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बेसिक शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भड़के प्रधान संगठन के पदाधिकारी
Updated Fri, 11 May 2018 11:52 PM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार
पर भड़के प्रधान संगठन के पदाधिकारी
हापुड़। बेसिक शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और शासनादेश के बावजूद निजी स्कूलों में प्रवेश शुल्क लिए जाने के विरोध में शुक्रवार को अखिल भारतीय प्रधान संगठन के पदाधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपकर पदाधिकारियों ने कार्रवाई की गुहार लगाई है।
एडीएम को सौंपे ज्ञापन में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव नानकचंद शर्मा ने कहा कि जिले में अफसरों का संरक्षण प्राप्त कर सैकड़ों अमान्य स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं। अधिकारियों के ध्यान न देने के कारण सरकारी विद्यालयों की संख्या कम होती जा रही है। इस कारण बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल रही है।
उन्होंने बताया कि छात्रों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने में अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। यही कारण है कि जिले के हजारों छात्र अभी भी किताब, स्वेटर, जूते, बैग से वंचित चल रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में भी बड़ा खेल किया जा रहा है।
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पदाधिकारियों ने बताया कि जिले के निजी स्कूल शासन के आदेश को नहीं मान रहे हैं। जबरन छात्रों से प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। इस संबंध में शिकायत के बावजूद भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं हो रहे हैं।
ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार, शशि शर्मा, राजवीर, जयभगवान, नानकचंद, जहीर अहमद, इमवेश आदि ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
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पर भड़के प्रधान संगठन के पदाधिकारी
हापुड़। बेसिक शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और शासनादेश के बावजूद निजी स्कूलों में प्रवेश शुल्क लिए जाने के विरोध में शुक्रवार को अखिल भारतीय प्रधान संगठन के पदाधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपकर पदाधिकारियों ने कार्रवाई की गुहार लगाई है।
एडीएम को सौंपे ज्ञापन में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव नानकचंद शर्मा ने कहा कि जिले में अफसरों का संरक्षण प्राप्त कर सैकड़ों अमान्य स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं। अधिकारियों के ध्यान न देने के कारण सरकारी विद्यालयों की संख्या कम होती जा रही है। इस कारण बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल रही है।
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उन्होंने बताया कि छात्रों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने में अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। यही कारण है कि जिले के हजारों छात्र अभी भी किताब, स्वेटर, जूते, बैग से वंचित चल रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में भी बड़ा खेल किया जा रहा है।
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पदाधिकारियों ने बताया कि जिले के निजी स्कूल शासन के आदेश को नहीं मान रहे हैं। जबरन छात्रों से प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। इस संबंध में शिकायत के बावजूद भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं हो रहे हैं।
ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार, शशि शर्मा, राजवीर, जयभगवान, नानकचंद, जहीर अहमद, इमवेश आदि ग्राम प्रधान मौजूद रहे।