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15 दिनों से नहीं मिला कैश, किसान परेशान

Wed, 14 Dec 2016 09:16 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो अमर उजाला, हापुड़ Updated Wed, 14 Dec 2016 09:16 PM IST
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15 days did not get cash.
नहीं मिला कैश - फोटो : अमर उजाला

कुचेसर चौपला स्थित जिला सहकारी बैंक की शाखा से किसानों को बीते 15 दिन से कैश नहीं मिल पा रहा है। इस शाखा से आधा दर्जन गांवों के हजारों किसान जुड़े हुए हैं। बैंक अफसर कैश नहीं मिलने की बात कह, किसानों को टरकाने में लगे हैं।

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मजबूर किसान खाद और बीज नहीं खरीद पा रहे हैं। साथ ही बेटियों की शादी से लेकर बच्चों की स्कूल फीस भरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुचेसर चौपला स्थित जिला सहकारी बैंक की शाखा में रसूलपुर, कनिया कल्याणपुर, महमदपुर, फतेहपुर,
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शाहपुर जट्ट के हजारों किसानों के खाते हैं। इस बैंक के खाताधारक मुख्यत: कृषि पर ही निर्भर हैं, लेकिन इन दिनों बैंक से कैश नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि बीते 15 दिन से बैंक में कैश ही नहीं आ सका है। इन दिनों किसान गेहूं बुआई की तैयारी में लगे हुए हैं,
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लेकिन बैंक से पैसा नहीं मिलने के कारण वह खाद और बीज नहीं खरीद पा रहे हैं। बच्चों की फीस भरने और शादी करने में भी ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं, एलडीएम एपी चतुर्वेदी का कहना है कि 15 दिन से कैश न बंटने का मामला गंभीर है। वह बैंक अफसरों से वार्ता कर इस अव्यवस्था का कारण जानेेंगे। ग्रामीणों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

जिले के प्राइवेट बैंकों पर आरबीआई मेहरबान है। इन बैंकों को पर्याप्त मात्रा में कैश मिल रहा है। वहीं, सरकारी बैंकों को जरूरत के अनुसार पैसा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकारी बैंकों से ग्राहकों को महज दो से पांच हजार रुपये तक ही कैश दिया जा रहा है।

प्राइवेट बैंकों पर ग्राहकों की संख्या भी कम रहती है। आरबीआई के इस रवैया से सरकारी बैंक अफसर भी हैरत में हैं। जिले में पीएनबी, स्टेट बैंक, सिंडिकेट बैंक, इंडियन बैंक, इलाहाबाद बैंक में सबसे ज्यादा ग्राहकों के खाते हैं। अधिकांश लोग कैश के लिए इन बैंकों पर ही निर्भर रहते हैं,

लेकिन आरबीआई से इन बैंकों को पर्याप्त कैश नहीं मिल रहा है। ऐसे में लंबी कतारों में खड़े ग्राहकों को बैंक अफसर दो से पांच हजार रुपये ही कैश दे पाते हैं। जबकि, प्राइवेट बैंकों में पर्याप्त कैश पहुंच रहा है, यहां ग्राहकों की संख्या भी कम है।

वहीं, आरबीआई के इस रवैया से बैंक अफसर भी हैरत में हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक बैंक के प्रबंधक ने बताया कि वह लगातार पैसों की डिमांड आरबीआई को भेजते हैं, लेकिन उन्हें जरूरत के अनुसार पैसा नहीं मिलता।

एलडीएम एपी चतुर्वेदी ने बताया कि जरूरत के अनुसार कैश नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में बैंकों की शाखाओं में कैश पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। उच्चाधिकारियों से लगातार कैश की डिमांड की जा रही है।


बुधवार को भी दिनभर जिले के बैंकों में ग्राहकों की लंबी कतारे लगी रहीं। कैश किल्लत की समस्या बरकरार रही, अनेक बैंकों की शाखाओं में तो कैश एक ही घंटे में खत्म हो गया था। उधर, एटीएम सुविधा बुधवार को भी ठप रही। ग्राहकों को कैश के लिए बैंकों की लंबी कतार में लगना पड़ा।

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