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जिम्मेदारी के फेर में ब्रजघाट गंगा प्रदूषण की दलदल में फंस रही
Updated Fri, 08 Sep 2017 11:55 PM IST
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6 साल बाद भी अधर में लटकी है सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट योजना
- तैयार होने के बावजूद भी नहीं चला ब्रजघाट का प्लांट
- प्लांट से घरेलू सीवर लाइन जोड़ने को जल निगम ने शासन को भेजा प्रस्ताव
इमरान अली
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। छह साल भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट योजना अधर में लटकी है। इसे अफसरों की लापरवाही कहे या जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ना कि लगभग दो वर्ष पूर्व ब्रजघाट में तैयार प्लांट भी अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। जल निगम ने प्लांट से घरेलू सीवर लाइन जोड़ने को शासन को प्रस्ताव भेजा है। करोड़ों की योजना के बाद भी आबादी का लाखों लीटर गंदा पानी बेरोकटोक ढंग से गंगा में गिर रहा है। जिससे गंगा प्रदूषित हो रही है।
गढ़ और ब्रजघाट गंगा में गिरने वाले प्रदूषण की रोकथाम के मकसद से केंद्रीय सप्रंग सरकार ने वर्ष 2011 में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट योजना को मंजूरी दी थी। करीब 40.51 करोड़ लागत वाली इस योजना के तहत गढ़, चौपला और ब्रजघाट में सीवर लाइन बिछाने के साथ ही ब्रजघाट में तीन एमएलडी और गढ़ के गांव नयाबांस में 6 एमएलडी क्षमता वाले दो ट्रीटमेंट बनाए जाने हैं। जिनमें ब्रजघाट का प्लांट तो कई माह पहले तैयार भी हो चुका है, जबकि अक्तूबर 2016 से 13 जुलाई 2017 तक एनजीटी की रोक लगी होने से नयाबांस वाले प्लांट का काम अभी तक पूरा ही नहीं हो पाया है। लेकिन इसके बाद भी ब्रजघाट योजना का क्रियान्वयन न होने से आबादी का लाखों लीटर दूषित पानी भी धड़ल्ले से गंगा में गिरकर केंद्र सरकार की मंशा पर पानी फेरने के साथ ही गंगा स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखा रहा है।
दूसरी ओर ब्रजघाट में एसटीपी तैयार होने के बाद भी आबादी का दूषित पानी गंगा में गिरने की सबसे अहम वजह पालिका द्वारा घरेलू कनेक्शनों को सीवेज लाइन से जोड़ने में असमर्थता जताना रही है, जिसके चलते जल निगम ने ब्रजघाट में घरेलू कनेक्शन जोड़ने को 1.61 करोड़ और गढ़ के लिए 10.62 करोड़ का बजट स्वीकृत करने को शासन को प्रस्ताव भेजा हुआ है। ईओ पूर्णिमा सिंह का कहना है कि पालिका के पास घरेलू कनेक्शनों को सीवेज लाइन से जोड़ने के लिए टेक्निकल स्टाफ समेत अलग से बजट की कोई भी व्यवस्था नहीं है। वहीं जल निगम के प्रोजैक्ट मैनेजर एसपी शर्मा का कहना है कि शासन से स्वीकृति मिलते ही एक माह के भीतर ब्रजघाट के घरेलू कनेक्शनों को सीवेज लाइन से जोड़ने का काम चालू कर लिया जाएगा। जबकि एनजीटी की रोक हटने से अब नयाबांस वाले ट्रीटमेंट प्लांट का शेष बचा 30 फीसदी काम भी बहुत जल्द पूरा हो जाएगा।
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सड़कें टूटने से आवागमन में दिक्कत झेलनी पड़ रहीं
सीवर लाइन बिछाने के दौरान जिन सड़कों को तोड़ा गया था, उनमें गली-मोहल्लों से लेकर कई मैन रास्तों की सड़कें चार साल बाद भी दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत झेलने के साथ ही हवा चलने पर उड़ने वाले धूल के गुबार को भी सहना पड़ रहा है।
