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Hapur News: प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल 61 गांवों का बनेगा अलग से मास्टर प्लॉन
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धीरेंद्र मिश्र
गाजियाबाद। विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल हुए जिले के 61 गांवों की जमीन पर विकास का खाका खींचने के लिए जीडीए अलग से मास्टर प्लान बनाने जा रहा है। मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट तैयार करने वाली एजेंसी के चयन के लिए जीडीए शासन को पत्र लिखकर अनुमति लेने की तैयारी में जुट गया है।
इसी साल मार्च में मेरठ में हुई जीडीए की 168वीं बोर्ड बैठक में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से सटे 61 गांवों को विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल करने के प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है। महायोजना 2031 को भी मंजूरी मिल चुकी है। अब विकास क्षेत्र में शामिल किए गए इन गांवों की जमीन पर सुनियोजित विकास का खाका खींचने के लिए अलग से मास्टर प्लान बनाने का फैसला किया गया है। 61 गांव में 32 दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और 29 ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के किनारे के हैं। इनके शामिल होने पर जीडीए की सीमा में कुल 229 गांव हो जाएंगे। प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल इन गांवों में सुनियोजित विकास होने पर जहां अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगेगी, वहीं इसका फायदा स्थानीय लोगों को भी मिलेगा।
मास्टर प्लान बनने पर जीडीए लाएगा आवासीय और व्यावसायिक योजनाएं
ईपीए और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सटे गांवों में 500-500 मीटर तक की जमीन पर जीडीए से नक्शा स्वीकृत कराने के बाद ही निर्माण किया जा सकेगा। मास्टर प्लान में तय होगा कि कितना भू-उपयोग औद्योगिक होगा और कितना आवासीय। हालांकि दोनों एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक सिटी, लॉजिस्टिक पार्क और ट्रांसपोर्ट सिटी बसाने के योजना है। इसका मुख्य कारण इन क्षेत्रों से गुजर रहे एक्सप्रेसवे हैं। खास बात यह कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के समानांतर करीब एक किलोमीटर के दायरे में आर्बिटल रेल कॉरिडोर के निर्माण की योजना भी चल रही है। इन इलाकों में सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करना आवश्यक माना जा रहा है।
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14 साल में बढ़ गया चार गुना विकास क्षेत्र
2011 में विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 168 गांव थे। करीब 14 साल बाद शहर के विस्तारीकरण के लिए 61 और गांवों को शामिल किए जाने का निर्णय लिया है। 2021 की महायोजना में 15,554 हेक्टेयर क्षेत्र विकास के लिए प्रस्तावित था। इन गांवों के शामिल होने से प्राधिकरण का विकास क्षेत्रफल अब 60,282.12 हेक्टेयर हो गया है। 14 साल में विकास क्षेत्र का दायरा चार गुना तक बढ़ गया है।
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जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल हुए 61 गांवों का अलग से मास्टर प्लान तैयार करने की योजना पर काम किया जा रहा है। शासन से अनुमति के लिए पत्र भेजा जा रहा है। अनुमति मिलने के बाद इसे आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। शहरी विस्तारीकरण के तहत सुनियोजित विकास के लिए काम किया जा रहा है।
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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के गांव
नेकपुर सावितनगर, बिहंग, रेंवरा रावरी(रेवरी खेड़ा), हुसैनपुर, मानौली, भदौली, किशनचंदपुर पट्टी, मिलक चकरपुर, रोशनपुर सलेमाबाद पट्टी प्रताप, रोशनपुर सलेमाबाद पट्टी जीराम, अजबपुर मंगावली, काकड़ा, खरजीवनपुर, खीमावती, कादरनगर बुरारी, सुराना, अल्लाहपुर, शहजादपुर, सुठारी, रावली कलां, मिल्क रावली, खैराजपुर, रुहैलापुर, सुल्ताननगर छज्जूपुर, जलालपुर ढिंढार, अमरीपुर गढ़ी, बंदीपुर, ग्यासपुर, सुल्तानपुर, खुर्रमपुर।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के गांव :
किल्हौड़ा, भड़ौला, फरीदनगर, रघुनाथपुर, त्योड़ी तेरह बिस्वा, त्योड़ी सात विस्वा, चुड़ियाला, शकररपुर, मुरादाबाद, जैनुद्दीनपुर, तलहेटा, पलौता, भटजन अमराला, औरंगाबाद फजलगढ़, कासिमपुर, अमीरपुर बडायला, सुजानपुर मुहम्मदपुर, पट्टी, जहांगीरपुर, कलछीना, औरंगनगर किनापुर, गंगाराम पुर, मिसवापुर, भवानीपुर, नूरपुर, डिडावरी, समयपुर, करीमनगर कटियारा उफ आकलपुरी, निगरावठी और यूसुफपुर ईशापुर।
