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जिले में पकड़े जा रहे आवारा पशु गढ़ भेजे जा रहे
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जिले में पकड़े जा रहे आवारा पशु गढ़ भेजे जा रहे
गढ़मुक्तेश्वर। जनपद के विभिन्न स्थानों पर पकड़े जा रहे आवारा पशुओं को गढ़ भेजे जाने से पालिका की दिक्कत बढ़ रही है। क्योंकि चारे पर हजारों की रकम खर्च करने के साथ ही देखभाल के लिए कई कर्मचारियों की ड्यूटी लगानी पड़ रही है।
पालिका प्रशासन के निर्देशन में ब्रजघाट गंगानगरी समेत गढ़ की सड़कों पर आवारा घूमने वाले पशुओं को पकड़कर पालिका कर्मी नक्का कुआं मंदिर के पास कांजी हाउस में बंद कर रहे हैं। दूसरी ओर हापुड़ समेत जनपद के दूसरे स्थानों से पकड़े जा रहे आवारा पशुओं को भी जिला प्रशासन गढ़ पालिका के संरक्षण में भिजवा रहा है, जिससे कांजी हाउस में क्षमता से अधिक पशु होने से पालिका प्रशासन की दिक्कत बढ़ती जा रही है। कांजी हाउस में बंद 6 दर्जन से भी अधिक पशुओं के चारे पर प्रतिदिन हजारों की रकम खर्च होने के साथ ही उनकी देखरेख के लिए चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। चेयरमैन सोना सिंह का कहना है कि कांजी हाउस में क्षमता से अधिक पशु पहुंच चुुके हैं, इसलिए अब पकड़े जाने वाले आवारा पशुओं के रखरखाव के लिए दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था कराने के लिए जगह की तलाश की जा रही है।
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गढ़मुक्तेश्वर। जनपद के विभिन्न स्थानों पर पकड़े जा रहे आवारा पशुओं को गढ़ भेजे जाने से पालिका की दिक्कत बढ़ रही है। क्योंकि चारे पर हजारों की रकम खर्च करने के साथ ही देखभाल के लिए कई कर्मचारियों की ड्यूटी लगानी पड़ रही है।
पालिका प्रशासन के निर्देशन में ब्रजघाट गंगानगरी समेत गढ़ की सड़कों पर आवारा घूमने वाले पशुओं को पकड़कर पालिका कर्मी नक्का कुआं मंदिर के पास कांजी हाउस में बंद कर रहे हैं। दूसरी ओर हापुड़ समेत जनपद के दूसरे स्थानों से पकड़े जा रहे आवारा पशुओं को भी जिला प्रशासन गढ़ पालिका के संरक्षण में भिजवा रहा है, जिससे कांजी हाउस में क्षमता से अधिक पशु होने से पालिका प्रशासन की दिक्कत बढ़ती जा रही है। कांजी हाउस में बंद 6 दर्जन से भी अधिक पशुओं के चारे पर प्रतिदिन हजारों की रकम खर्च होने के साथ ही उनकी देखरेख के लिए चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। चेयरमैन सोना सिंह का कहना है कि कांजी हाउस में क्षमता से अधिक पशु पहुंच चुुके हैं, इसलिए अब पकड़े जाने वाले आवारा पशुओं के रखरखाव के लिए दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था कराने के लिए जगह की तलाश की जा रही है।
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