{"_id":"66d207f0de54d067640cef1d","slug":"cattle-counting-start-hapur-news-c-135-1-hpr1002-114251-2024-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: 2.22 लाख घरों में कल से होगी पशुओं की जनगणना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: 2.22 लाख घरों में कल से होगी पशुओं की जनगणना
Fri, 30 Aug 2024 11:27 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 30 Aug 2024 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हापुड़। जिले में 21वीं पशु गणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं, एक सितंबर से टीमें गणना करेंगी। इस बार गाय, भैंस के साथ ही कुत्ता, बिल्ली, ऊंट और हाथियों की भी गणना होगी। शनिवार को गणनाकारों का प्रशिक्षण होगा। 31 दिसंबर तक प्रजाति के अनुसार संख्या जुटाने का लक्ष्य रखा है।
चार साल में एक बार पशुओं की गणना की जाती है, वर्ष 2019 में गणना के अनुसार जिले में 3.48 लाख पशु थे, जो 2015 की गणना के सापेक्ष करीब चार हजार कम थे। लेकिन पिछले कुछ साल में देहात अंचल से पशुओं की संख्या कम हुई है। किसान और पशुपालक अपने आय के स्रोत में बदलाव करते दिखे हैं। हालांकि पशुओं की सही गणना की जानकारी 31 दिसंबर के बाद ही लग सकेगी। बहरहाल, पशुपालन विभाग ने ग्राम पंचायतवार गणना करने को कमर कस ली है। गणनाकारों को इसके लिए 9 रुपये प्रति घर के हिसाब से मानदेय भी दिया जाएगा। शासन ने हर पशु की नस्ल का आंकड़ा तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं, ऐसे में पहली बार पशुओं की गणना में यह बदलाव किया जाएगा। गाय, भैंस के साथ बकरी, भेड़, कुत्ता, बिल्ली, घोड़ा, खच्चर, ऊंट, हाथी की संख्या का पता लग सकेगा। शनिवार को गणनाकारों को प्रशिक्षित कर तरीके सिखाए जाएंगे।
पशुओं की गणना को लेकर आवश्यक तैयारी-
कुल गांव-- -- -318
ग्रामीण परिवार-- -154107
शहरी परिवार-- -- 68140
गणनाकार-- -- -- 77
सुपरवाइजर-- -- -15
कल से शुरू होगी गणना
जिले में एक सितंबर से पशुओं की गणना शुरू होगी। शनिवार को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस बार पशुओं की नस्ल सहित गणना होगी, हर रोज औचक निरीक्षण कर सर्वे का सत्यापन भी होगा। - डॉ.ओपी मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
चार साल में एक बार पशुओं की गणना की जाती है, वर्ष 2019 में गणना के अनुसार जिले में 3.48 लाख पशु थे, जो 2015 की गणना के सापेक्ष करीब चार हजार कम थे। लेकिन पिछले कुछ साल में देहात अंचल से पशुओं की संख्या कम हुई है। किसान और पशुपालक अपने आय के स्रोत में बदलाव करते दिखे हैं। हालांकि पशुओं की सही गणना की जानकारी 31 दिसंबर के बाद ही लग सकेगी। बहरहाल, पशुपालन विभाग ने ग्राम पंचायतवार गणना करने को कमर कस ली है। गणनाकारों को इसके लिए 9 रुपये प्रति घर के हिसाब से मानदेय भी दिया जाएगा। शासन ने हर पशु की नस्ल का आंकड़ा तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं, ऐसे में पहली बार पशुओं की गणना में यह बदलाव किया जाएगा। गाय, भैंस के साथ बकरी, भेड़, कुत्ता, बिल्ली, घोड़ा, खच्चर, ऊंट, हाथी की संख्या का पता लग सकेगा। शनिवार को गणनाकारों को प्रशिक्षित कर तरीके सिखाए जाएंगे।
विज्ञापन
पशुओं की गणना को लेकर आवश्यक तैयारी-
कुल गांव
ग्रामीण परिवार
शहरी परिवार
गणनाकार
सुपरवाइजर
कल से शुरू होगी गणना
जिले में एक सितंबर से पशुओं की गणना शुरू होगी। शनिवार को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस बार पशुओं की नस्ल सहित गणना होगी, हर रोज औचक निरीक्षण कर सर्वे का सत्यापन भी होगा। - डॉ.ओपी मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
विज्ञापन