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दरगाही बाबा की सदियों पुरानी समाधि पर बसंत मेला प्रारंभ हुआ
Updated Mon, 22 Jan 2018 11:17 PM IST
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दरगाही बाबा की मजार पर मेला शुरू
- क्षेत्रीय विधायक ने मजार पर चादरपोशी के साथ किया शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर।
दरगाही बाबा की सदियों पुरानी मजार पर आयोजित हो रहे तीन दिवसीय वसंत मेले का क्षेत्रीय विधायक ने चादरपोशी से शुभारंभ किया। इसके बाद हजारों भक्तों ने बाबा की मजार पर मन्नतें मांगीं।
सिंभावली क्षेत्र के गांव लिसड़ी में तीन सौ साल से भी पुरानी दरगाही बाबा की समाधि पर सोमवार को तीन दिवसीय बसंत मेला प्रारंभ हुआ। इसका शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक कमल सिंह मलिक ने वैदिक रीति रिवाज के बीच मजार पर चादरपोशी से किया। मेले में पहले दिन दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड समेत वेस्टर्न यूपी के विभिन्न जनपदों से जुड़े हजारों लोगों ने दरगाही बाबा की मजार पर हाजिरी लगाकर मन्नतें मांगीं। विदेशों में जाकर बस चुके कई परिवार भी बाबा की मजार पर मत्था टेकने आते हैं। ऊमा, सुमन, कौशल, रामप्यारी, हरकौर, दुलारी, नैनवती, सुषमा, रिंकी ने बताया कि उनके परिजन सदियों से बाबा की समाधि पर चादर चढ़ाने आते हैं, इससे उनकी सभी मुरादें जरूर पूरी होती हैं। महंत देवेश्वरानंद ने बताया कि संतान की मुराद पूरी होने पर बाबा की मजार मुगल शासक शाह आलम ने बनवाई थी।
मेले में रंगत बढ़ी, उमड़े लोग
दरगाही बाबा की मजार पर लगे मेले में इस बार पुलिस-प्रशासनिक स्तर से सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। अपराधों की रोकथाम के लिए महिला पुलिस की तैनाती भी की गई है। मेले में हवाई झूला और बाइक झूला महिला और बच्चों में प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। महिलाएं सौंदर्य प्रसाधन और घरेलू उपयोग का सामान खरीद रही हैं तो बच्चे खेल-खिलौनों का लुत्फ ले रहे हैं।
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- क्षेत्रीय विधायक ने मजार पर चादरपोशी के साथ किया शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर।
दरगाही बाबा की सदियों पुरानी मजार पर आयोजित हो रहे तीन दिवसीय वसंत मेले का क्षेत्रीय विधायक ने चादरपोशी से शुभारंभ किया। इसके बाद हजारों भक्तों ने बाबा की मजार पर मन्नतें मांगीं।
सिंभावली क्षेत्र के गांव लिसड़ी में तीन सौ साल से भी पुरानी दरगाही बाबा की समाधि पर सोमवार को तीन दिवसीय बसंत मेला प्रारंभ हुआ। इसका शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक कमल सिंह मलिक ने वैदिक रीति रिवाज के बीच मजार पर चादरपोशी से किया। मेले में पहले दिन दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड समेत वेस्टर्न यूपी के विभिन्न जनपदों से जुड़े हजारों लोगों ने दरगाही बाबा की मजार पर हाजिरी लगाकर मन्नतें मांगीं। विदेशों में जाकर बस चुके कई परिवार भी बाबा की मजार पर मत्था टेकने आते हैं। ऊमा, सुमन, कौशल, रामप्यारी, हरकौर, दुलारी, नैनवती, सुषमा, रिंकी ने बताया कि उनके परिजन सदियों से बाबा की समाधि पर चादर चढ़ाने आते हैं, इससे उनकी सभी मुरादें जरूर पूरी होती हैं। महंत देवेश्वरानंद ने बताया कि संतान की मुराद पूरी होने पर बाबा की मजार मुगल शासक शाह आलम ने बनवाई थी।
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मेले में रंगत बढ़ी, उमड़े लोग
दरगाही बाबा की मजार पर लगे मेले में इस बार पुलिस-प्रशासनिक स्तर से सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। अपराधों की रोकथाम के लिए महिला पुलिस की तैनाती भी की गई है। मेले में हवाई झूला और बाइक झूला महिला और बच्चों में प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। महिलाएं सौंदर्य प्रसाधन और घरेलू उपयोग का सामान खरीद रही हैं तो बच्चे खेल-खिलौनों का लुत्फ ले रहे हैं।
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