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इलेक्ट्रिक ट्रेन की सवारी में अभी लगेगी देरी
Hapur
Updated Thu, 05 Sep 2013 05:36 AM IST
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हापुड़। गाजियाबाद से मुरादाबाद के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन की सवारी में अभी देर है। कारण है इस रेल उपखंड के विद्युतीकरण में होने वाली देरी। दो साल से प्रोजेक्ट की 2012 से हुई शुरुआत से ही रूट पर ट्रेनों के रश और काम की मंथर गति के चलते तय समय सीमा के भीतर विद्युतीकरण कार्य पूरा होता नहीं दिखता। कर्मियों को दिनभर में बस एक ही घंटा मिलता है।
गाजियाबाद से मुरादाबाद तक रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण वर्ष 2014 तक पूरा करना था लेकिन पिछले करीब पांच महीने से कार्य लगभग बंद पड़ा था। लेकिन अब काम में अब तेजी आ गई है। हापुड़ -पिलखुवा और हापुड़-गढ़मुक्तेश्वर के बीच विद्युत पोल लगाने के काम में तेजी आई है। रेलवे अधिकारियों की माने तो इस विद्युतीकरण को इनबहनास कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। जिसकी देखरेख आरई विभाग के पास है। विद्युतीकरण से यात्रियों को ट्रेनों की स्पीड़ बढ़ेगी और डीजल इंजन से मुक्ति मिलेगी। हालांकि तय समय सीमा पर इस प्रोजेक्ट को पूरा नहीं किया जा सकता। लेकिन उम्मीद है कि जल्द से जल्द विद्युतीकरण के कार्य को पूरा कर लिया जाए। आरई विभाग के टीआरईआई होशियार सिंह ने बताया कि उन्होंने हाल ही चार्ज संभाला है। इसलिए इस प्रोजेक्ट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। लेकिन इतना पता है कि पोल और लाइन को बिछाने का कार्य किया जा रहा है।
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गाजियाबाद से मुरादाबाद तक रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण वर्ष 2014 तक पूरा करना था लेकिन पिछले करीब पांच महीने से कार्य लगभग बंद पड़ा था। लेकिन अब काम में अब तेजी आ गई है। हापुड़ -पिलखुवा और हापुड़-गढ़मुक्तेश्वर के बीच विद्युत पोल लगाने के काम में तेजी आई है। रेलवे अधिकारियों की माने तो इस विद्युतीकरण को इनबहनास कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। जिसकी देखरेख आरई विभाग के पास है। विद्युतीकरण से यात्रियों को ट्रेनों की स्पीड़ बढ़ेगी और डीजल इंजन से मुक्ति मिलेगी। हालांकि तय समय सीमा पर इस प्रोजेक्ट को पूरा नहीं किया जा सकता। लेकिन उम्मीद है कि जल्द से जल्द विद्युतीकरण के कार्य को पूरा कर लिया जाए। आरई विभाग के टीआरईआई होशियार सिंह ने बताया कि उन्होंने हाल ही चार्ज संभाला है। इसलिए इस प्रोजेक्ट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। लेकिन इतना पता है कि पोल और लाइन को बिछाने का कार्य किया जा रहा है।
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