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गाजियाबाद। विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल हुए जिले के 61 गांवों की जमीन पर विकास का खाका खींचने के लिए जीडीए अलग से मास्टर प्लान बनाने जा रहा है। मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट तैयार करने वाली एजेंसी के चयन के लिए जीडीए शासन को पत्र लिखकर अनुमति लेने की तैयारी में जुट गया है।
इसी साल मार्च में मेरठ में हुई जीडीए की 168वीं बोर्ड बैठक में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से सटे 61 गांवों को विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल करने के प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है। महायोजना 2031 को भी मंजूरी मिल चुकी है। अब विकास क्षेत्र में शामिल किए गए इन गांवों की जमीन पर सुनियोजित विकास का खाका खींचने के लिए अलग से मास्टर प्लान बनाने का फैसला किया गया है। 61 गांव में 32 दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और 29 ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के किनारे के हैं। इनके शामिल होने पर जीडीए की सीमा में कुल 229 गांव हो जाएंगे। प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल इन गांवों में सुनियोजित विकास होने पर जहां अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगेगी, वहीं इसका फायदा स्थानीय लोगों को भी मिलेगा।
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मास्टर प्लान बनने पर जीडीए लाएगा आवासीय और व्यावसायिक योजनाएं
ईपीए और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सटे गांवों में 500-500 मीटर तक की जमीन पर जीडीए से नक्शा स्वीकृत कराने के बाद ही निर्माण किया जा सकेगा। मास्टर प्लान में तय होगा कि कितना भू-उपयोग औद्योगिक होगा और कितना आवासीय। हालांकि दोनों एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक सिटी, लॉजिस्टिक पार्क और ट्रांसपोर्ट सिटी बसाने के योजना है। इसका मुख्य कारण इन क्षेत्रों से गुजर रहे एक्सप्रेसवे हैं। खास बात यह कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के समानांतर करीब एक किलोमीटर के दायरे में आर्बिटल रेल कॉरिडोर के निर्माण की योजना भी चल रही है। इन इलाकों में सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करना आवश्यक माना जा रहा है।
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14 साल में बढ़ गया चार गुना विकास क्षेत्र
2011 में विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 168 गांव थे। करीब 14 साल बाद शहर के विस्तारीकरण के लिए 61 और गांवों को शामिल किए जाने का निर्णय लिया है। 2021 की महायोजना में 15,554 हेक्टेयर क्षेत्र विकास के लिए प्रस्तावित था। इन गांवों के शामिल होने से प्राधिकरण का विकास क्षेत्रफल अब 60,282.12 हेक्टेयर हो गया है। 14 साल में विकास क्षेत्र का दायरा चार गुना तक बढ़ गया है।
जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल हुए 61 गांवों का अलग से मास्टर प्लान तैयार करने की योजना पर काम किया जा रहा है। शासन से अनुमति के लिए पत्र भेजा जा रहा है। अनुमति मिलने के बाद इसे आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। शहरी विस्तारीकरण के तहत सुनियोजित विकास के लिए काम किया जा रहा है।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के गांव
नेकपुर सावितनगर, बिहंग, रेंवरा रावरी(रेवरी खेड़ा), हुसैनपुर, मानौली, भदौली, किशनचंदपुर पट्टी, मिलक चकरपुर, रोशनपुर सलेमाबाद पट्टी प्रताप, रोशनपुर सलेमाबाद पट्टी जीराम, अजबपुर मंगावली, काकड़ा, खरजीवनपुर, खीमावती, कादरनगर बुरारी, सुराना, अल्लाहपुर, शहजादपुर, सुठारी, रावली कलां, मिल्क रावली, खैराजपुर, रुहैलापुर, सुल्ताननगर छज्जूपुर, जलालपुर ढिंढार, अमरीपुर गढ़ी, बंदीपुर, ग्यासपुर, सुल्तानपुर, खुर्रमपुर।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के गांव :
किल्हौड़ा, भड़ौला, फरीदनगर, रघुनाथपुर, त्योड़ी तेरह बिस्वा, त्योड़ी सात विस्वा, चुड़ियाला, शकररपुर, मुरादाबाद, जैनुद्दीनपुर, तलहेटा, पलौता, भटजन अमराला, औरंगाबाद फजलगढ़, कासिमपुर, अमीरपुर बडायला, सुजानपुर मुहम्मदपुर, पट्टी, जहांगीरपुर, कलछीना, औरंगनगर किनापुर, गंगाराम पुर, मिसवापुर, भवानीपुर, नूरपुर, डिडावरी, समयपुर, करीमनगर कटियारा उफ आकलपुरी, निगरावठी और यूसुफपुर ईशापुर।