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साल का पहला ग्रहण 16 जुलाई की रात में, तीन घंटा तक रहेगी अवधि

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 27 Jun 2019 12:00 AM IST
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साल का पहला ग्रहण 16 जुलाई की रात में, तीन घंटा तक रहेगी अवधि
16 जुलाई को लगेगा चंद्रग्रहण
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गढ़मुक्तेश्वर। साल और संवत का दूसरा ग्रहण चंद्रग्रहण होगा जो 16 जुलाई को लगेगा। जिसकी अवधि तीन घंटा रहेगी। संयोग से ग्रहण के दौरान कई पर्व भी पड़ रहे हैं।
इस साल का पहला सूर्यग्रहण 2 जुलाई को लगेगा लेकिन ये भारत में कहीं दिखाई नहीं देगा। इसके बाद दूसरा ग्रहण चंद्रग्रहण होगा जो 16 जुलाई को लगेगा। इसकी अवधि तीन घंटा रहेगी। इसके बाद साल के आखिरी दिसंबर महीने में खंडग्रास सूर्य ग्रहण दिखाई देगी, जिसकी अवधि करीब ढाई घंटे रहेगी। आचार्य पंडित रामाशंकर तिवारी, पंडित उमेश सेनरा और पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि आमतौर पर ग्रहण की अवधि इतनी लंबी नही होती है, लेकिन इस साल के दोनों ही ग्रहणों की अवधि ढाई से लेकर तीन घंटा रहेगी। पंडित विनोद शर्मा शास्त्री ने बताया कि 16 जुलाई मंगलवार को शुभ नक्षत्र में गुरु पूर्णिमा भी पड़ रही है, जबकि इस दिन सूर्य का संक्रमण भी कर्क राशि में हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रहण स्पर्श 16-17 जुलाई की अर्द्धरात्रि 1.31 बजे होगा। ग्रहण का मोक्षकाल तड़के 4.30 बजे होगा। ग्रहण का पूर्ण चरण रात्रि 3.01 बजे हो जाएगा। इस ग्रहण का सूतक गुरु पूर्णिमा की शाम 4.31 बजे लग जाएगा। यह ग्रहण अनेक राशियों पर भारी पड़ेगा। चूंकि ग्रहण का स्पर्श और मोक्ष रात्रि में उस समय है जब अधिकांश लोगों गहरी नींद में सो रहे होंगे। अत: ग्रहण का स्नान बुधवार की सवेरे में होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कोई भी एक तिथि 19 घंटे से 24 घंटे के बीच रहती है। अगर कोई सूर्योदय के पश्चात आती है और अगले दिन सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाए वह तिथि क्षय माना गया है। ग्रहण से पूर्व 15 जुलाई को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी सवेरे 7.18 बजे लगेगी और 16 जुलाई को समाप्त होगी। परिणाम स्वरुप चंद ग्रहण पूर्णिमा में शुरू होगा, लेकिन उसका समापन श्रवण कृष्ण प्रतिपदा में होगा।
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संयोग यह है कि ग्रहण समाप्त होते ही वर्ष की सबसे बड़ी श्रावण कावंड़ यात्रा प्रारंभ हो जाएगी। 17 जुलाई की सवेरे ग्रहण समाप्त होगा और उसी दिन कांवड़ का जल भरना शुरु हो जाएगा। सूर्य के कर्क राशि में आते ही दो महीने चलने वाली वर्षा ऋतु भी प्रारंभ हो जाएगी।
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