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18.65 करोड़ रुपये से गांवों में बहेगी विकास की गंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Sat, 03 Sep 2016 09:07 PM IST
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गांवों में बहेगी विकास की गंगा
- फोटो : अमर उजाला
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डायट परिसर स्थित जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में विकास कार्यों के लिए चिन्हित किए गए 186 गांवों में 18 करोड़ 65 लाख रुपये खर्च करने पर मोहर लग गई। इसके अलावा, गढ़ गंगा मेले को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
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सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार मेले में व्यापारियों पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा। इसके लिए बोर्ड ने विरोध के बावजूद हरी झंडी दे दी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी लता की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वित्त वर्ष 2016-17 के लिए 186 गांवों में विकास कार्यों के लिए 18.65 करोड़ रुपये के टेंडर निकालने को हरी झंडी दी गई। सभी सदस्यों ने इस प्रस्ताव का सर्व सम्मति से स्वागत किया।
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करोड़ों रुपये से गांवों में सीसी रोड और पक्के नाले का निर्माण कराया जाएगा ताकि ग्रामीणों को जलभराव से मुक्ति मिल सके। दरअसल, कई गांवों में अब भी कच्ची सड़कें और नालियां नहीं बनीं हैं। इसके चलते बदबूदार पानी सड़कों पर गिरने से जलभराव हो जाता है, जिससे ग्रामीण परेशान रहते हैं।
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गढ़ गंगा मेला के विकास के लिए पंचायत सदस्यों ने एक कमेटी बनाने पर सहमति जताई है। साथ ही मेले में व्यापारियों पर लगने वाले टैक्स में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी करने का प्रस्ताव विरोध के बावजूद पास कर दिया गया।
जिला पंचायत सदस्य कृष्ण कांत हूण ने टैक्स बढ़ोत्तरी का विरोध कर कहा कि बार-बार मेले को घाटे में दिखाया जा रहा है। मेले का टैक्स बढ़ाने के लिए राज्य सरकार या केंद्र सरकार के संस्कृति विभाग की संस्तुति जरूरी है।
हूण ने गंगा मेला आयोजन से पहले जिला पंचायत पर्यावरणीय क्लीयेरेंस भी लेने पर जोर दिया। मेला क्षेत्र को इस बार नो थर्माकॉल, प्लास्टिक और नो पॉलाथीन जोन घोषित किया जाए। सीवरेज का डिस्पोजल गंगा में सीधे न डाला जाए।
इसके अलावा मेले के बाद गंगा की उचित साफ-सफाई की व्यवस्था भी की जाए। इन प्रस्तावों को सभी ने सराहा। बैठक में सांसद प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह सिसौदिया, सतपाल यादव, नरेंद्र सिंह, कामिल खां, सुनीता यादव, रुचि, आबिदा बेगम, कमलेश, नवीन, शशि, अफसार अहमद, हरेंद्र सिंह, प्रियम, अनीता, अमृता कुमार उपस्थित थे।
जिला पंचायत ने कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले गंगा मेले की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस बार मेले में आने वाले व्यापारियों को 10 से 15 फीसदी ज्यादा टैक्स चुकाना होगा।
साथ ही मेले में व्यवस्था सुधारने के जिला पंचायत अध्यक्ष की नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया है। शनिवार को कार्तिक पूर्णिमा गढ़ गंगा मेले के संबंध में पंचायत सभागार जिला पंचायत की बैठक हुई।
इसमें मेला में व्यवस्था पर नजर रखने और सुधार के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी लता खटीक के नेतृत्व में समिति का गठन किया गया। समिति में जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र मावी, आर्या खटीक, मुहम्मद कामिल खां, जीत राम, कमलेश, प्रियम, रूचि यादव, अफसार आलम, नवीन शर्मा को शामिल किया गया है।
साथ ही व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए टैक्स में 10 से 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का भी निर्णय लिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी लता खटीक ने कहा कि जिला पंचायत के लिए गढ़ गंगा कार्तिक पूर्णिमा मेले का आयोजन हमेशा घाटे का सौदा रहा है,
जिससे उबारने और मेले की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए टैक्स में बढ़ोतरी जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि इस बार मेले की व्यवस्था पहले से अच्छी रहेगी। मेला व्यवस्थाओं पर समिति के सदस्य पूरी तरह नजर रखेंगे।