{"_id":"64cd28505c43e78d3e0e6a84","slug":"court-give-notice-to-sp-hapur-news-c-135-1-hpr1001-1747-2023-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: पुलिस कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज न होने पर एसपी से मांगा स्पष्टीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: पुलिस कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज न होने पर एसपी से मांगा स्पष्टीकरण
Fri, 04 Aug 2023 10:03 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 04 Aug 2023 10:03 PM IST
विज्ञापन
हापुड़। फर्जी मादक पदार्थ तस्करी के मामले में न्यायालय के आदेश के पौने चार माह बाद भी दोषी पाए गए एक उपनिरीक्षक सहित सात पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। आदेश की अवमानना मानते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय कोर्ट ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक को रिमांइडर जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
अधिवक्ता भोपाल सिंह शिशौदिया ने बताया कि एक मामले की सुनवाई पूरी होने पर न्यायालय ने 11 अप्रैल 2023 को आदेश किया कि गौरव त्यागी निवासी गांव कैथवाडी थाना रोहटा जिला मेरठ पर फर्जी मामला दर्ज कराने में शामिल उपनिरीक्षक संजय त्यागी, सिपाही विजय कुमार, ओमवीर सिंह, रवि कुमार, दीपक कुमार, अशोक कुमार त्यागी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जाए। जिसके लिए न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक को आदेश किए। लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद भी आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। जिस पर पीड़ित गौरव त्यागी ने तरफ से 21 जुलाई 2023 को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें उसने कहा कि ग्यारह अप्रैल 2023 को आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश किए थे। लेकिन न्यायालय के आदेश का अनुपालन अभी तक नहीं हुआ है। जो न्यायालय के आदेश की अवमानना है। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने चार अगस्त 2023 को पुलिस अधीक्षक को रिमाइंडर जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
यह था मामला-
जनपद मेरठ के गांव कैथवाड़ी निवासी गौरव त्यागी किसान परिवार से है। लेकिन उसका अपना सपना था कि वह इंजीनियर बने। जिसके लिए करीब आठ वर्ष पहले परिजनों द्वारा जैसे-तैसे करके मेरठ के एक कालेज से इंजीनियर की शिक्षा दिलाई जा रही थी। लेकिन पिलखुवा पुलिस ने तीन जुलाई 2014 को उसको गिरफ्तार कर मादक पदार्थ की तस्करी करने का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। इस फर्जी मुकदमे ने उसकी पूरी जिंदगी को बदल कर रख दिया और सामाजिक स्तर पर उसको लोगों द्वारा उसे हीन भावना से देखा गया।
विज्ञापन
कोट -
मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपील की गई है, उसकी सुनवाई जारी है। हाईकोर्ट के आदेश आने के बाद मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।-अभिषेक वर्मा, एसपी।
विज्ञापन
अधिवक्ता भोपाल सिंह शिशौदिया ने बताया कि एक मामले की सुनवाई पूरी होने पर न्यायालय ने 11 अप्रैल 2023 को आदेश किया कि गौरव त्यागी निवासी गांव कैथवाडी थाना रोहटा जिला मेरठ पर फर्जी मामला दर्ज कराने में शामिल उपनिरीक्षक संजय त्यागी, सिपाही विजय कुमार, ओमवीर सिंह, रवि कुमार, दीपक कुमार, अशोक कुमार त्यागी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जाए। जिसके लिए न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक को आदेश किए। लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद भी आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। जिस पर पीड़ित गौरव त्यागी ने तरफ से 21 जुलाई 2023 को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें उसने कहा कि ग्यारह अप्रैल 2023 को आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश किए थे। लेकिन न्यायालय के आदेश का अनुपालन अभी तक नहीं हुआ है। जो न्यायालय के आदेश की अवमानना है। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने चार अगस्त 2023 को पुलिस अधीक्षक को रिमाइंडर जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
यह था मामला-
जनपद मेरठ के गांव कैथवाड़ी निवासी गौरव त्यागी किसान परिवार से है। लेकिन उसका अपना सपना था कि वह इंजीनियर बने। जिसके लिए करीब आठ वर्ष पहले परिजनों द्वारा जैसे-तैसे करके मेरठ के एक कालेज से इंजीनियर की शिक्षा दिलाई जा रही थी। लेकिन पिलखुवा पुलिस ने तीन जुलाई 2014 को उसको गिरफ्तार कर मादक पदार्थ की तस्करी करने का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। इस फर्जी मुकदमे ने उसकी पूरी जिंदगी को बदल कर रख दिया और सामाजिक स्तर पर उसको लोगों द्वारा उसे हीन भावना से देखा गया।
विज्ञापन
कोट -
मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपील की गई है, उसकी सुनवाई जारी है। हाईकोर्ट के आदेश आने के बाद मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।-अभिषेक वर्मा, एसपी।