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गढ़ गंगानगरी की हस्तकला संगम नगरी के कुंभ में छठा बिखेरेगी
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गंगानगरी की हस्तकला कुंभ में बिखेरेगी छटा
गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ गंगानगरी की हस्तकला संगम नगरी के कुंभ में छटा बिखेरेगी, क्योंकि वहां हजारों मूढ़ों समेत लाखों चटाई सप्लाई होनी हैं। आर्डर पूरा करने के लिए कारीगर दिन रात मेहनत करने में जुटे हैं।
संगम नगरी प्रयागराज में इस बार कुंभ का आयोजन 15 जनवरी से चार मार्च तक होगा। इसमें भारत के साथ ही समूचे विश्व से साधू संतों समेत करोड़ों की भीड़ जुटनी है। कुंभ के आयोजन को अभूतपूर्व बनाने की कवायद में जुटी प्रदेश सरकार पिछले मौकों की तुलना में इस बार कहीं बेहतर व्यवस्था करा रही है, जिसके तहत फाइव स्टार होटलों वाली सुविधाओं से सुसज्जित तंबुओं की महानगरी बसाई जा रही है। इसमें गढ़ गंगानगरी से जुड़ी हस्तशिल्प कला भी अपनी अद्भुत छटा बिखेरेगी। क्योंकि कंपकंपी छुड़ाने वाली सर्दी में कल्पवास करने वाले नागा बाबाओं समेत अधिकांश साधू संत ठिठुरती बालू रेत को ही अपना बिस्तर बनाते हैं, जिस पर गरम गद्दे और कपड़े बिछाने की बजाए वे महज पटेरा घास से बनी चटाई ही डालते हैं। इसलिए कुंभ मेले में गढ़ से लाखों चटाई भेजी जानी हैं, जिनकी सप्लाई का सिलसिला पिछले कई सप्ताह से चल रहा है। इसके अलावा प्रयागराज, हरिद्वार, बनारस, उज्जैन, नासिक समेत विभिन्न तीर्थ स्थलों से जुड़े पंचायती महानिर्वाणी, पंच अटल, श्री पंचायती निरंजनी, पंज दशनाम अग्नि, जूना जैसे 14 अखाड़े लग रहे हैं, जिनमें आने वाले अतिथियों के बैठने को गढ़ से मूढ़ों की डिमांड की हुई है। प्रयागराज के कुंभ से जुड़ी डिमांड पूरी करने को हस्तशिल्प कला से जुड़े गढ़ के कारीगर दिन रात मेहनत मशक्कत करने में जुटेे हुए हैं, ताकि जल्द से जल्द मूढ़े और चटाई की डिमांड पूरी की जा सके। कृपाल सिंह, राजकुमार, मुकेश, अरविंद, कुसुम, अनीता का कहना है कि बड़े सौभाग्य का विषय है कि मूढ़े और चटाई प्रयागराज के कुंभ में गढ़ गंगानगरी की शोभा बढ़ाएंगे, जिसके चलते सैकड़ों कारीगर पिछले कई सप्ताह से मूढ़े और चटाई तैयार करने में जुटे हुए हैं, जिससे कुंभ की डिमांड निर्धारित समय सीमा से पहले पूरी कर ली जाएगी।
- कारीगरों को मिला मूढ़ों व चटाई सप्लाई का आर्डर
- आर्डर पूरा करने को दिन रात मेहनत में जुटे कारीगर
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गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ गंगानगरी की हस्तकला संगम नगरी के कुंभ में छटा बिखेरेगी, क्योंकि वहां हजारों मूढ़ों समेत लाखों चटाई सप्लाई होनी हैं। आर्डर पूरा करने के लिए कारीगर दिन रात मेहनत करने में जुटे हैं।
संगम नगरी प्रयागराज में इस बार कुंभ का आयोजन 15 जनवरी से चार मार्च तक होगा। इसमें भारत के साथ ही समूचे विश्व से साधू संतों समेत करोड़ों की भीड़ जुटनी है। कुंभ के आयोजन को अभूतपूर्व बनाने की कवायद में जुटी प्रदेश सरकार पिछले मौकों की तुलना में इस बार कहीं बेहतर व्यवस्था करा रही है, जिसके तहत फाइव स्टार होटलों वाली सुविधाओं से सुसज्जित तंबुओं की महानगरी बसाई जा रही है। इसमें गढ़ गंगानगरी से जुड़ी हस्तशिल्प कला भी अपनी अद्भुत छटा बिखेरेगी। क्योंकि कंपकंपी छुड़ाने वाली सर्दी में कल्पवास करने वाले नागा बाबाओं समेत अधिकांश साधू संत ठिठुरती बालू रेत को ही अपना बिस्तर बनाते हैं, जिस पर गरम गद्दे और कपड़े बिछाने की बजाए वे महज पटेरा घास से बनी चटाई ही डालते हैं। इसलिए कुंभ मेले में गढ़ से लाखों चटाई भेजी जानी हैं, जिनकी सप्लाई का सिलसिला पिछले कई सप्ताह से चल रहा है। इसके अलावा प्रयागराज, हरिद्वार, बनारस, उज्जैन, नासिक समेत विभिन्न तीर्थ स्थलों से जुड़े पंचायती महानिर्वाणी, पंच अटल, श्री पंचायती निरंजनी, पंज दशनाम अग्नि, जूना जैसे 14 अखाड़े लग रहे हैं, जिनमें आने वाले अतिथियों के बैठने को गढ़ से मूढ़ों की डिमांड की हुई है। प्रयागराज के कुंभ से जुड़ी डिमांड पूरी करने को हस्तशिल्प कला से जुड़े गढ़ के कारीगर दिन रात मेहनत मशक्कत करने में जुटेे हुए हैं, ताकि जल्द से जल्द मूढ़े और चटाई की डिमांड पूरी की जा सके। कृपाल सिंह, राजकुमार, मुकेश, अरविंद, कुसुम, अनीता का कहना है कि बड़े सौभाग्य का विषय है कि मूढ़े और चटाई प्रयागराज के कुंभ में गढ़ गंगानगरी की शोभा बढ़ाएंगे, जिसके चलते सैकड़ों कारीगर पिछले कई सप्ताह से मूढ़े और चटाई तैयार करने में जुटे हुए हैं, जिससे कुंभ की डिमांड निर्धारित समय सीमा से पहले पूरी कर ली जाएगी।
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- कारीगरों को मिला मूढ़ों व चटाई सप्लाई का आर्डर
- आर्डर पूरा करने को दिन रात मेहनत में जुटे कारीगर