{"_id":"112-41454","slug":"Hapur-41454-112","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज चालू होगी 33 गांवों की बिजली ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज चालू होगी 33 गांवों की बिजली
Hapur
Updated Wed, 12 Nov 2014 05:30 AM IST
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हापुड़। 33 गांवों की बिजली काटने के विरोध में कांग्रेस व भाकियू पदाधिकारियों द्वारा जारी अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को एसडीएम के आवश्वासन पर समाप्त हो गया। बुधवार से प्रत्येक गांव की आपूर्ति बहाल कर दी जायेगी। हालांकि ग्रामीणों को 10 दिन के अंदर बिल जमा करना होगा।
गौरतलब है कि बिजली निगम अफसराें द्वारा बकायेदारी को लेकर 33 गांवों की बिजली काट दी गई थी। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक गजराज सिंह व जिलाध्यक्ष देवेंद्र प्रधान के नेतृत्व में अतरपुरा चौपला पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया था। उधर, भाकियू ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर अनिश्चितकालीन तालाबंदी कर दी थी। धरना प्रदर्शन के दूसरे दिन विधायक गजराज सिंह ने कहा कि किसानों का शोषण कतेई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम अफसरों की मनमर्जी से परेशान किसान अपनी फसलों की सिंचाई तक नहीं कर पा रहे हैं। गेहूं की बुवाई प्रभावित हो रही है, पशुओं को समय से चारा नहीं मिल पा रहा है।
मामला बढ़ता देख मंगलवार देर शाम एसडीएम केबी सिंह मौके पर पहुंचे। कांग्रेसियों ने उन्हें किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता ने द्वारा इस संबंध में एमडी से वार्ता कर समस्या के निस्तारण की बात कही। इस पर गुस्साए कांग्रेसियाें ने स्वयं गांव में जाकर आपूर्ति बहाल करने की चेतावनी दी।
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मामला बढ़ता देख एसडीएम केबी सिंह ने 33 गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश निगम अफसरों को दिये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण 10 दिन के अंदर अपना बिल जमा कर दें। अन्यथा फिर से बिजली निगम अपनी कार्रवाई शुरू कर देगा। इससे संतुष्ट कांग्रेसियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। उधर, भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री, उपाध्यक्ष यशवीर सिंह, टेनपाल सिंह आदि ने धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर ब्रजेश गौतम, हरीश सूरी, सैय्यद अय्याजुद्दीन, साबिर अली, मगन प्रकाश, फुरकान, चौधरी रामपाल सिंह, अलका निम, ललित शर्मा, अभिषेक गोयल, खेम सिंह, निखिल वत्स, अरूण चौधरी,, मनोज शर्मा, संजीव त्यागी, सतेंद्र त्यागी मौजूद रहे।
गढ़ में देर शाम डिवीजन दफ्तर से खोला ताला
गढ़मुक्तेश्वर। बकाया वसूली के लिए 32 गांवों की बत्ती गुल करने के खिलाफ भाकियू की ओर से बिजली डिवीजन ऑफिस पर ठोका गया ताला देर शाम खोल दिया गया। हालांकि भाकियू का इस अभियान के खिलाफ धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। राष्ट्रीय सचिव सतबीर सिंह, जिला प्रभारी दिनेश खेड़ा, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष डॉ.