, 02 Feb 2017 10:10 PM IST
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Cyber cafe operators had taken the contract.
ठगी - फोटो : अमर उजाला

लाखों लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के भंडाफोड़ के बाद हापुड़ जिले के भी हजारों लोग सदमे में हैं। दरअसल, इस कंपनी में लोगों ने करोड़ों रुपये का निवेश कर रखा है। कंपनी का संचालक मूलरूप से पिलखुवा (हापुड़) का ही रहने वाला है।

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कंपनी में हापुड़ और बाबूगढ़ समेत जिले हजारों परिवारों ने पैसा लगाया है। कुछ कंप्यूटर सेंटर संचालकों ने लोगों की आईडी पर क्लिक के रूप में मिलने वाले कार्य को करने का ठेका ले रखा था। पूरे दिन निवेशकों के क्लिक करने के एवज में हजारों रुपये प्रतिदिन इन सेंटरों के संचालक कमा रहे थे।
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लेकिन बुधवार शाम कंपनी के नोएडा स्थित कार्यालय पर एसटीएफ द्वारा छापे की सूचना पर लोग सदमे में आ गए। बाबूगढ़ क्षेत्र में तो लोग सदमे में हैं। दरअसल, शार्टकट से पैसा कमाने के चक्कर में मजदूरी करने वाले लोगों ने ब्याज तक पर रुपये लेकर इस कंपनी में निवेश कर डाला।
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वहीं, कुछ लोग तो अपनी नौकरियां छोड़कर इस धंधे में शामिल हो गए थे। ऐसी स्थिति में कंपनी बंद होती है तो हजारों लोग बर्बाद हो जाएंगे। हालांकि कुछ लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही सब कुछ सही हो जाएगा। इस स्थिति को लेकर पूरे दिन क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

एक राजनीतिक दल के पदाधिकारी ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि उसके और उसके भाई ने तो एक हजार से अधिक लोगों की आईडी लगवा रखी थीं। अगर यह कंपनी बंद हो गई तो उन्हें तथा उनके साथ आईडी लगाने वाले लोगों को कई लाख रुपये का नुकसान होगा।

अकेले उन्हें ही करीब 10 लाख की चपत लग जाएगी। बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर के एक व्यक्ति जतिन चौधरी का कहना है कि उसने भी लाखों रुपये की आईडी इस कंपनी में लगाई थीं लेकिन कंपनी के बंद होने पर उनकी रकम डूबने का खतरा है। हालांकि उक्त ग्रामीण का दावा है कि अभी तक कंपनी द्वारा किसी भी व्यक्ति का पैसा हड़पने की कोई सूचना नहीं मिली थी।

सोशल ट्रेडिंग कंपनी के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार अनुभव मित्तल मूलरूप से पिलखुवा (हापुड़) का रहने वाला है। पिलखुवा के मोहल्ला कृष्णगंज में उसके पिता सुनील मित्तल की बिजली की दुकान है।

जानकारी के मुताबिक अनुभव की प्रारंभिक शिक्षा पिलखुवा में ही हुई। वर्ष 2011 में नोएडा के एक इंजीनियरिंग कालेज से उसने बीटेक की पढ़ाई की। बीटेक की पढ़ाई के बाद पिलखुवा में उसका आना-जाना कम हो गया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान वह ठगी के इस गोरखधंधे में उतरा।

वह अक्सर गाजियाबाद और नोएडा में ही रहता था। अनुभव का विवाह भी दिसंबर 2015 में कानपुर से ही हुआ था। लोगों का कहना है कि अनुभव मित्तल के पिता ने उसे बेदखल कर रखा है।


इस संबंध में जब अनुभव के पिता से बात करने के लिए उसके घर जाया गया तो वहां केवल एक महिला मिली और उसने भी कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। पिता का मोबाइल भी बंद मिला।

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