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Hapur News: बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल दवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दौरान एक से 19 साल तक के बच्चों और युवाओं को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में अभियान चलाकर बच्चों को दवा खिलाई जानी है। इसमें सरकारी, निजी विद्यालयों के अलावा एएनएम व आशा घर-घर जाकर बच्चों व युवाओं को दवा खिलाएंगी। इसके लिए दवा उपलब्ध है। दवाओं के सेवन को लेकर सभी कर्मचारियों को दिशा-निर्देश भी दिए जा चुके हैं। छह माह में एक बार हर व्यक्ति को एल्बेंडाजोल दवा का सेवन करना चाहिए। पेट में कीड़े होने के कारण जो ऊर्जा खानपान से व्यक्ति को मिलनी चाहिए, वह उसे पूरी तरह से नहीं मिल पाती है। पेट में मौजूद कीड़े पोषक तत्वों को चूस लेते हैं, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। ऐसे में बच्चों को निर्धारित समय पर एल्बेंडाजोल दवा जरूर लेनी चाहिए।
सीएचसी प्रभारी डॉ.आनंदमणि ने बताया कि एल्बेंडाजोल की दवा बच्चों को उम्र सीमा के हिसाब से देनी है। दो साल के बच्चों को आधी गोली, तीन से 19 साल के बच्चों को एक गोली दी जानी है। खांसी, बुखार, सांस फूलना व गंभीर बीमारी के ग्रसित बच्चों को दवा नहीं खिलाना है। दवा को हाथ से न खिलाएं। इसके लिए चम्मच का प्रयोग करें। कुछ बच्चों को अगर दवा खाने के बाद उल्टी, दस्त व पेट में हल्का दर्द हो तो उसे खुली हवा में छायादार स्थान पर लिटा दें।
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गढ़मुक्तेश्वर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दौरान एक से 19 साल तक के बच्चों और युवाओं को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में अभियान चलाकर बच्चों को दवा खिलाई जानी है। इसमें सरकारी, निजी विद्यालयों के अलावा एएनएम व आशा घर-घर जाकर बच्चों व युवाओं को दवा खिलाएंगी। इसके लिए दवा उपलब्ध है। दवाओं के सेवन को लेकर सभी कर्मचारियों को दिशा-निर्देश भी दिए जा चुके हैं। छह माह में एक बार हर व्यक्ति को एल्बेंडाजोल दवा का सेवन करना चाहिए। पेट में कीड़े होने के कारण जो ऊर्जा खानपान से व्यक्ति को मिलनी चाहिए, वह उसे पूरी तरह से नहीं मिल पाती है। पेट में मौजूद कीड़े पोषक तत्वों को चूस लेते हैं, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। ऐसे में बच्चों को निर्धारित समय पर एल्बेंडाजोल दवा जरूर लेनी चाहिए।
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सीएचसी प्रभारी डॉ.आनंदमणि ने बताया कि एल्बेंडाजोल की दवा बच्चों को उम्र सीमा के हिसाब से देनी है। दो साल के बच्चों को आधी गोली, तीन से 19 साल के बच्चों को एक गोली दी जानी है। खांसी, बुखार, सांस फूलना व गंभीर बीमारी के ग्रसित बच्चों को दवा नहीं खिलाना है। दवा को हाथ से न खिलाएं। इसके लिए चम्मच का प्रयोग करें। कुछ बच्चों को अगर दवा खाने के बाद उल्टी, दस्त व पेट में हल्का दर्द हो तो उसे खुली हवा में छायादार स्थान पर लिटा दें।
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