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परिजनों के जरिए राहुल खट्टा तक पहुंचने की तैयारी

Tue, 11 Nov 2014 05:30 AM IST
Hapur
Hapur Updated Tue, 11 Nov 2014 05:30 AM IST
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हापुड़ । चार राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बने ढाई लाख के इनामी बदमाश राहुल खट्टा का फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल रहा है। उस तक पहुंचने के लिए पुलिस उसके ही परिजनों को जरिया बना सकती है।
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इसके लिए पुलिस पिलखुवा में रहने वाले उसके रिश्तेदारों से पूछताछ कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि रिश्तेदारों से कुछ अहम जानकारियां मिली है। जल्द ही वह पुलिस कब्जे में होगा। बागपत जिले में वर्ष 2009 में पहला केस दर्ज होने के बाद जरायम की दुनिया में खट्टा प्रहलादपुर निवासी राहुल खट्टा ने कुछ ही सालों में गैंग खड़ा कर लिया। वर्तमान में अपहरण और लूट की कई संगीन वारदातों को अंजाम देने वाला खट्टा पिलखुवा मदर डेयरी के जरनल मैनेजर को गोली मारने के बाद सुर्खियों में आया था। इस गैंग ने कुछ दिनों गाजियाबाद के कविनगर निवासी धौलाना में भट्ठा कारोबारी का अपहरण कर पुलिस को चुनौती दी थी। इसके बाद यूपी पुलिस ने राहुल पर डेढ़ लाख रुपये का ईनाम रखा। पुलिस को तफ्तीश के दौरान पता चला है कि पिलखुवा में राहुल खट्टा की पांच रिश्तेदारी है। राहुल खट्टा कभी कभार इनके संपर्क में रहता है। पुलिस ने उसके रिश्तेदारों से पूछताछ की तो अहम जानकारी मिली। पुलिस सूत्रों के अनुसार भट्ठा व्यापारी का अपहरण करने से पूर्व वह रिश्तेदारों के संपर्क में आया था।
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पूछताछ करने पर रिश्तेदारों से कुछ अहम क्लू मिले हैं साथ ही यह भी जानकारी में आया है कि वह यहां आता भी है।
घेराबंदी होते ही उत्तराखंड पहुंचा
बागपत। मोस्ट वांटेड राहुल खट्टा बागपत, मुजफ्फरनगर, मेरठ और सहारनपुर समेत कई जगह पर घेराबंदी होते ही यूपी से भाग निकला है। पुलिस को उसकी लोकेशन अब उत्तराखंड की मिल रही है। वह कभी देहरादून में जाकर छुप जाता है तो कभी हरिद्वार में। पकड़ा इसलिए नहीं जा रहा क्योंकि पुलिस को एकदम सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। उसे गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ समेत कई जनपदों की पुलिस लगी है।
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इसके बावजूद वह लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहा है। दो नवंबर को उसने पांच करोड़ की फिरौती के लिए गाजियाबाद के भट्ठा मालिक नवीन कंसल का अपहरण किया। पुलिस ने उसे मेरठ के सरधना क्षेत्र के कालिंदी गांव से मुक्त कराया। इससे पहले वह दिल्ली के भट्ठा मालिक प्रवीन मित्तल का अपहरण कर चुका है। इसके अलावा खट्टा प्रहृलादपुर गांव के चार भट्ठों पर फायरिंग कर दस-दस लाख रुपये की रंगदारी मांग चुका है। पुलिस का दावा है कि इनामी राहुल खट्टा की घेराबंदी की जा रही है। उसके गैंग के सदस्य कालिंदी गांव में पकड़े । इससे पहले खट्टा प्रहृलादपुर, मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में पकड़े जा चुका है। इसलिए जहां पर भी वह शरण लेता था। वहां पर ही पुलिस ने छापामारी कर उसके गैंग के सदस्य को पकड़ लिया। पुलिस से बचने के लिए वह उत्तराखंड में भाग गया है।

पुलिस टीम उत्तराखंड में कई संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है, लेकिन अभी सफलता नहीं मिली है। - नरेंद्र प्रताप सिंह सीओ (स्पेशल टीम के प्रभारी)

तो रिश्तेदारों से भी मिलता है खट्टा
राहुल खट्टा के बारे में बताया जाता है कि वह अपने रिश्तेदारों से मिलता है। लेकिन पुलिस इस बारे में कुछ भी बोलने के लिए कतई तैयार नहीं है।
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