{"_id":"5790ff234f1c1b3e12c4b58d","slug":"commercial-director-explores-the-power-corporation-office","type":"story","status":"publish","title_hn":"निदेशक कॉमर्शियल ने एक घंटा तक बिजली निगम दफतर में की पड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निदेशक कॉमर्शियल ने एक घंटा तक बिजली निगम दफतर में की पड़ताल
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Thu, 21 Jul 2016 10:28 PM IST
विज्ञापन
बिजली का मीटर
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गढ़ रोड स्थित एक होटल पर छापामार कार्रवाई के दौरान ओके की रिपोर्ट लगे मीटर पर संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ 13 दिन बाद एफआईआर दर्ज कराने के मामले बृहस्पतिवार को निदेशक कॉमर्शियल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम निगम दफ्तर पहुंची।
विज्ञापन
बंद कमरे में एक घंटा चली जांच पड़ताल के दौरान बारी-बारी से संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज कराए गए। उल्लेखनीय है कि बीती 2 जुलाई को ए.ई मीटर, एसडीओ प्रथम, जीएमटी, अवर अभियंता की संयुक्त टीम ने गढ़ रोड स्थित एक होटल पर छापामार कार्रवाई कर वहां लगे मीटर को जांच के बाद ओके घोषित किया था।
विज्ञापन
लेकिन 13 दिन बाद उपभोक्ता के खिलाफ मीटर से छेड़छाड़ के मामले में एफआईआर दर्ज करा दी गई। इस मामले की शिकायत एमडी समेत ऊर्जा निगम के अनेक आला अधिकारियों से की गई थी। स्थानीय जांच अधिकारी ने भी अपनी रिपोर्ट डीएम व एमडी को प्रषित कर दी थी।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को अपराह्न करीब 3 बजे मेरठ से ऊर्जा गिनम के निदेशक कॉमर्शियल अरविंद राज द्विवेदी तीन सदस्यीय टीम अधीक्षण अभियंता प्रवर्तन एके आत्री, अधिशासी अभियंता प्रवर्तन एस.के निर्भय, अधिशासी अभियंता पिलखुवा अजय औझा समेत अतरपुरा चौराहा स्थित डिवीजन कार्यालय पहुंचे।
अधिशासी अभियंता मीटर के बंद कार्यालय में टीम ने जांच पड़ताल शुरू की। बारी-बारी से मीटर टैंपरिंग में फंसे अफसरों के बयान दर्ज कराए गए। जांच के दौरान निगम अफसरों में अफरा तफरी का माहौल बना रहा।
पत्रकार वार्ता में निदेशक कॉमर्शियल अरविंद राज द्विवेदी ने बताया कि एमडी के आदेश पर जांच टीम का गठन किया गया है। मामले की जांच गहनता से शुरू कर दी गई है। जल्द ही रिपोर्ट एमडी को सौंप दी जायेगी।
निगम सूत्रों की मानें तो स्थानीय जांच अधिकारी ने जो रिपोर्ट एमडी को सौंपी थी। जांच टीम उसे सही ठहरा रही है। अब देखना यह है कि कार्यवाही क्या होती है। उद्यमियों ने भी निदेशक को अफसरों के शोषण से अवगत कराया।