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कोहरे की सफेद चादर में लिपटा शहर, सड़कों पर रेंगे वाहन
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कोहरे की सफेद चादर में लिपटा शहर, सड़कों पर रेंगे वाहन
हापुड़। बुधवार को घने कोहरे की सफेद चादर में शहर पूरी तरह लिपटा रहा। सुबह 9 बजे तक भीषण कोहरा छाया रहा। इसके चलते दृश्यता ना के बराबर रही, ऐसे में वाहनों के पहिये थम गए। जबकि पूरे दिन ठंड से ठिठुरन बरकार रही। दोपहर 12 बजे के बाद कुछ देर के लिए धूप निकली। लेकिन हल्के बादल होने से धूप भी सर्दी से निजात नहीं दिला सकी। जिले का न्यूनतम तापमान आठ डिग्री दर्ज किया गया। कुल मिलाकर कोहरे और ठंड से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा।
बुधवार सुबह की शुरुआत कोहरे और गलन के साथ हुई। सुबह लोग घरों से बाहर निकले तो हैरान रह गए। घर के बाहर कुछ दूरी तक का भी देख पाना मुश्किल था। कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे की मार ने हालात काफी बदतर कर दिए। कुछ देर बार थोड़ी दूर कर दिखायी देना तो शुरू हुआ लेकिन कोहरा वातावरण में छाया रहा। इसका असर यह रहा कि सूर्यदेव दोपहर करीब 12 बजे दर्शन दे सके। लोगों ने घरों के अंदर हीटर जलाकर समय काटा, जबकि बाहर लोग अलाव का सहारा लेते हुए नजर आए।
पर्यावरणविद डा. राजबीर शर्मा ने बताया कि इस प्रकार की ठंड पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रही है। कई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है। आसमान में बादल छाए रहने से बरसात की भी संभावना है।
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हापुड़। बुधवार को घने कोहरे की सफेद चादर में शहर पूरी तरह लिपटा रहा। सुबह 9 बजे तक भीषण कोहरा छाया रहा। इसके चलते दृश्यता ना के बराबर रही, ऐसे में वाहनों के पहिये थम गए। जबकि पूरे दिन ठंड से ठिठुरन बरकार रही। दोपहर 12 बजे के बाद कुछ देर के लिए धूप निकली। लेकिन हल्के बादल होने से धूप भी सर्दी से निजात नहीं दिला सकी। जिले का न्यूनतम तापमान आठ डिग्री दर्ज किया गया। कुल मिलाकर कोहरे और ठंड से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा।
बुधवार सुबह की शुरुआत कोहरे और गलन के साथ हुई। सुबह लोग घरों से बाहर निकले तो हैरान रह गए। घर के बाहर कुछ दूरी तक का भी देख पाना मुश्किल था। कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे की मार ने हालात काफी बदतर कर दिए। कुछ देर बार थोड़ी दूर कर दिखायी देना तो शुरू हुआ लेकिन कोहरा वातावरण में छाया रहा। इसका असर यह रहा कि सूर्यदेव दोपहर करीब 12 बजे दर्शन दे सके। लोगों ने घरों के अंदर हीटर जलाकर समय काटा, जबकि बाहर लोग अलाव का सहारा लेते हुए नजर आए।
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पर्यावरणविद डा. राजबीर शर्मा ने बताया कि इस प्रकार की ठंड पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रही है। कई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है। आसमान में बादल छाए रहने से बरसात की भी संभावना है।
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