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दलित छात्रा ने न्याय न मिलने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:57 PM IST
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दलित छात्रा ने न्याय न मिलने पर आत्मदाह की दी चेतावनी
गढ़मुक्तेश्वर। मुकदमे की धमकी देकर समझौतानामे पर दस्तखत कराने का आरोप लगा यौन शोषण से पीड़ित दलित छात्रा ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। साथ ही न्याय न मिलने पर सीओ ऑफिस के बाहर आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी।
गढ़ के एक मोहल्ले में रहने वाली दलित छात्रा ने मंगलवार को तहसील का निरीक्षण करने आए कमिश्नर को अपना दुखड़ा सुनाया। उसका कहना है कि पड़ोस में रहने वाला एक युवक उसे प्रेमजाल में फंसाने के बाद शादी का झांसा देकर चार सालों से यौन उत्पीड़न करता आ रहा है। पीड़िता का कहना है कि शादी से इंकार करने पर वह कोतवाली में फरियाद लेकर गई तो आरोपी के परिजन उसे अपने साथ गाजियाबाद ले गए। वहां सात दिसंबर 2016 को वैदिक हिंदू सभा के माध्यम से शादी करवाकर उसी दिन उसे रजिस्ट्रार दफ्तर में पंजीकृत भी करा दिया था। छात्रा का कहना है कि शादी होने के बाद आरोपी के परिजनों ने कहा कि कुछ दिन अपने मायके में रह लो, मकान बनने पर पति के घर आ जाना।
पीड़िता ने बताया कि इस दौरान आरोपी उसका यौन शोषण करता रहा, लेकिन कुछ दिन बाद जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर घर ले जाने से साफ इंकार कर दिया। आला अफसरों को भेजी गई शिकायत आने पर उसे सीओ ऑफिस में बयान दर्ज कराने को बुलाया गया था। वहां उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर फैसलेनामे पर जबरन दस्तखत करा लिए गए थे। पीड़िता ने कहा कि अगर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सीओ ऑफिस में जबरन दस्तखत कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कराई गई तो वह सीओ ऑफिस के सामने आत्मदाह कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेगी। कमिश्नर प्रभात कुमार ने पीड़िता को कोई भी गलत कदम न उठाने की नसीहत देते हुए इस संबंध में आईजी से वार्ता कर बहुत जल्द न्याय दिलाने का भरोसा दिया। एएसपी राम मोहन सिंह का कहना है कि प्रार्थना पत्र के आधार पर जांच कराकर अविलंब कार्रवाई कराई जाएगी।
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गढ़मुक्तेश्वर। मुकदमे की धमकी देकर समझौतानामे पर दस्तखत कराने का आरोप लगा यौन शोषण से पीड़ित दलित छात्रा ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। साथ ही न्याय न मिलने पर सीओ ऑफिस के बाहर आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी।
गढ़ के एक मोहल्ले में रहने वाली दलित छात्रा ने मंगलवार को तहसील का निरीक्षण करने आए कमिश्नर को अपना दुखड़ा सुनाया। उसका कहना है कि पड़ोस में रहने वाला एक युवक उसे प्रेमजाल में फंसाने के बाद शादी का झांसा देकर चार सालों से यौन उत्पीड़न करता आ रहा है। पीड़िता का कहना है कि शादी से इंकार करने पर वह कोतवाली में फरियाद लेकर गई तो आरोपी के परिजन उसे अपने साथ गाजियाबाद ले गए। वहां सात दिसंबर 2016 को वैदिक हिंदू सभा के माध्यम से शादी करवाकर उसी दिन उसे रजिस्ट्रार दफ्तर में पंजीकृत भी करा दिया था। छात्रा का कहना है कि शादी होने के बाद आरोपी के परिजनों ने कहा कि कुछ दिन अपने मायके में रह लो, मकान बनने पर पति के घर आ जाना।
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पीड़िता ने बताया कि इस दौरान आरोपी उसका यौन शोषण करता रहा, लेकिन कुछ दिन बाद जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर घर ले जाने से साफ इंकार कर दिया। आला अफसरों को भेजी गई शिकायत आने पर उसे सीओ ऑफिस में बयान दर्ज कराने को बुलाया गया था। वहां उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर फैसलेनामे पर जबरन दस्तखत करा लिए गए थे। पीड़िता ने कहा कि अगर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सीओ ऑफिस में जबरन दस्तखत कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कराई गई तो वह सीओ ऑफिस के सामने आत्मदाह कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेगी। कमिश्नर प्रभात कुमार ने पीड़िता को कोई भी गलत कदम न उठाने की नसीहत देते हुए इस संबंध में आईजी से वार्ता कर बहुत जल्द न्याय दिलाने का भरोसा दिया। एएसपी राम मोहन सिंह का कहना है कि प्रार्थना पत्र के आधार पर जांच कराकर अविलंब कार्रवाई कराई जाएगी।
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