रामपाल सिंह, जिला संगठन मंत्री सतबीर चौहान, जिला महासचिव सुरेश प्रधान, तहसील अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह समेत काफी कार्यकर्ता धरने पर बैठे रहे। बाद में हापुड़ में अफसरों से बातचीत के बाद शाम चार बजे ताला खोल दिया गया। जिला प्रभारी दिनेश खेड़ा ने बताया कि भाकियू नेताओं और बिजली अफसरों के बीच हापुड़ में काफी देर तक बातचीत हुई। नीरज तोमर, कृपाराम राणा, मूलचंद यादव, तोताराम, राहत खां, माशा अल्लाह, सरदार कुलवंत सिंह, गुड्डू सिरोही, बिल्लू चौधरी, वेदप्रकाश, मामचंद, बिन्नू सिंह, अरविंद, विनोद, अंकुर, सुरेन्द्र त्यागी, चंपत सिंह, राजपथ, राजकुमार, छिद्दा, होराम, संजय खान, भूरे शर्मा, अजब सिंह मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि बिजली निगम अफसराें द्वारा बकायेदारी को लेकर 33 गांवों की बिजली काट दी गई थी। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक गजराज सिंह व जिलाध्यक्ष देवेंद्र प्रधान के नेतृत्व में अतरपुरा चौपला पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया था। उधर, भाकियू ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर अनिश्चितकालीन तालाबंदी कर दी थी। धरना प्रदर्शन के दूसरे दिन विधायक गजराज सिंह ने कहा कि किसानों का शोषण कतेई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम अफसरों की मनमर्जी से परेशान किसान अपनी फसलों की सिंचाई तक नहीं कर पा रहे हैं। गेहूं की बुवाई प्रभावित हो रही है, पशुओं को समय से चारा नहीं मिल पा रहा है।
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मामला बढ़ता देख मंगलवार देर शाम एसडीएम केबी सिंह मौके पर पहुंचे। कांग्रेसियों ने उन्हें किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता ने द्वारा इस संबंध में एमडी से वार्ता कर समस्या के निस्तारण की बात कही। इस पर गुस्साए कांग्रेसियाें ने स्वयं गांव में जाकर आपूर्ति बहाल करने की चेतावनी दी।
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मामला बढ़ता देख एसडीएम केबी सिंह ने 33 गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश निगम अफसरों को दिये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण 10 दिन के अंदर अपना बिल जमा कर दें। अन्यथा फिर से बिजली निगम अपनी कार्रवाई शुरू कर देगा। इससे संतुष्ट कांग्रेसियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। उधर, भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री, उपाध्यक्ष यशवीर सिंह, टेनपाल सिंह आदि ने धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर ब्रजेश गौतम, हरीश सूरी, सैय्यद अय्याजुद्दीन, साबिर अली, मगन प्रकाश, फुरकान, चौधरी रामपाल सिंह, अलका निम, ललित शर्मा, अभिषेक गोयल, खेम सिंह, निखिल वत्स, अरूण चौधरी,, मनोज शर्मा, संजीव त्यागी, सतेंद्र त्यागी मौजूद रहे।
गढ़ में देर शाम डिवीजन दफ्तर से खोला ताला
गढ़मुक्तेश्वर। बकाया वसूली के लिए 32 गांवों की बत्ती गुल करने के खिलाफ भाकियू की ओर से बिजली डिवीजन ऑफिस पर ठोका गया ताला देर शाम खोल दिया गया। हालांकि भाकियू का इस अभियान के खिलाफ धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। राष्ट्रीय सचिव सतबीर सिंह, जिला प्रभारी दिनेश खेड़ा, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष डॉ.रामपाल सिंह, जिला संगठन मंत्री सतबीर चौहान, जिला महासचिव सुरेश प्रधान, तहसील अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह समेत काफी कार्यकर्ता धरने पर बैठे रहे। बाद में हापुड़ में अफसरों से बातचीत के बाद शाम चार बजे ताला खोल दिया गया। जिला प्रभारी दिनेश खेड़ा ने बताया कि भाकियू नेताओं और बिजली अफसरों के बीच हापुड़ में काफी देर तक बातचीत हुई। नीरज तोमर, कृपाराम राणा, मूलचंद यादव, तोताराम, राहत खां, माशा अल्लाह, सरदार कुलवंत सिंह, गुड्डू सिरोही, बिल्लू चौधरी, वेदप्रकाश, मामचंद, बिन्नू सिंह, अरविंद, विनोद, अंकुर, सुरेन्द्र त्यागी, चंपत सिंह, राजपथ, राजकुमार, छिद्दा, होराम, संजय खान, भूरे शर्मा, अजब सिंह मौजूद रहे।