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- तैयार होने के बावजूद भी नहीं चला ब्रजघाट का प्लांट
- प्लांट से घरेलू सीवर लाइन जोड़ने को जल निगम ने शासन को भेजा प्रस्ताव
इमरान अली
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। छह साल भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट योजना अधर में लटकी है। इसे अफसरों की लापरवाही कहे या जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ना कि लगभग दो वर्ष पूर्व ब्रजघाट में तैयार प्लांट भी अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। जल निगम ने प्लांट से घरेलू सीवर लाइन जोड़ने को शासन को प्रस्ताव भेजा है। करोड़ों की योजना के बाद भी आबादी का लाखों लीटर गंदा पानी बेरोकटोक ढंग से गंगा में गिर रहा है। जिससे गंगा प्रदूषित हो रही है।
गढ़ और ब्रजघाट गंगा में गिरने वाले प्रदूषण की रोकथाम के मकसद से केंद्रीय सप्रंग सरकार ने वर्ष 2011 में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट योजना को मंजूरी दी थी। करीब 40.51 करोड़ लागत वाली इस योजना के तहत गढ़, चौपला और ब्रजघाट में सीवर लाइन बिछाने के साथ ही ब्रजघाट में तीन एमएलडी और गढ़ के गांव नयाबांस में 6 एमएलडी क्षमता वाले दो ट्रीटमेंट बनाए जाने हैं। जिनमें ब्रजघाट का प्लांट तो कई माह पहले तैयार भी हो चुका है, जबकि अक्तूबर 2016 से 13 जुलाई 2017 तक एनजीटी की रोक लगी होने से नयाबांस वाले प्लांट का काम अभी तक पूरा ही नहीं हो पाया है। लेकिन इसके बाद भी ब्रजघाट योजना का क्रियान्वयन न होने से आबादी का लाखों लीटर दूषित पानी भी धड़ल्ले से गंगा में गिरकर केंद्र सरकार की मंशा पर पानी फेरने के साथ ही गंगा स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखा रहा है।
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दूसरी ओर ब्रजघाट में एसटीपी तैयार होने के बाद भी आबादी का दूषित पानी गंगा में गिरने की सबसे अहम वजह पालिका द्वारा घरेलू कनेक्शनों को सीवेज लाइन से जोड़ने में असमर्थता जताना रही है, जिसके चलते जल निगम ने ब्रजघाट में घरेलू कनेक्शन जोड़ने को 1.61 करोड़ और गढ़ के लिए 10.62 करोड़ का बजट स्वीकृत करने को शासन को प्रस्ताव भेजा हुआ है। ईओ पूर्णिमा सिंह का कहना है कि पालिका के पास घरेलू कनेक्शनों को सीवेज लाइन से जोड़ने के लिए टेक्निकल स्टाफ समेत अलग से बजट की कोई भी व्यवस्था नहीं है। वहीं जल निगम के प्रोजैक्ट मैनेजर एसपी शर्मा का कहना है कि शासन से स्वीकृति मिलते ही एक माह के भीतर ब्रजघाट के घरेलू कनेक्शनों को सीवेज लाइन से जोड़ने का काम चालू कर लिया जाएगा। जबकि एनजीटी की रोक हटने से अब नयाबांस वाले ट्रीटमेंट प्लांट का शेष बचा 30 फीसदी काम भी बहुत जल्द पूरा हो जाएगा।
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सड़कें टूटने से आवागमन में दिक्कत झेलनी पड़ रहीं
सीवर लाइन बिछाने के दौरान जिन सड़कों को तोड़ा गया था, उनमें गली-मोहल्लों से लेकर कई मैन रास्तों की सड़कें चार साल बाद भी दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत झेलने के साथ ही हवा चलने पर उड़ने वाले धूल के गुबार को भी सहना पड़ रहा है।