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Hapur News: लापरवाही पर हड्डी रोग विशेषज्ञ का तबादला
Wed, 09 Aug 2023 10:54 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 09 Aug 2023 10:54 PM IST
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हापुड़। आई फ्लू के बढ़ते प्रकोप के बीच बुधवार को डीएम प्रेरणा शर्मा ने गढ़ रोड सीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान नेत्र रोग विभाग खाली मिला, दोनों चिकित्सक अनुपस्थित थे। इस पर अधिकारियों को फटकार लगी, एक दिव्यांग ने हड्डी रोग विशेषज्ञ की शिकायत डीएम से की। सीएमओ ने संज्ञान लेकर शाम को उनका स्थानांतरण गढ़ सीएचसी में कर दिया। इसके अलावा ऑपरेशन कक्ष, नर्सरी, स्टोर में गंदगी पर भी डीएम ने नाराजगी जताई।
जिले के छह सीएचसी में सिर्फ हापुड़ सीएचसी में ही नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। इन दिनों आई फ्लू के मरीज सबसे अधिक आ रहे हैं। जिन्हें बेहतर उपचार देने के निर्देश हैं, लेकिन सीएचसी में नियुक्त नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.संजय कुमार और ऑक्टोमैटिस्ट मधुलिका बुधवार को अस्पताल नहीं पहुंची।
सुबह करीब दस बजे डीएम प्रेरणा शर्मा ने औचक निरीक्षण किया, सबसे अधिक मरीजों की भीड़ नेत्र रोग विभाग के बाहर थी। डीएम के निरीक्षण में चिकित्सक अनुपस्थित मिले, इस पर अधीक्षक डॉ.दिनेश खत्री ने बताया कि दोनों को आई फ्लू हो गया है, इस कारण वह अवकाश पर हैं। डीएम ने नाराजगी जताई कि जब आई फ्लू इतना अधिक फैल रहा है तो यहां चिकित्सकों की व्यवस्था क्यों नहीं है। इसी दौरान एक दिव्यांग मरीज से डीएम प्रेरणा शर्मा ने फीडबैक लिया। मरीज ने बताया कि सोमवार को लगे शिविर में आई थी, लेकिन जांच को लेकर उसे फिर अस्पताल बुलाया गया है। आने-जाने में काफी परेशानी होती है। अधीक्षक डॉ.दिनेश खत्री ने बताया कि दिव्यांग बोर्ड के कैंप के दौरान आने वाले मरीजों का उसी समय निस्तारण कराया जाता है, इस तरह बुलाना गलत है। डीएम ने मामले का संज्ञान लेकर, मरीज से शिकायत लिखवाकर ली। सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ब्रह्मदयाल का स्थानांतरण गढ़ सीएचसी कर दिया। वहीं, बच्चा नर्सरी, ओटी, दवा स्टोर, पर्चा व दवा काउंटर का भी निरीक्षण किया। डीएम प्रेरणा शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को बेहतर सेवाएं दी जानी चाहिए।
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पांच सीएचसी में नेत्र रोग विशेषज्ञ ही नहीं
आई फ्लू के मरीज घर घर में हैं, लेकिन जिले के सपनावत, धौलाना, पिलखुवा, सिखैड़ा, गढ़ सीएचसी में नेत्र रोग विशेषज्ञ ही नहीं हैं। एमबीबीएस चिकित्सक की मरीजों की आंखें देखते हैं। ऐसे में यदि आंखों में कोई परेशानी हो गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, यह बड़ा सवाल है।
जिला अस्पताल में चार नेत्र रोग विशेषज्ञ, लेकिन मरीज कम
जिला अस्पताल में चार नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि यहां सिर्फ एक पद ही स्वीकृत है। यहां पर मरीज हापुड़ सीएचसी से भी कम हैं। लेकिन सभी विशेषज्ञ शासन से नियुक्ति कराकर अस्पताल में आए हैं। ऐसे में स्थानीय अधिकारी भी उनसे बचते हैं।
कोट -
अस्पताल में आने वाले हर मरीजों को बेहतर उपचार दिलाना प्राथमिकता है। हड्डी रोग विशेषज्ञ का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर दिया है। नेत्र रोग विभाग के चिकित्सकों को भी निर्देशित किया है।-- डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।
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जिले के छह सीएचसी में सिर्फ हापुड़ सीएचसी में ही नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। इन दिनों आई फ्लू के मरीज सबसे अधिक आ रहे हैं। जिन्हें बेहतर उपचार देने के निर्देश हैं, लेकिन सीएचसी में नियुक्त नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.संजय कुमार और ऑक्टोमैटिस्ट मधुलिका बुधवार को अस्पताल नहीं पहुंची।
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सुबह करीब दस बजे डीएम प्रेरणा शर्मा ने औचक निरीक्षण किया, सबसे अधिक मरीजों की भीड़ नेत्र रोग विभाग के बाहर थी। डीएम के निरीक्षण में चिकित्सक अनुपस्थित मिले, इस पर अधीक्षक डॉ.दिनेश खत्री ने बताया कि दोनों को आई फ्लू हो गया है, इस कारण वह अवकाश पर हैं। डीएम ने नाराजगी जताई कि जब आई फ्लू इतना अधिक फैल रहा है तो यहां चिकित्सकों की व्यवस्था क्यों नहीं है। इसी दौरान एक दिव्यांग मरीज से डीएम प्रेरणा शर्मा ने फीडबैक लिया। मरीज ने बताया कि सोमवार को लगे शिविर में आई थी, लेकिन जांच को लेकर उसे फिर अस्पताल बुलाया गया है। आने-जाने में काफी परेशानी होती है। अधीक्षक डॉ.दिनेश खत्री ने बताया कि दिव्यांग बोर्ड के कैंप के दौरान आने वाले मरीजों का उसी समय निस्तारण कराया जाता है, इस तरह बुलाना गलत है। डीएम ने मामले का संज्ञान लेकर, मरीज से शिकायत लिखवाकर ली। सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ब्रह्मदयाल का स्थानांतरण गढ़ सीएचसी कर दिया। वहीं, बच्चा नर्सरी, ओटी, दवा स्टोर, पर्चा व दवा काउंटर का भी निरीक्षण किया। डीएम प्रेरणा शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को बेहतर सेवाएं दी जानी चाहिए।
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पांच सीएचसी में नेत्र रोग विशेषज्ञ ही नहीं
आई फ्लू के मरीज घर घर में हैं, लेकिन जिले के सपनावत, धौलाना, पिलखुवा, सिखैड़ा, गढ़ सीएचसी में नेत्र रोग विशेषज्ञ ही नहीं हैं। एमबीबीएस चिकित्सक की मरीजों की आंखें देखते हैं। ऐसे में यदि आंखों में कोई परेशानी हो गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, यह बड़ा सवाल है।
जिला अस्पताल में चार नेत्र रोग विशेषज्ञ, लेकिन मरीज कम
जिला अस्पताल में चार नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि यहां सिर्फ एक पद ही स्वीकृत है। यहां पर मरीज हापुड़ सीएचसी से भी कम हैं। लेकिन सभी विशेषज्ञ शासन से नियुक्ति कराकर अस्पताल में आए हैं। ऐसे में स्थानीय अधिकारी भी उनसे बचते हैं।
कोट -
अस्पताल में आने वाले हर मरीजों को बेहतर उपचार दिलाना प्राथमिकता है। हड्डी रोग विशेषज्ञ का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर दिया है। नेत्र रोग विभाग के चिकित्सकों को भी निर्देशित किया है।