{"_id":"575c2ae34f1c1b3b0c9c5f1e","slug":"checking-the-name-of-vehicle-is-the-recovery-work","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाहन चेकिंग का नाम, वसूली है काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाहन चेकिंग का नाम, वसूली है काम
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Sat, 11 Jun 2016 08:45 PM IST
विज्ञापन
यातायात पुलिस व होमगार्ड मिलकर करते हैं वसूली
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की यातायात व्यवस्था तो पटरी पर नहीं आ रही है, वाहन चेकिंग के नाम पर पुलिस की वसूली जरूर बढ़ गई है। हाल यह है कि यातायात पुलिस होमगार्ड की मदद से वाहन चालकों से वसूली में जुट रहती है।
विज्ञापन
मनमाने पैसे नहीं मिलने पर ही चालान काटा जाता है। ‘अमर उजाला’ टीम ने शनिवार को पड़ताल की तो कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। शहर के विभिन्न चौराहों पर होमगार्ड वाहनों को रोकते हुए उनके दस्तावेजों की जांच कर रहे थे।
विज्ञापन
जबकि यातायात पुलिस के दरोगा कार में बैठे नजर आए। छायाकार ने इस सीन को कैमरे में कैद किया तो सिपाही व होमगार्ड के जवान खिसक लिए। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एक यातायात प्रभारी, 22 एचसीपी, 32 सिपाही और 20 होमगार्ड की तैनाती है।
विज्ञापन
इनके जिम्मे गढ़मुक्तेश्वर, पिलखुवा और हापुड़ शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के अलावा हाईवे पर वाहनों का आवागमन सुचारु रखने का भी दायित्व है। लेकिन हापुड़ में यातायात पुलिस को मिली ईको वैन आजकल सिर्फ वसूली वैन बनकर रह गई है।
इस वैन में एक दरोगा या एचसीपी के अलावा यातायात पुलिस के दो सिपाही और चार होमगार्ड चलते हैं। होमगार्ड वाहनों को रोककर उनके कागजात की जांच करते हैं। एक भी कागज कम मिलने पर शुरू होती है सौदेबाजी। कुछ रिश्वत देकर आगे बढ़ जाते हैं, न देने वालों का चालान काट दिया जाता है।
सबसे ज्यादा दूसरे प्रदेशों या जिलों से आने वाले ट्रक, मिनी ट्रक और जीप कारों से अनाप शनाप वसूली की जाती है, क्योंकि दूसरे प्रदेशों के लोग चालान कटवाने से बचते हैं। हाल यह है कि दूसरे प्रदेशों के टूरिस्टों की कार, बस या ट्रक को देखते ही तो ऐसा व्यवहार किया जाता है कि वह दूसरे देश की सीमा में बिना पासपोर्ट के आए हों।
अगर किसी कार में महिला और बच्चे बैठे हों, तो भी चालान की धमकी देकर वसूली की जाती है। यह वसूली परमिट, डीएल, प्रदूषण, आरसी नहीं होने, बेल्ट नहीं लगी होने, शीशों पर काली फिल्म लगी होने, दुपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठने या हेलमेट नहीं पहनने आदि में से एक भी कमी मिलने पर होती है।
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में शहर के तहसील चौपला, मेरठ तिराहा और मेरठ रोड फ्लाईओवर पर यातायात के जवान तैनात है। जिनके साथ होमगार्डों की कोई ड्यूटी नहीं लगती है।
हां जिन स्थानों पर यातायात जवानों को वाहनों के चालान काटने होते हैं, वहां होमगार्डों की फौज देखने को अवश्य मिलती है। ऐसे में चंद सिपाही ही जाम से जूझते नजर आते हैं।
यातायात पुलिस और होमगार्ड्स ने सुबह के समय मेरठ रोड तिराहे पर, दोपहर बाद मंगल भवन के सामने और शाम को जिले की पुलिस अधीक्षक आवास से चंद कदम की दूरी और पुलिस लाइन के पास अवैध कमाई का अड्डा बना रखा है।
बुलंदशहर रोड पर प्रधान डाकघर के पास भी होमगार्ड वाहन चालकों से चालान काटने के नाम पर अवैध धन की वसूली करते हैं।
यह मामला बेहद गंभीर है। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। होमगार्ड यातायात व्यवस्था में सिर्फ हाथ बंटा सकता है, दस्तावेजों की जांच नहीं कर सकता।
विशाल यादव, सीओ ट्रैफिक