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बजट ऐसा हो, जो किचन का खर्च करे कम
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Sun, 29 Jan 2017 10:15 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एक फरवरी को पेश होने वाले आम बजट से जिले की महिलाएं उम्मीद लगाई बैठी हैं। महिलाओं का कहना है कि बजट इस तरह का हो जो किचन का स्वाद न बिगाड़े। घरेलू चीजों की कीमत कम हो, इनकम टैक्स की सीमा बढ़ाई जाए। होम लोन के ब्याज में महिलाओं को छूट मिले। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को आसानी से सुविधाएं मिल सकें।
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आवास विकास निवासी जया शर्मा का कहना है कि बजट में घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन उन पर अमल नहीं होता। महिला होने के नाते मैं चाहूंगी कि महिलाओं को बस, ट्रेन में विशेष सुविधा मिले। गैस सिलेंडर के दाम कम हो, ताकि किचन का बजट न गड़बड़ाए।
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इंद्रलोक कालोनी निवासी प्रिया का कहना है कि होमलोन के ब्याज में महिलाओं के लिए अधिक सब्सिडी होनी चाहिए। महिलाओं द्वारा दिए जाने वाले टैक्स छूट की लिमिट बढ़ाई जानी चाहिए। हेल्थ सेविंग दवाएं सस्ती होनी चाहिए। अनाज का समर्थन मूल्य निर्धारित करते समय यह ध्यान रखा जाए की अन्नदाता को इससे कोई हानि न हो।
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शास्त्रीनगर की पूजा रानी का कहना है कि महंगाई तेजी से बढ़ रही है, इससे किचन का बजट गड़बड़ा रहा है। इस बार बजट ऐसा हो कि गृहणियों को किचन के लिए खाने की चीजें खरीदते समय ज्यादा सोचना न पड़े। दवा, राशन, गैस सिलेंडर समेत खाने पीने की चीजों के रेट कम हों।
पटेलनगर निवासी कल्पना का कहना है कि हम ऐसे बजट की उम्मीद कर रहे हैं जिसमें आर्थिक समानता हो। मूलभूत चीजें गरीबों के बजट से बाहर न हो। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीद है।
शिवपुरी निवासी काजल का कहना है कि बजट ऐसा हो कि सभी लोगों को आसानी से खाना मिल सके। आम आदमी को दो वक्त की रोटी के लिए बहुत जद्दोजहद न करना पड़े। राशन समेत अन्य खाने की चीजें सस्ती होनी चाहिए।
पक्का बाग निवासी प्रीति सिंहल का कहना है कि एजूकेशन सस्ता होना चाहिए। बच्चों को पब्लिक स्कूलों में पढ़ाना मुश्किल हो रहा है। क्योंकि वहां बहुत ज्यादा फीस ली जा रही है। सरकार इस बजट में शिक्षा पर अधिक खर्च करे ताकि उनके बच्चों को सस्ती और गुणवत्ता परक शिक्षा मिल सके।