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37 करोड़ खर्च हुए, तब सुधरी बिजली व्यवस्था
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Thu, 05 May 2016 09:47 PM IST
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ट्रांसफार्मर
- फोटो : अमर उजाला
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आरएपीडीआरपी योजना के तहत 37 करोड़ रुपये खर्च कर बिजली सुधार के कार्य से जिले के बाशिंदों को ट्रांसफार्मरों पर ओवर लोडिंग की समस्या से निजात मिली है। योजना के तहत ओवरलोड वाले स्थानों पर 238 ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं, जिनमें 236 चालू भी हो चुके हैं।
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105 किमी जर्जर तार की जगह इंसूलेटिड वायर डाला गया है। वहीं एक बिजलीघर का भी निर्माण हो चुका है। दो अन्य बिजलीघर चालू होने से नागरिकों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल रही है।
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हापुड़ डिवीजन क्षेत्र के करीब 90 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति के लिए छोटे-बड़े करीब 3300 ट्रांसफार्मर लगे हैं। इनमें बहुत से ट्रांसफार्मर ओवर लोड होने से आए दिन फुंकते रहते थे।
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समस्या के समाधान के लिए शासन स्तर से करीब दो वर्ष पूर्व आरएपीडीआरपी योजना शुरू की गई थी। 37 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत छोटी बड़ी क्षमता के 253 ट्रांसफार्मर लगाए जाने थे।
इनके अलावा जिले में जर्जर हो चुके तारों के स्थान पर 105 किलोमीटर इंसूलेटिड वायर डाला जाना था। अब तक जिले में 238 ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं, इनमें 236 चालू हो चुके हैं। सिर्फ 15 ट्रांसफार्मर जिले में और लगाए जाने हैं।
इतना ही नहीं योजना के तहत रामपुर रोड पर 10एमबी क्षमता का एक बिजलीघर भी बनकर तैयार हो चुका है। आरएपीडीआरपी योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर कपिल त्यागी ने बताया कि योजना के तहत अधिकांश काम पूरा हो चुका है।
जिले में ओवर लोडिंग की समस्या खत्म हो गई है। 20 मई तक बचा कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा। अधिशासी अभियंता चंदन प्रकाश का भी यही कहना है कि ओवर लोडिंग की समस्या लगभग खत्म हो चुकी है।