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Hamirpur News: लीड
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भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। गेहूं में स्टॉक लिमिट लागू होने व एफसीआई की ओर से खुले बाजार में सेल स्कीम लागू किए जाने से गेहूं के दाम 150 रुपये प्रति क्विंटल तक घट गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि सरकार की ओर से स्टॉक लिमिट लागू किए जाने से समर्थन मूल्य के आसपास ही गेहूं के भाव रहने की उम्मीद है। वही किसानों का कहना है कि वह मजबूरी में कम भाव पर गेहूं बेच रहे हैं।
गेहूं के दाम लगातार बढ़ने के कारण केंद्र और प्रदेश सरकार ने गेहूं में स्टॉक लिमिट लगाने के साथ भारतीय खाद्य निगम ने ओपन मार्केट सेल स्कीम (घरेलू) भी लागू कर दी है। जिससे गेहूं के दाम धड़ाम हो गए हैं। मंडी सचिव बृजेश निगम ने बताया कि प्रतिदिन करीब 1000 क्विंटल गेहूं की आवक है और मौजूदा समय में 2200 रुपए के आसपास बिक रहा। स्टॉक लिमिट लागू होने से यहां कोई फर्क नहीं है।
नारायण ट्रेडर्स के विजय ओमर ने बताया कि स्टॉक लिमिट का मंडी के व्यापारियों पर कोई खास असर नहीं है। थोक व्यापारी को स्टॉक में 300 मीट्रिक टन की छूट दी गई है। यहां इतना कारोबार ही नहीं होता है।
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गल्ला व्यापारी उदित नारायण तिवारी ने बताया कि गेहूं खरीद के दौरान इसके भाव बढ़े थे और उच्चतम स्तर पर 2350 रुपए तक पहुंच गया था। लेकिन गेहूं खरीद का समय पूर्ण होने व स्टॉक लिमिट लागू किए जाने से अब यह 2200 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है।
गेहूं बेचने आए कलौलीजार के किसान विपिन यादव ने बताया कि गेहूं के भाव कम होने के बाद मजबूरी में बेचना पड़ रहा है। बिजली का बिल, खाद, बीज का पुराना बकाया व कटाई आदि का पैसा देना है।
स्वपनिल त्रिपाठी ने बताया कि कि गेहूं के लागत के हिसाब से अभी समर्थन मूल्य भी नहीं है। गेहूं के दाम बढ़ने से किसानों को थोड़ी राहत हुई थी। सरकार ने स्टॉक लिमिट लगाकर किसानों के साथ कुठाराघात किया है।
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गेहूं के दाम लगातार बढ़ने के कारण केंद्र और प्रदेश सरकार ने गेहूं में स्टॉक लिमिट लगाने के साथ भारतीय खाद्य निगम ने ओपन मार्केट सेल स्कीम (घरेलू) भी लागू कर दी है। जिससे गेहूं के दाम धड़ाम हो गए हैं। मंडी सचिव बृजेश निगम ने बताया कि प्रतिदिन करीब 1000 क्विंटल गेहूं की आवक है और मौजूदा समय में 2200 रुपए के आसपास बिक रहा। स्टॉक लिमिट लागू होने से यहां कोई फर्क नहीं है।
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नारायण ट्रेडर्स के विजय ओमर ने बताया कि स्टॉक लिमिट का मंडी के व्यापारियों पर कोई खास असर नहीं है। थोक व्यापारी को स्टॉक में 300 मीट्रिक टन की छूट दी गई है। यहां इतना कारोबार ही नहीं होता है।
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गल्ला व्यापारी उदित नारायण तिवारी ने बताया कि गेहूं खरीद के दौरान इसके भाव बढ़े थे और उच्चतम स्तर पर 2350 रुपए तक पहुंच गया था। लेकिन गेहूं खरीद का समय पूर्ण होने व स्टॉक लिमिट लागू किए जाने से अब यह 2200 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है।
गेहूं बेचने आए कलौलीजार के किसान विपिन यादव ने बताया कि गेहूं के भाव कम होने के बाद मजबूरी में बेचना पड़ रहा है। बिजली का बिल, खाद, बीज का पुराना बकाया व कटाई आदि का पैसा देना है।
स्वपनिल त्रिपाठी ने बताया कि कि गेहूं के लागत के हिसाब से अभी समर्थन मूल्य भी नहीं है। गेहूं के दाम बढ़ने से किसानों को थोड़ी राहत हुई थी। सरकार ने स्टॉक लिमिट लगाकर किसानों के साथ कुठाराघात किया है।