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वाणिज्यकर व बिजली विभाग का 76 करोड़ दबाए बैठे हैं रसूखदार

Sat, 20 Aug 2016 10:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Sat, 20 Aug 2016 10:16 PM IST
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Commercial and Electrical division has 76 million sitting influential.
रुपये - फोटो : DEMO Pics

अक्सर छोटे बकाएदारों पर सख्ती दिखाने वाला प्रशासन बड़े बकायदारों के सामने बौना साबित हो रहा है। हापुड़ और धौलाना तहसील क्षेत्र के 24 ऐसे बकाएदार हैं जिन पर वाणिज्य कर और बिजली निगम का सालों से करीब 76 करोड़ रुपया बकाया है।

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सबसे बड़ी बात यह है कि इन बकाएदारों में से कईयों के पते फर्जी हैं। इसके चलते इतना बड़ा राजस्व डूबने के कगार पर है। वाणिज्यकर और बिजली निगम ने हापुड़ और धौलाना तहसील प्रशासन को ऐसे 24 बकाएदारों की आरसी की सूची भेजी है जिनके ऊपर एक करोड़ से अधिक का बकाया है।
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इनमें 6 बकाएदार हापुड़ तहसील के हैं जिनपर लगभग 16 करोड़ रुपया बकाया है। इसके अलावा 18 बकाएदार धौलाना तहसील क्षेत्र के हैं। जिनपर वाणिज्य कर और बिजली विभाग का लगभग 60 करोड़ रुपया बकाया है।
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यह वह बड़ी फर्म हैं जिन्हें कुछ सालों पहले गाजियाबाद और दिल्ली से आकर इन क्षेत्रों में व्यवसाय शुरू किया था। लेकिन घाटे या कर चोरी के बाद यह फार्म यहां से पलायन कर गए। वाणिज्य कर और बिजली का बकाया भुगतान न होने की स्थिति में प्रशासन ने इनके खिलाफ आरसी जारी कर वसूली के आदेश दिए हैं।

लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष समस्या यह है कि इनमें कई बकाएदारों के नाम और स्थायी पते फर्जी हैं। इसके चलते न तो वसूली हो सकती और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जा सकती है। कुल मिलाकर ये बड़े बकाएदार सरकार का मोटा पैसा डकारकर चैन की नींद सो रहे हैं।

वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर रामाश्रय प्रसाद का कहना है कि कर भुगतान न होने की स्थिति में विभाग नोटिस जारी करता है। भुगतान न होने की स्थिति में 45 दिन संबंधित उपभोक्ता की प्रशासन द्वारा आरसी जारी कर दी जाती है।

बकाएदारों पर इतनी बड़ी धनराशि बकाया कैसे हो गयी इसका अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

एडीएम रजनीश राय का कहना है कि बड़े बकाएदारों के कुछ नाम व पते फर्जी निकले हैं। इनकी सही पते की जानकारी जुटायी जा रही है। इन बकायेदारों की फैक्ट्रियों की संपत्ति कब्जे में लेकर नीलामी किया जाएगा।

धौलाना के एसडीएम एसपी सिंह ने बताया कि इन बड़े बकाएदारों से वसूली के लिए इनकी संपत्ति की नीलामी की कई बार तिथि लगायी जा चुकी है लेकिन बड़ी रकम का मामला होने के कारण कोई बोली लगाने नहीं आया।

पिछले महीने जुलाई और 18 अगस्त को भी नीलामी की तिथि रखी गयी थी। लेकिन कोई बोलीदाता नहीं पहुंचा। 18 अगस्त को भी नीलामी होनी था लेकिन रक्षा बंधन की छुट्टी के कारण नीलामी निरस्त करनी पड़ी।  

बकाएदारों के खिलाफ सख्ती की बात करें तो प्रशासन अक्सर छोटे और किसानों पर सख्ती दिखाता है। जुलाई माह में प्रशासन ने लगभग 25 ऐसे बकायेदार के खिलाफ कार्रवाई की है। जिन पर 50 हजार से लेकर एक लाख तक के आसपास बकाया था।


हापुड़ तहसील में जुलाई माह में एक करोड़ 42 लाख रुपये की वसूली हुई है। किसी ऐसे बड़े बकाएदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। जिस पर एक करोड़ से अधिक बकाया हो।

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