{"_id":"5c251a47bdec2256fe7bd715","slug":"111545935431-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना भुगतान न मिलने के विरोध में भाकियू ने हाईवे को जाम किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना भुगतान न मिलने के विरोध में भाकियू ने हाईवे को जाम किया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर भाकियू ने किया हाइवे जाम
गढमुक्तेश्वर। बकाया गन्ना भुगतान न मिलने के विरोध में बृहस्पतिवार को भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने नेशनल हाइवे को जाम कर दिया। जाम लगने से हाइवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब 15 मिनट तक लगे जाम से पुलिस प्रशासन के हाथपांव फूल गए। जाम में दिल्ली की ओर जा रही एक एंबुलेंस फंस गई। प्रशासन के आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने जाम खोल दिया। किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और काफिला डिस्टलरी गेट पर पहुंच गया। यहां पर ताला लगाने का प्रयास किया गया। प्रशासन के दबाव के चलते मिल प्रबंधन ने बकाया भुगतान की राशि में से 15 करोड़ रुपये का दो चेक आनन-फानन में जारी कर दिया। फिलहाल किसानों ने पूरा भुगतान नहीं होने तक धरना जारी रखने का एलान किया है।
सिंभावली शुगर मिल और उससे जुड़ी ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर पिछले साल का करीब ढाई सौ करोड़ का पेमेंट बाकी है, जिसका भुगतान न मिलने से किसान आर्थिक तंगी में घिरे हैं। बकाया पेमेंट की अदायगी न होने के विरोध में सिंभावली शुगर मिल गेट पर चल रहा भाकियू का बेमियादी धरना बृहस्पतिवार को 18 वें दिन भी जारी रहा। तीन दिन पहले दिए गए अल्टीमेटम के तहत सैकड़ों कार्यकर्ता और किसानों ने दोपहर होते ही मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा, राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य सरदार कुंवर सिंह और जिला महासचिव दिनेश त्यागी के नेतृत्व में धरना स्थल से उठकर नेशनल हाइवे को जाम कर दिया। जिससे हाइवे की दोनों साइडों में वाहनों की लंबी कतार लग गईं, लेकिन इस दौरान दिल्ली की तरफ जा रही एंबुलेंस को फंसा देख भाकियू कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के आग्रह पर करीब 15 मिनट बाद ही जाम खोल दिया। लेकिन इसके बाद भी गुस्साए कार्यकर्ता और किसान चुप बैठने की बजाए आगे बढ़कर शुगर मिल की डिस्टलरी में तालाबंदी करने की कोशिश करने लगे, जिसको लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कई बार नोकझोंक की नौबत भी आ गई। मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने आरोप लगाया कि शुगर मिल प्रबंधन और प्रदेश सरकार के बीच अंदरूनी साठगांठ होने से किसानों को एक साल बाद भी अपने ही गन्ने का भुगतान नहीं मिल पाया है। लेकिन इसके बाद भी बिजली निगम बिल जमा करने में असमर्थ चल रहे किसानों के नलकूपों समेत घरेलू कनेक्शन काटकर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने से बाज नहीं आ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर एसडीएम ज्योति राय, सीओ पवन कुमार और सर्किल के तीनों थानों की पुलिस समेत दंगा नियंत्रण फोर्स भी मौके पर मौजूद रहा।
मिल प्रबंधन ने चार जनवरी तक पूरा भुगतान का दिया आश्वासन
- आंदोलित किसानों को शांत करने के लिए मौके पर बकाया गन्ना भुगतान के मद में दस और पांच करोड़ के दो चेक सौंप दिए गए। धरना स्थल पर चेक लेकर पहुंचे डीसीओ ओपी सिंह, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक अशोक यादव, सिंभावली गन्ना समिति सचिव राजीव सेठ, मनोज कुमार ने शेष बचे बकाया पेमेंट को भी चार जनवरी तक अदायगी कराने का भरोसा दिया, लेकिन इसके बाद भी भाकियू नेताओं ने बकाया पेमेंट चुकता होने तक बेमियादी धरना समाप्त न करने का एलान किया। धरने पर शब्बू चौधरी, अमरपाल, मायाराम, मोजपाल, संदीप, अमानत, भगतराम, श्याम सिंह, ब्रजपाल, हबीब