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अब मिलेगा कुक्कुट विकास को बढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो हमीरपुर।
Updated Mon, 19 Oct 2015 10:54 PM IST
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हमीरपुर। मुर्गी पालन कर रोजगार से जुड़ने के लिए शासन ने वर्ष 2013 में कुक्कुट विकास नीति योजना संचालित की, लेकिन संचालित योजनाएं अधिक मार्जिन मनी लगने से लाभार्थी नहीं मिल रहे हैं। यही वजह है कि दो वर्ष में पशुपालन विभाग के सारे प्रयास विफल हैं। अब विभाग ने मार्जिन मनी घटाने का फैसला किया है। इससे लाभार्थी आगे आएंगे।
जनपद में मुर्गे, मुर्गियों और चूजों की संख्या करीब 80511 है। जिले में ही खपत के हिसाब से कम है। ऐसे में मुर्गी के अंडों व मांस का कारोबार अन्य जनपदों पर निर्भर है। शासन ने इसे बढ़ावा देने के लिए बीते वर्ष 2013 में प्रयास कि या। तब कुक्कुट विकास नीति के अंतर्गत अंडों का उत्पादन बढ़ाने के लिए कामर्शियल लेयर योजना व मांस के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वायलर पेरेंट योजना लागू की।
इसके लिए जनपद क ो दोनों योजनाओं में एक-एक यूनिट का लक्ष्य दिया गया। कामर्शियल लेयर योजना की प्रोजेक्ट लागत 1.80 करोड़ रखी गई और इसके लिए 54 लाख रुपये मार्जिन मनी तय की गई। जबकि वायलर पेरेंट योजना की प्रोजेक्ट लागत 2 करोड़ 6 लाख 5 हजार है। इसके लिए लाभार्थी को 61.50 लाख मार्जिन मनी जमा करनी है। मार्जिन मनी की धनराशि अधिक होने से इन योजनाओं के दो वर्ष बीतने के बावजूद पशुपालन विभाग को कोई आवेदन नहीं मिला है। इससे विभाग ने अब एसएफएसी योजना लागू की है।
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जनपद में मुर्गे, मुर्गियों और चूजों की संख्या करीब 80511 है। जिले में ही खपत के हिसाब से कम है। ऐसे में मुर्गी के अंडों व मांस का कारोबार अन्य जनपदों पर निर्भर है। शासन ने इसे बढ़ावा देने के लिए बीते वर्ष 2013 में प्रयास कि या। तब कुक्कुट विकास नीति के अंतर्गत अंडों का उत्पादन बढ़ाने के लिए कामर्शियल लेयर योजना व मांस के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वायलर पेरेंट योजना लागू की।
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इसके लिए जनपद क ो दोनों योजनाओं में एक-एक यूनिट का लक्ष्य दिया गया। कामर्शियल लेयर योजना की प्रोजेक्ट लागत 1.80 करोड़ रखी गई और इसके लिए 54 लाख रुपये मार्जिन मनी तय की गई। जबकि वायलर पेरेंट योजना की प्रोजेक्ट लागत 2 करोड़ 6 लाख 5 हजार है। इसके लिए लाभार्थी को 61.50 लाख मार्जिन मनी जमा करनी है। मार्जिन मनी की धनराशि अधिक होने से इन योजनाओं के दो वर्ष बीतने के बावजूद पशुपालन विभाग को कोई आवेदन नहीं मिला है। इससे विभाग ने अब एसएफएसी योजना लागू की है।
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