चौधरी, हरेंद्र, ब्रजपाल, जितेंद्र, रविंद्र, राजेश, खेमचंद, छोटे, अय्यूब प्रधान, श्याम सुंदर त्यागी, मोनू त्यागी, मंगतराम, कुंवरपाल, उदयवीर समेत काफी संख्या में किसान शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गढमुक्तेश्वर। बकाया गन्ना भुगतान न मिलने के विरोध में बृहस्पतिवार को भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने नेशनल हाइवे को जाम कर दिया। जाम लगने से हाइवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब 15 मिनट तक लगे जाम से पुलिस प्रशासन के हाथपांव फूल गए। जाम में दिल्ली की ओर जा रही एक एंबुलेंस फंस गई। प्रशासन के आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने जाम खोल दिया। किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और काफिला डिस्टलरी गेट पर पहुंच गया। यहां पर ताला लगाने का प्रयास किया गया। प्रशासन के दबाव के चलते मिल प्रबंधन ने बकाया भुगतान की राशि में से 15 करोड़ रुपये का दो चेक आनन-फानन में जारी कर दिया। फिलहाल किसानों ने पूरा भुगतान नहीं होने तक धरना जारी रखने का एलान किया है।
सिंभावली शुगर मिल और उससे जुड़ी ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर पिछले साल का करीब ढाई सौ करोड़ का पेमेंट बाकी है, जिसका भुगतान न मिलने से किसान आर्थिक तंगी में घिरे हैं। बकाया पेमेंट की अदायगी न होने के विरोध में सिंभावली शुगर मिल गेट पर चल रहा भाकियू का बेमियादी धरना बृहस्पतिवार को 18 वें दिन भी जारी रहा। तीन दिन पहले दिए गए अल्टीमेटम के तहत सैकड़ों कार्यकर्ता और किसानों ने दोपहर होते ही मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा, राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य सरदार कुंवर सिंह और जिला महासचिव दिनेश त्यागी के नेतृत्व में धरना स्थल से उठकर नेशनल हाइवे को जाम कर दिया। जिससे हाइवे की दोनों साइडों में वाहनों की लंबी कतार लग गईं, लेकिन इस दौरान दिल्ली की तरफ जा रही एंबुलेंस को फंसा देख भाकियू कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के आग्रह पर करीब 15 मिनट बाद ही जाम खोल दिया। लेकिन इसके बाद भी गुस्साए कार्यकर्ता और किसान चुप बैठने की बजाए आगे बढ़कर शुगर मिल की डिस्टलरी में तालाबंदी करने की कोशिश करने लगे, जिसको लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कई बार नोकझोंक की नौबत भी आ गई। मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने आरोप लगाया कि शुगर मिल प्रबंधन और प्रदेश सरकार के बीच अंदरूनी साठगांठ होने से किसानों को एक साल बाद भी अपने ही गन्ने का भुगतान नहीं मिल पाया है। लेकिन इसके बाद भी बिजली निगम बिल जमा करने में असमर्थ चल रहे किसानों के नलकूपों समेत घरेलू कनेक्शन काटकर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने से बाज नहीं आ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर एसडीएम ज्योति राय, सीओ पवन कुमार और सर्किल के तीनों थानों की पुलिस समेत दंगा नियंत्रण फोर्स भी मौके पर मौजूद रहा।
विज्ञापन
मिल प्रबंधन ने चार जनवरी तक पूरा भुगतान का दिया आश्वासन
- आंदोलित किसानों को शांत करने के लिए मौके पर बकाया गन्ना भुगतान के मद में दस और पांच करोड़ के दो चेक सौंप दिए गए। धरना स्थल पर चेक लेकर पहुंचे डीसीओ ओपी सिंह, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक अशोक यादव, सिंभावली गन्ना समिति सचिव राजीव सेठ, मनोज कुमार ने शेष बचे बकाया पेमेंट को भी चार जनवरी तक अदायगी कराने का भरोसा दिया, लेकिन इसके बाद भी भाकियू नेताओं ने बकाया पेमेंट चुकता होने तक बेमियादी धरना समाप्त न करने का एलान किया। धरने पर शब्बू चौधरी, अमरपाल, मायाराम, मोजपाल, संदीप, अमानत, भगतराम, श्याम सिंह, ब्रजपाल, हबीब चौधरी, हरेंद्र, ब्रजपाल, जितेंद्र, रविंद्र, राजेश, खेमचंद, छोटे, अय्यूब प्रधान, श्याम सुंदर त्यागी, मोनू त्यागी, मंगतराम, कुंवरपाल, उदयवीर समेत काफी संख्या में किसान शामिल रहे।
विज्ञापन